नई दिल्ली : फर्टिलाइजर एसोसिएशन ऑफ इंडिया (FAI) ने अप्रैल-नवंबर 2025 की अवधि के लिए अनंतिम आंकड़े जारी किए हैं, जो भारत की उर्वरक आपूर्ति श्रृंखला में एक बड़े संरचनात्मक बदलाव का संकेत देते हैं। आंकड़ों के अनुसार, देश भर में पोषक तत्वों की उपलब्धता बनाए रखने के लिए आयात पर निर्भरता बढ़ी है, विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जहां घरेलू उत्पादन में मामूली गिरावट देखी गई है। इस अवधि के दौरान यूरिया की बिक्री 25.40 मिलियन टन तक पहुंच गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 2.3% की वृद्धि दर्शाती है। इस मांग को पूरा करने के लिए यूरिया के आयात में 120.3% का भारी उछाल देखा गया, जो कुल 7.17 मिलियन टन रहा, क्योंकि घरेलू उत्पादन में 3.7% की कमी आई थी।
फॉस्फेटिक सेगमेंट की बात करें तो, डी-अमोनियम फॉस्फेट (DAP) की बिक्री 7.12 मिलियन टन के साथ लगभग स्थिर रही, जिसमें 1.0% की मामूली गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, DAP के लिए आयात पर निर्भरता काफी बढ़ गई है, जो अब कुल पोषक तत्व मांग का 67% हिस्सा है, जबकि पिछले साल यह 56% था। घरेलू DAP उत्पादन 5.2% घटकर 2.68 मिलियन टन रह गया, जबकि इसका आयात 54.4% बढ़कर 5.54 मिलियन टन हो गया। FAI के अध्यक्ष श्री एस. शंकरसुब्रमण्यम ने कहा कि आयात पर यह निर्भरता किसानों के लिए उर्वरकों की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु रणनीतिक आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन के महत्व को दर्शाती है।
रिपोर्ट में संतुलित पोषक तत्वों के उपयोग की दिशा में भी सकारात्मक रुझान दिखा है, जहां NP और NPK कॉम्प्लेक्स उर्वरकों का उत्पादन 13.8% बढ़कर 8.15 मिलियन टन हो गया। इस श्रेणी में बिक्री स्थिर रही, लेकिन आयात लगभग दोगुना होकर 2.72 मिलियन टन तक पहुंच गया। इसके अलावा, स्वदेशी सिंगल सुपर फॉस्फेट (SSP) ने मजबूत वृद्धि प्रदर्शित की, जिसकी बिक्री 15.0% बढ़कर 4.16 मिलियन टन हो गई। यह स्वदेशी फॉस्फेटिक उर्वरकों में किसानों के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है। MOP की बिक्री में भी 8.6% की वृद्धि देखी गई। FAI के महानिदेशक डॉ. सुरेश कुमार चौधरी ने जोर देकर कहा कि क्षेत्र नियोजित आयात के माध्यम से महत्वपूर्ण पोषक तत्वों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है और साथ ही SSP जैसे घरेलू उर्वरकों के उत्पादन को भी मजबूत कर रहा है।