मुंबई : एसबीआई रिसर्च की नवीनतम 'इकोव्रैप' (Ecowrap) रिपोर्ट भारतीय अर्थव्यवस्था में एक अनूठा रुझान रेखांकित करती है। रिपोर्ट इसे "हाइब्रिड भुगतान संतुलन" (hybrid payments equilibrium) करार देती है, जहाँ भौतिक नकदी और डिजिटल भुगतान दोनों एक साथ रिकॉर्ड वृद्धि हासिल कर रहे हैं
वित्त वर्ष 2026 (FY26) में, चलन में मौजूद मुद्रा (CiC) 11.9% की वृद्धि के साथ 41.6 लाख करोड़ रुपये के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई
नकदी रखने का 'एहतियाती उद्देश्य'
रिपोर्ट नकदी रखने के "एहतियाती उद्देश्य" (precautionary motive) में उल्लेखनीय वृद्धि की ओर इशारा करती है, जो सामान्य लेनदेन से अलग है। विश्लेषण से पता चलता है कि प्रति व्यक्ति CiC और एटीएम से निकासी के बीच का अंतर FY24 में 1,804 रुपये से बढ़कर FY26 में 9,127 रुपये हो गया है, जो कि 5 गुना वृद्धि है
नोटों का चलन और CBDC
आंकड़े बताते हैं कि मार्च 2026 तक मूल्य के आधार पर 500 रुपये के नोटों की हिस्सेदारी 86% रही
निष्कर्षतः, रिपोर्ट का कहना है कि भारत नकदी पर अधिक निर्भर नहीं हो रहा है, बल्कि अर्थव्यवस्था के विस्तार के साथ-साथ नकदी और डिजिटल दोनों प्रणालियाँ एक-दूसरे की पूरक बनकर उपभोक्ताओं की विभिन्न जरूरतों को पूरा कर रही हैं