मुंबई : एसबीआई रिसर्च (SBI Research) की नवीनतम 'इकोवैप' (Ecowrap) रिपोर्ट के अनुसार, 2024 की नई सीरीज की शुरुआत के साथ भारत के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) मुद्रास्फीति के आंकड़ों में बड़ा बदलाव आया है। रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी 2026 के लिए हेडलाइन इन्फ्लेशन (Headline Inflation) नई सीरीज के तहत 2.75% रही, जो पुरानी सीरीज के आधार पर 2.55% अनुमानित थी। सबसे महत्वपूर्ण बदलाव कोर इन्फ्लेशन (Core Inflation) में देखा गया है, जो नई सीरीज में गिरकर 3.4% पर आ गई है, जबकि पुरानी सीरीज के अनुसार यह लगभग 4.15% थी।
रिपोर्ट में बताया गया है कि कोर इन्फ्लेशन में इस गिरावट का मुख्य कारण सोने (Gold) के वेटेज में की गई कटौती है, जिसे 2012 की सीरीज के 1.08% से घटाकर अब 0.62% कर दिया गया है। नई पद्धति के तहत ग्रामीण मुद्रास्फीति 2.73% और शहरी मुद्रास्फीति 2.77% दर्ज की गई, जबकि खाद्य मुद्रास्फीति 2.13% पर रही। नई सीरीज में 'पर्सनल केयर' विभाग में 19.02% की उच्च मुद्रास्फीति देखी गई, जिसका मुख्य कारण वैश्विक स्तर पर सोने की कीमतों में आया उछाल है।
एसबीआई रिसर्च का मानना है कि नई सीरीज सांख्यिकीय 'शोर' (Noise) को कम करेगी और अर्थव्यवस्था का अधिक व्यापक और सटीक चित्र पेश करेगी। आधार वर्ष और वेटेज में बदलाव के कारण अब यह इंडेक्स भारतीय परिवारों के वर्तमान खर्च करने के तौर-तरीकों के अधिक करीब है। यह नई सीरीज केंद्रीय बैंक और सरकार को महंगाई पर नियंत्रण पाने के लिए अधिक प्रभावी नीतियां बनाने में मदद करेगी, क्योंकि यह आधुनिक खपत की वास्तविकताओं को बेहतर ढंग से दर्शाती है।