·
डेटा सेंटरों में जेनेटेक इंटीग्रेशन के
साथ इंटीग्रेटेड की मैनेजमेंट सॉल्यूशन तैनात, भारत में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के
अगले चरण के विकास को मिलेगा समर्थन
मुंबई:
गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप (जीईजी)
के सिक्योरिटी सॉल्यूशंस कारोबार ने भारत के तेजी से विस्तार कर रहे डिजिटल
इंफ्रास्ट्रक्चर सुरक्षा क्षेत्र में अपनी मौजूदगी मजबूत की है। कंपनी को योट्टा और
एनटीटी डाटा सेंटर की ओर से एकीकृत की मैनेजमेंट सॉल्यूशन तैनात करने का अनुबंध
मिला है, जिसे जेनेटेक
सिक्योरिटी प्लेटफॉर्म के साथ निर्बाध रूप से इंटीग्रेट किया गया है।
यह अनुबंध एक
सफल लाइव प्रदर्शन के बाद प्रदान किया गया। इस प्रदर्शन में केंद्रीकृत की
मैनेजमेंट, परिचालन दक्षता, मौजूदा और भविष्य के जेनेटेक सॉफ्टवेयर
संस्करणों के साथ अनुकूलता तथा बेहतर सुरक्षा क्षमताओं का प्रदर्शन किया गया। यह
अवसर गोदरेज के रणनीतिक टेक्नोलॉजी पार्टनर जेनेटेक के माध्यम से
मिला। जेनेटेक ने
महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा में कंपनी की सिद्ध इंटीग्रेशन क्षमताओं और
विशेषज्ञता को देखते हुए इस समाधान की सिफारिश की थी। गोदरेज फिलहाल भारत में जेनेटेक के साथ
इंटीग्रेटेड एकमात्र संगठन है, जिससे कंपनी को इस क्षेत्र में शुरुआती बढ़त हासिल
है। जो शुरुआत में एक डेटा सेंटर के लिए मिले अनुबंध तक सीमित थी, वह बाद में कई
डेटा सेंटरों तक विस्तारित हो गई। यह विस्तार योट्टा और एनटीटी के साथ गोदरेज
के मजबूत हितधारक संबंधों के कारण संभव हुआ।
जैसे-जैसे भारत
एक डिजिटल रूप से सशक्त और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्था बनने की
दिशा में आगे बढ़ रहा है, डेटा सेंटर राष्ट्रीय इंफ्रास्ट्रक्चर के एक महत्वपूर्ण
स्तंभ के रूप में उभर रहे हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), क्लाउड
कंप्यूटिंग, डिजिटल भुगतान, एंटरप्राइज डिजिटाइजेशन, ई-गवर्नेंस और डेटा
लोकलाइजेशन के तेजी से बढ़ते उपयोग से देशभर में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश
को गति मिल रही है।
भारत की
परिचालन डेटा सेंटर क्षमता 2028 तक 3 गीगावाट (GW) से अधिक होने की उम्मीद है, जिससे देश एशिया-प्रशांत
क्षेत्र के सबसे तेजी से बढ़ते डेटा सेंटर बाजारों में शामिल हो जाएगा। डिजिटल
इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के साथ अब ध्यान केवल क्षमता बढ़ाने तक सीमित नहीं है,
बल्कि मजबूती, सुरक्षा, अनुपालन और परिचालन निरंतरता पर भी तेजी से केंद्रित हो
रहा है।
इस माहौल में
इंटेलिजेंट एक्सेस मैनेजमेंट, ऑडिट के लिए तैयार सुरक्षा प्रणालियां और एकीकृत
इंफ्रास्ट्रक्चर सुरक्षा डेटा सेंटर ऑपरेटरों के लिए कारोबार की महत्वपूर्ण जरूरत
बनती जा रही हैं।
हवाई अड्डों,
बैंकिंग संस्थानों, सरकारी प्रतिष्ठानों, विनिर्माण इकाइयों और अन्य महत्वपूर्ण
इंफ्रास्ट्रक्चर परिसंपत्तियों की सुरक्षा में दशकों के अनुभव के आधार पर गोदरेज
एंटरप्राइजेज ग्रुप अब उन्नत एक्सेस मैनेजमेंट और एकीकृत सुरक्षा समाधानों के
माध्यम से डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर इकोसिस्टम में अपनी क्षमताओं का विस्तार कर रहा
है। ये समाधान मिशन-क्रिटिकल वातावरण के लिए तैयार किए गए हैं।
यह महत्वपूर्ण
अनुबंध गोदरेज के सिक्योरिटी सॉल्यूशंस कारोबार के एक पारंपरिक फिजिकल सिक्योरिटी
प्रदाता से टेक्नोलॉजी-आधारित सॉल्यूशंस पार्टनर के रूप में विकसित होने को
दर्शाता है। कंपनी अब फिजिकल और डिजिटल, दोनों तरह के इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा
में सहयोग कर रही है।
कंपनी का
लक्ष्य अगले दो वर्षों में विशेष रूप से डेटा सेंटर क्षेत्र से 50 करोड़ रुपये का
राजस्व हासिल करना है। इसके लिए कंपनी मिशन-क्रिटिकल सुविधाओं के लिए इंटीग्रेटेड
सिक्योरिटी, की मैनेजमेंट, एक्सेस कंट्रोल और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोटेक्शन समाधानों
के अपने पोर्टफोलियो का विस्तार कर रही है।
गोदरेज
एंटरप्राइजेज ग्रुप के सिक्योरिटी सॉल्यूशंस कारोबार के बिजनेस हेड पुष्कर गोखले
ने कहा, “जैसे-जैसे भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था का विस्तार हो रहा है, डेटा सेंटर
महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर परिसंपत्तियों के रूप में उभर रहे हैं। ये क्लाउड
सेवाओं और एआई वर्कलोड
से लेकर डिजिटल भुगतान और एंटरप्राइज संचालन तक हर चीज को संचालित करते हैं। ऐसे
इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा के लिए ऐसे समाधानों की जरूरत है, जो केवल अलग-अलग
प्रणालियों तक सीमित न हों, बल्कि बड़े पैमाने पर अत्यधिक सुरक्षित एंड-टू-एंड
विजिबिलिटी, ट्रेसबिलिटी, इंटीग्रेशन और परिचालन दक्षता प्रदान करें।”
उन्होंने कहा,
“डेटा सेंटरों के साथ हमारा जुड़ाव फिजिकल सिक्योरिटी, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और
इंटेलिजेंट टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म के बीच बढ़ते तालमेल को दर्शाता है। यह हमारी
डिजाइन और इंजीनियरिंग क्षमताओं, टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप और सॉल्यूशन-केंद्रित
दृष्टिकोण की मजबूती को भी प्रदर्शित करता है। हम भविष्य के लिए तैयार सुरक्षा
समाधानों के माध्यम से भारत की डिजिटल परिवर्तन यात्रा में सहयोग देने के लिए
प्रतिबद्ध हैं, जो मजबूत, सुरक्षित और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी
इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने में मदद करेंगे।”
योट्टा और एनटीटी से मिला यह
अनुबंध गोदरेज के उच्च-विकास वाले महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्रों में
लगातार विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। अपने रिसर्च, डेवलपमेंट और
इंजीनियरिंग विशेषज्ञता को एक साथ लाते हुए गोदरेज का सिक्योरिटी कारोबार
अत्याधुनिक एकीकृत सुरक्षा समाधान उपलब्ध कराना जारी रखे हुए है। इससे भारत के
डिजिटल और फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर की अगली पीढ़ी को सुरक्षित बनाने में एक
महत्वपूर्ण साझेदार के रूप में कंपनी की स्थिति और मजबूत होगी।
इसी तरह की
पहलों के माध्यम से गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप भारत के विकास के अगले चरण के लिए
आवश्यक क्षमताओं के निर्माण में योगदान दे रहा है। इससे आर्थिक विकास, नवाचार और
प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।