3 महाद्वीपों में -23°C से 55°C के बीच परीक्षण किया गया
लेह-लद्दाख में उच्च-ऊंचाई वाले मिशन को सफलतापूर्वक पूरा किया, 18,379 फीट की ऊंचाई पर स्थित खारदुंग ला तक पहुँची
अत्यधिक विषम वातावरणों की एक विस्तृत श्रृंखला में विशेष परीक्षण किए गए — डस्ट टनल (धूल भरी सुरंगें), वाटर-वेडिंग ज़ोन (पानी से गुजरने वाले क्षेत्र), शून्य से नीचे का तापमान (sub-zero), खड़ी ढलान, उच्च परिवेशी तापमान और शहर की सड़कें
नई दिल्ली : फ्रांसीसी कार निर्माता रेनो ग्रुप की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी रेनो इंडिया ने आज अपनी बहुप्रतीक्षित और प्रतिष्ठित एसयूवी, रेनो डस्टर के लिए एक बड़े परीक्षण मील का पत्थर हासिल करने की घोषणा की। आगामी नई डस्टर ने एक कठिन वैश्विक परीक्षण को पूरा किया, जिसमें 3 महाद्वीपों में -23°C से 55°C के बीच 10 लाख किलोमीटर तक ड्राइविंग की गई, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि इसे विविध सड़क स्थितियों के लिए व्यापक रूप से इंजीनियर किया गया है।
अत्यधिक टिकाऊपन और प्रदर्शन की यह उपलब्धि नई डस्टर की स्थिति को वास्तव में 'बोर्न-टू-कॉन्कर' (जीतने के लिए पैदा हुई) वाहन के रूप में पुष्ट करती है। नई रेनो डस्टर पिछली पीढ़ी की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है, साथ ही यह मजबूती और सड़क सुरक्षा के मानकों को और ऊपर उठाती है।
व्यापक परीक्षण चरण में ऐसे भू-भाग और मौसम की स्थितियाँ शामिल थीं जो जलवायु परिस्थितियों की परवाह किए बिना डस्टर की स्थिरता, संयम और सहनशक्ति का प्रदर्शन करती हैं।
दीर्घकालिक सहनशक्ति परीक्षण (Endurance test): दुनिया भर में आरएंडडी (R&D) ट्रैक, प्रोविंग ग्राउंड और सार्वजनिक सड़क सर्किटों पर संचयी 10 लाख किलोमीटर की दूरी तय की गई।
एल्टीट्यूड मास्टर (ऊंचाई का उस्ताद): नई डस्टर ने हिमालय की विरल हवा में अपनी क्षमता साबित की, लेह-लद्दाख में उच्च-ऊंचाई वाले मिशनों को सफलतापूर्वक पूरा किया, जिसका समापन दुनिया के सबसे ऊंचे मोटर योग्य दर्रों में से एक, खारदुंग ला (5,602 मीटर / 18,379 फीट) पर परीक्षण रन के साथ हुआ।
क्लाइमेट ट्रायल (जलवायु परीक्षण): थर्मल प्रबंधन (thermal management) को प्रमाणित करने के लिए वाहन को विषम वातावरण में रखा गया, -23°C से 55°C के बीच परीक्षण किया गया, जिसमें शून्य से नीचे की जलवायु परिस्थितियों और उच्च तापमान वाली परिवेशी स्थितियों में विशेष परीक्षण शामिल थे। इसके अतिरिक्त, सभी मौसमों में सीलिंग और घटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए डस्ट टनल और वाटर वेडिंग टेस्ट भी आयोजित किए गए।
इंडियन रोड चैलेंज: अखिल भारतीय सिटी ड्राइव के साथ-साथ NATRAX, ARAI, GARC और ICAT जैसे विशेष सरकारी ट्रैकों पर कड़े परीक्षण किए गए, जिसमें ऊबड़-खाबड़ रास्तों, विभिन्न स्पीड ब्रेकर प्रोफाइल और बम्पर-टू-बम्पर शहरी ट्रैफ़िक की माँगों के लिए वाहन की तत्परता का परीक्षण किया गया।
ग्लोबल ट्यूनिंग: विश्व स्तरीय ड्राइविंग डायनेमिक्स सुनिश्चित करने के लिए ब्राजील, रोमानिया, फ्रांस, चीन और चेक गणराज्य जैसे विविध भौगोलिक क्षेत्रों में ट्यूनिंग ट्रिप आयोजित किए गए।
परीक्षण के इस मील के पत्थर पर टिप्पणी करते हुए, स्टीफन डेबलाइस – सीईओ, रेनो ग्रुप इंडिया ने साझा किया, “तीन महाद्वीपों में 10 लाख किलोमीटर का परीक्षण पूरा करना हमारे लिए केवल एक सत्यापन लक्ष्य नहीं है — यह हमारे इरादे का एक बयान है। हम नई डस्टर को पृथ्वी के सबसे चुनौतीपूर्ण भू-भागों और जलवायु में ले गए हैं, जिसमें हिमालय की चरम स्थितियाँ भी शामिल हैं, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि जब यह 'आइकन' भारत लौटे, तो वह वास्तविक भारतीय स्थितियों के लिए पूरी तरह तैयार हो। हमारा मानना है कि सच्ची क्षमता के साथ जल्दबाजी नहीं की जा सकती। यह मील का पत्थर हमारे आत्मविश्वास को दर्शाता है कि पुनर्जन्म लेने वाली डस्टर को बिना किसी समझौते के प्रदर्शन, सुरक्षा और टिकाऊपन देने के लिए इंजीनियर किया गया है — चाहे वह कहीं भी या कैसे भी चलाई जाए।”
नई डस्टर को इसके आधिकारिक अनावरण के साथ एक गेम-चेंजर के रूप में डिजाइन और इंजीनियर किया गया है। यह मजबूती और आधुनिक हैंडलिंग का एक परिष्कृत संतुलन हासिल करती है, जो उच्च गति और मोड़ों पर भी सुनिश्चित ड्राइव प्रदान करती है, जबकि डस्टर के नाम के साथ जुड़ी असाधारण 'रफ-रोड' क्षमता को बनाए रखती है।
इस प्रतिष्ठित एसयूवी (Icon) का अनावरण गणतंत्र दिवस – 26 जनवरी 2026 को किया जाएगा।