मुंबई : देश के सबसे बड़े ऋणदाता, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने आज 31 मार्च, 2026 को समाप्त तिमाही और पूरे वित्तीय वर्ष के लिए अपने वित्तीय परिणामों की घोषणा की है। बैंक ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। बैंक का वार्षिक शुद्ध लाभ पहली बार ₹80,000 करोड़ के आंकड़े को पार करते हुए ₹80,032 करोड़ पर पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 12.88% की प्रभावशाली वृद्धि दर्शाता है। वित्त वर्ष की चौथी तिमाही (Q4FY26) में बैंक ने ₹19,684 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया।
इस वर्ष की सबसे बड़ी उपलब्धि बैंक के कुल कारोबार का ₹109 ट्रिलियन (₹109 लाख करोड़) के ऐतिहासिक स्तर को पार करना रहा। जमा और अग्रिम दोनों मोर्चों पर बैंक ने मजबूत पकड़ बनाए रखी है। कुल जमा राशि ₹59.8 ट्रिलियन तक पहुंच गई, जबकि कुल अग्रिम (Advances) ₹49.3 ट्रिलियन रहा। घरेलू अग्रिमों में 16.33% की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई। विशेष रूप से, बैंक का कृषि पोर्टफोलियो ₹4 ट्रिलियन के पार निकल गया है, जबकि एसएमई (SME) और रिटेल अग्रिमों में क्रमशः 20.99% और 17.11% की वृद्धि हुई है।
लाभप्रदता और दक्षता के मामले में भी बैंक का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा। वित्त वर्ष 2026 के लिए परिचालन लाभ (Operating Profit) 11.25% बढ़कर ₹1,23,015 करोड़ हो गया। पूरे वर्ष के लिए बैंक का रिटर्न ऑन एसेट्स (ROA) 1.12% और रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 18.57% रहा। पिछले वित्त वर्ष की तुलना में इस वर्ष शुद्ध ब्याज आय (NII) में भी 4.08% की बढ़त देखी गई।
एसबीआई ने अपनी बैलेंस शीट को मजबूत बनाए रखा है और विदेशी कार्यालयों के अग्रिमों में भी 20.01% की वार्षिक वृद्धि दर्ज की है। इन परिणामों के साथ, भारतीय स्टेट बैंक ने तकनीक, व्यापक विस्तार और ग्राहकों के भरोसे के दम पर भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में अपने वर्चस्व को और अधिक सुदृढ़ किया है।