नई दिल्ली : फर्टिलाइज़र एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया (FAI) ने
आज नई दिल्ली में
अपने 61वें वार्षिक सेमिनार
2025 का उद्घाटन भारत में समन्वित
पोषक प्रबंधन और जलवायु-स्मार्ट
कृषि को तेज़ी से
अपनाने के मजबूत आह्वान
के साथ किया। “हरित भविष्य
के लिए उर्वरक प्रबंधन: किसानों के सशक्तिकरण को गति देना” थीम पर आधारित
यह सेमिनार देश की बदलती
पोषक पारिस्थितिकी और दीर्घकालिक खाद्य
सुरक्षा तथा मृदा-स्वास्थ्य
के लिए आवश्यक सुधारों
पर तीन दिवसीय उच्च-स्तरीय चर्चाओं का मंच बना।
यह सेमिनार 10–12 दिसंबर तक पुलमैन नई
दिल्ली में आयोजित किया
जा रहा है।
उद्घाटन सत्र को संबोधित
करते हुए रसायन एवं
उर्वरक मंत्रालय के उर्वरक विभाग
के सचिव श्री रजत कुमार मिश्रा ने कहा,
“देश की खाद्य सुरक्षा
के संरक्षक होने के नाते
हमें ऐसे भविष्य को
अपनाना होगा जहाँ अकार्बनिक
और कार्बनिक समाधान साथ-साथ आगे
बढ़ें, सटीक कृषि तकनीकें
हर गाँव तक पहुँचें
और नैनो उर्वरकों जैसे
नवाचारों को व्यावसायिक उत्पाद
नहीं, बल्कि राष्ट्रीय मिशन के रूप
में आगे बढ़ाया जाए।
कम होती कृषि भूमि,
बढ़ती मांग और बदलता
जलवायु हमें यह संदेश
दे रहे हैं कि
नीतियों, विज्ञान और उद्योग—सभी
को मिलकर एक सुदृढ़ पोषक
पारिस्थितिकी का निर्माण करना
होगा जो हमारे किसानों
और हमारे भविष्य दोनों की रक्षा कर
सके।”
अपने विचार साझा करते हुए
श्री एस. शंकरासुब्रमणियन, अध्यक्ष, FAI और प्रबंध निदेशक
एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, कोरमंडल इंटरनेशनल, ने कहा,
“इस वर्ष के सेमिनार
की थीम हमारी सामूहिक
दृष्टि को दर्शाती है—एक ऐसी टिकाऊ
और लचीली कृषि प्रणाली का
निर्माण, जो न केवल
खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करे बल्कि आने
वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण
की भी रक्षा करे।
अब समय आ गया
है कि हम केवल
उत्पादकता-केंद्रित दृष्टिकोण से आगे बढ़कर
उत्पादकता और स्थिरता के
बीच संतुलन स्थापित करें।”
उद्घाटन दिवस के दौरान
FAI की चार महत्वपूर्ण प्रकाशन
सामग्री का विमोचन भी
किया गया—
फर्टिलाइज़र स्टैटिस्टिक्स 2024-25,
स्पेशियलिटी फर्टिलाइज़र और माइक्रोन्यूट्रिएंट स्टैटिस्टिक्स 2024-25,
सस्टेनेबल सॉयल एंड न्यूट्रिएंट मैनेजमेंट इन इंडिया, और फर्टिलाइज़र (कंट्रोल) ऑर्डर 1985 का नवीनतम संस्करण।
FAI ने इस अवसर पर
उर्वरक क्षेत्र में उत्कृष्टता को
भी सम्मानित किया। पुरस्कार कार्यक्रम में उत्पादन प्रदर्शन,
तकनीकी नवाचार, सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, डिजिटल फार्मिंग, बायो एवं ऑर्गेनिक
उर्वरकों के प्रसार, सूक्ष्म
पोषक तत्व विपणन, कृषि-तकनीक हस्तांतरण और रचनात्मक संचार
सहित कई श्रेणियों में
उपलब्धियों को मान्यता दी
गई।
इस आयोजन में 1500 से अधिक प्रतिनिधियों
ने भाग लिया, जिनमें
वैश्विक आपूर्ति भागीदार, नीति-निर्माता, वैज्ञानिक,
उद्योग नेतृत्वकर्ता, तकनीकी नवप्रवर्तक, पर्यावरण विशेषज्ञ और किसान प्रतिनिधि
शामिल थे। उद्घाटन सत्र
में डॉ. सुरेश कुमार चौधरी, महानिदेशक, FAI, तथा डॉ. सिबा प्रसाद मोहंती, सह-अध्यक्ष, FAI और
प्रबंध निदेशक, हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड
की उपस्थिति भी रही।