मुंबई: भारत के कॉर्पोरेट जगत में समलैंगिक और लैंगिक विविधता वाले समुदाय
(एलजीबीटीक्यूआईए+) लोगों को शामिल करने से जुड़े संवाद में तेज़ी आई है, लेकिन देश
में रोज़गार के सबसे बड़े स्रोतों में से एक - विनिर्माण क्षेत्र - इस चर्चा से काफी
हद तक दूर रहा है। इस कमी को दूर करने के लिए, गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (जीसीपीएल) ने
‘प्राइड इन मैन्युफैक्चरिंग’ टूलकिट लॉन्च किया। यह एक खास किस्म का व्यावहारिक टूलकिट
है, जिसे संगठनों को एलजीबीटीक्यूआईए+ प्रतिभा के लिए सुरक्षित, बराबरी
वाले और समावेशी विनिर्माण कार्यस्थल तैयार करने में मदद करने के लिए तैयार किया
गया है।
इस टूलकिट को एक साथ दो जगहों पर लॉन्च किया गया। मुंबई में कंपनी के मुख्यालय
‘गोदरेज वन’ में गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के मुख्य कार्यकारी और प्रबंध
निदेशक, सुधीर सीतापति और तमिलनाडु में कंपनी की विनिर्माण इकाई में गोदरेज
कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के वैश्विक प्रमुख – मानव संसाधन, वैभव राम ने इसे लॉन्च
किया। यह टूलकिट जीसीपीएल की उस प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है जिसके तहत वह
समावेशी कार्यस्थल को बढ़ावा देना चाहती है और हर व्यक्ति को भाग लेने, योगदान
करने और आगे बढ़ने का अवसर प्रदान कर भारत के विनिर्माण कार्यबल को मज़बूती प्रदान
करना चाहती है।
इसे ‘ट्रांसफॉर्मिस’ (समावेश एवं विविधता से जुड़ी प्रमुख परामर्श कंपनी) और
सोनीपत स्थित अशोका यूनिवर्सिटी की छात्रा अंतरा रॉय चौधरी की साझेदारी में विकसित
किया गया है। ‘प्राइड इन मैन्युफैक्चरिंग’ टूलकिट कार्यस्थल पर समावेश से जुड़ी महत्वपूर्ण कमी की भरपाई
करता है। भारत में अनुमानित तौर पर 4.54 करोड़ लोग ऐसे हैं जो खुद को एलजीबीटीक्यूआईए+ की पहचान
से जोड़ते हैं, लेकिन कार्यस्थल में सबको साथ लेकर चलना अभी भी बड़ी चुनौती है। 34% लोग अपनी
पहचान के बारे में खुलकर बात करने में व्यक्तिगत सुरक्षा की चिंता को बड़ी बाधा मानते
हैं। कानूनी संदर्भ, उद्योग की जानकारी, समावेशी कार्यस्थल की प्रथा और वास्तविक हालात को
मिलाकर, यह टूलकिट नेतृत्व, प्रबंधकों और टीमों को सम्मान तथा अपनापन महसूस कराने
वाली संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए व्यावहारिक दिशानिर्देश प्रदान करता है, साथ ही
अपेक्षाकृत अधिक समावेशी और भविष्य के लिए तैयार विनिर्माण कार्यस्थल के निर्माण
में मदद करता है।
विनिर्माण भारत के सबसे बड़े रोज़गार क्षेत्रों में से एक है, फिर भी एलजीबीटीक्यूआईए+ लोगों को
शामिल करने से जुड़ा संवाद अक्सर कॉर्पोरेट माहौल तक ही सीमित रहा है। विनिर्माण
कार्यस्थल की विशिष्ट परिचालन और सांस्कृतिक वास्तविकताओं को समझते हुए, यह टूलकिट
समावेशी नियुक्ति, कार्यस्थल बुनियादी ढांचा, कर्मचारियों
को जागरूक करने, नेतृत्व की जवाबदेही और ऐसा माहौल बनाने पर
व्यावहारिक सुझाव देता है जहां अलग-अलग तरह की प्रतिभा को सफल होने और आगे बढ़ने का
अवसर मिलता है।
गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड के प्रबंध
निदेशक और मुख्य कार्यकारी, सुधीर सीतापति ने
टूलकिट लॉन्च करते हुए कहा, "हमारे लिए, समावेश कभी भी किसी कार्यक्रम या कुछ निश्चित समयसीमा के लिए किया जाने वाला काम नहीं
रहा है, बल्कि यह हमारी सोच या विश्वास का अंग है। यह विश्वास सरल, सुनिश्चित
विचार पर आधारित है कि हर व्यक्ति सम्मान, इज्ज़त और अपने मौलिक अधिकारों का इस्तेमाल करने की
आज़ादी का हकदार है। यह टूलकिट उसी दिशा में एक कदम है। यह व्यावहारिक
मार्गनिर्देश, कार्यस्थल की स्थितियों, कानूनी जानकारी और रोज़मर्रा के कामों को एक साथ पेश
करता है ताकि नेतृत्व, प्रबंधक और विभिन्न टीमें एलजीबीटीक्यूआईए+ कर्मचारियों
के लिए सुरक्षित और अधिक समावेशी विनिर्माण का माहौल तैयार कर सकें। समावेश असल
में छोटे-छोटे, लगातार लिए जाने वाले फैसलों से होता है, जैसे हम
अपने कार्यस्थल को कैसे डिज़ाइन करते हैं, कैसे फैसले लेते हैं और एक-दूसरे के साथ कैसा व्यवहार
करते हैं।"
गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड के वैश्विक
प्रमुख – मानव संसाधन, वैभव राम ने कहा, "विनिर्माण
भारत के विकास के मुख्य अंगों में से एक है, और जीसीपीएल अपने विनिर्माण परिचालन को अधिक समावेशी
बनाने का प्रयास कर रही है। अभी, हमारे चेंगलपट्टू संयत्र में एलजीबीटीक्यूआईए+ भागीदारी 3% है और
समावेश बढ़ाने की कोशिशें जारी हैं। इससे स्पष्ट है कि जब समावेश उचित मंशा और काम
के साथ होता है, तो कितना लाभप्रद हो सकता है। 'प्राइड इन मैन्युफैक्चरिंग' टूलकिट इस
सफर में मिली सीख और अनुभवों का परिणाम है। हमें उम्मीद है कि इससे दूसरे संगठनों
को विनिर्माण में समावेश करने या इसे बढ़ाने में मदद मिलेगी।"
यह लॉन्च जीसीपीएल की उस निरंतर कोशिश का अंग है जिसके तहत वह अपने सभी
परिचालनों में विविधता, समानता और समावेश को बढ़ावा
दे रही है और ऐसी कार्यस्थल संस्कृति का निर्माण कर रही है, जहां हर व्यक्ति
तरक्की कर सके।