यह फंड सक्रिय आवंटन के
ढांचे का पालन करता है, जिसमें
विविधीकरण और मुद्रास्फीति से बचाव के लिए सोना और चांदी जैसे धातुओं, संभावित स्थिरता के लिए निश्चित आय और दीर्घकालिक धन सृजन के लिए इक्विटी को
शामिल किया गया है।
मुंबई
: पैंटोमैथ
फाइनेंशियल सर्विसेज़ ग्रुप के तहत भारत के सबसे तेज़ी से बढ़ते एएमसी में से एक, द वेल्थ कंपनी
एसेट मैनेजमेंट होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड, 'द वेल्थ कंपनी
मल्टी एसेट एलोकेशन फंड'
लॉन्च कर रही है। यह ट्रू-टू-लेबल (पारदर्शी और भरोसेमंद) हाइब्रिड, कमोडिटी-एंकर्ड
मल्टी-एसेट फंड इक्विटी फंड,
डेट और कमॉडिटी को सक्रियता से संतुलित करेगा। इस तरह, यह निवेशकों को
विभिन्न किस्म के बाज़ार चक्रों में लचीला और विविधीकृत पोर्टफोलियो प्रदान कर
दीर्घकालिक धन सृजन में मदद करता है। नया फंड ऑफर (एनएफओ) 19 नवंबर, 2025 को
खुलेगा और 3
दिसंबर,
2025 को बंद होगा।
यह फंड सक्रिय आवंटन ढांचे का पालन करता है, जिसमें
विविधीकरण और मुद्रास्फीति से बचाव के लिए सोना और चांदी जैसी धातुओं, संभावित
स्थिरता के लिए निश्चित आय और दीर्घकालिक धन सृजन के लिए इक्विटी का संयोजन किया
गया है। हर परिसंपत्ति वर्ग विकास, संभावित स्थिरता और जोखिम-समायोजित लाभ प्रदान करने में एक
विशिष्ट भूमिका निभाने का प्रयास करता है।

यह फंड अपने हाइब्रिड (मिले-जुले) स्वरूप के कारण अलग किस्म
का है, जो
अनुकूल कर ढांचे का लाभ उठाते हुए, विभिन्न परिसंपत्ति वर्गों में गतिशील रूप से आगे बढ़ने के
लिए व्यापक लचीलापन प्रदान करता है। वेल्थ कंपनी मल्टी एसेट एलोकेशन फंड का लक्ष्य
है, आयकर अधिनियम के तहत हाइब्रिड कराधान की आवश्यकताओं के अनुरूप परिसंपत्ति
(एसेट) मिश्रण को बनाए रखना।
कमॉडिटी में 50% तक आवंटन करने की क्षमता के साथ, यह फंड
प्रबंधकों को बदलती वृहद आर्थिक और बाज़ार स्थितियों के आधार पर अपनी स्थिति को
समायोजित करने की अधिक स्वतंत्रता प्रदान करता है। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि पोर्टफोलियो वैकल्पिक परिसंपत्तियों का अवशिष्ट धारक (रेसिड्यूअल होल्डर) बने रहने
के बजाय, सक्रिय और दूरदर्शी आवंटक की भूमिका निभाए, जो विभिन्न बाज़ार चक्रों में अवसरों का लाभ उठाने और समय के साथ अधिक सहज, जोखिम-समायोजित रिटर्न प्रदान करने के लिए तैयार किया गया हो।
द वेल्थ कंपनी म्यूचुअल फंड की सीआईओ-इक्विटी, सुश्री
अपर्णा शंकर ने एनएफओ लॉन्च के बारे में विस्तार से बताते
हुए कहा, "वेल्थ
कंपनी म्यूचुअल फंड में,
हमारा मानना है कि परिसंपत्ति आवंटन दीर्घकालिक धन सृजन और संरक्षण की
आधारशिला है। हम भारत के लोग हमेशा से बचतकर्ता रहे हैं, हमारे लॉकरों
में सोना और हमारे परिवारों में अचल संपत्ति रही है। हमारा मल्टी-एलोकेशन फंड हर परिस्थिति
में सफलता की संभावनाओं वाली परिसंपत्तियों में निवेश करता है। इसमें इक्विटी और डेट, साथ ही अब इसमें
वाणिज्यिक अचल संपत्ति (रीयल एस्टेट) भी शामिल है, जिसका उद्देश्य
है आधुनिक तरलता के साथ स्थिर रिटर्न प्रदान करना। यह पुराने दौर के संतुलन को
परिष्कार और सहजता के साथ पेश करने का प्रयास है।"
द वेल्थ कंपनी म्यूचुअल फंड के सीआईओ -डेट, श्री उमेश शर्मा ने
आगे कहा,
"इक्विटी और डेट के साथ कमॉडिटी को उचित स्थान देकर, हम विविधीकृत विकल्प
तैयार कर रहे हैं जो सिर्फ दिखने में ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक
रूप से भी कारगर हो। फंड में निहित परिसंपत्ति आवंटन का लचीलापन हमें बेहतर
जोखिम-समायोजित परिणामों के साथ डेट की संभावित स्थिरता, कमोडिटी की
हेजिंग प्रकृति और इक्विटी की दीर्घकालिक वृद्धि को प्राप्त करने में मदद करता है।
हम ऐसे पोर्टफोलियो तैयार करना चाहते हैं जो हर बाज़ार चक्र में, पूरे विश्वास
के साथ, अच्छा
प्रदर्शन करें।"
इन सबको मिलाकर उस अवधारणा का निर्माण होता है जिसे एएमसी
"भारत का निर्माण करने वाली निरंतरता" के रूप में परिभाषित करती है। यह इस विश्वास
को दर्शाता है कि भारत के विकास का अगला चरण बाज़ार और नवोन्मेष के साथ-साथ रीयल एस्टेट
और विनिर्माण से भी समान रूप से प्रेरित होगा।