• संगोष्ठी में सेबी अध्यक्ष श्री तुहिन कांता पांडेय मुख्य अतिथि के रूप में
उपस्थित रहे
• पहली बार आयोजित सीडीएसएल ‘रीइमैजिन आइडियाथॉन’
में पांच टीमों को कुल ₹12 लाख के
पुरस्कार प्रदान किए गए
• संगोष्ठी में पहली बार एक एआई आधारित
पैनलिस्ट भी शामिल हुआ
• सेबी अध्यक्ष श्री तुहिन कांता पांडेय ने रोचक
कहानी शैली के माध्यम से जागरूक निवेश को बढ़ावा देने हेतु सीडीएसएल आईपीएफ की
‘अमर चित्र कथा’ कॉमिक श्रृंखला का शुभारंभ किया
मुंबई : एशिया की पहली सूचीबद्ध डिपॉजिटरी और 17.5 करोड़ से अधिक डीमैट खातों की
विश्वसनीय संरक्षक संस्था, सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज (इंडिया) लिमिटेड (सीडीएसएल) ने मुंबई में अपनी वार्षिक
संगोष्ठी के तीसरे संस्करण “रीइमैजिन: सिक्योरिटीज मार्केट थ्रू डाटा सिनर्जी” का आयोजन किया। इस संगोष्ठी में नीति-निर्माताओं,
नियामकों, प्रमुख मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर संस्थानों (एमआईआई), मध्यस्थों, उद्योग जगत के नेताओं और प्रौद्योगिकी नवप्रवर्तकों ने भाग लिया और
भविष्य के लिए तैयार प्रतिभूति बाजार के निर्माण में डेटा की भूमिका पर
विचार-विमर्श किया।
रीइमैजिन मंच के अंतर्गत, सीडीएसएल ने रीइमैजिन आइडियाथॉन 2026 के विजेताओं की भी घोषणा की। यह एक राष्ट्रव्यापी
प्रतियोगिता थी, जिसमें छात्रों को विकसित भारत के लिए निवेशक शिक्षा को नए
दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया गया था।
रीइमैजिन संगोष्ठी की अध्यक्षता भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के
अध्यक्ष श्री तुहिन कांता पांडेय ने मुख्य अतिथि के रूप में की। इस अवसर पर सेबी
के पूर्णकालिक सदस्य श्री संदीप प्रधान और एचडीएफसी के पूर्व उपाध्यक्ष एवं मुख्य
कार्यकारी अधिकारी श्री केकी मिस्त्री विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। साथ
ही प्रतिभूति बाजार पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़े अनेक प्रतिष्ठित वक्ता और
पैनलिस्ट भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
इस अवसर पर सेबी अध्यक्ष श्री तुहिन कांता पांडेय ने कहा,
“दशकों तक जब हम बाजार अवसंरचना की बात करते थे, तो
उसका अर्थ स्टॉक एक्सचेंज, क्लियरिंग कॉरपोरेशन और डिपॉजिटरी जैसे संस्थानों से
होता था। आज एक और परत उतनी ही महत्वपूर्ण हो गई है, जो भले ही दिखाई न दे, लेकिन
अत्यंत आवश्यक है — और वह है डेटा। डेटा आज पूंजी बाजारों की नई पाइपलाइन बन चुका है: अदृश्य, लेकिन अनिवार्य और शक्तिशाली। ऐसे समय में डेटा की
गुणवत्ता, उसकी सुरक्षा और उसके उपयोग को दिशा देने वाली शासन व्यवस्था (गवर्नेंस
फ्रेमवर्क) उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी पूंजी और तरलता। मैं सीडीएसएल को
‘रीइमैजिन आइडियाथॉन’ के आयोजन के लिए भी बधाई देता हूं, जिसने देशभर के छात्रों
को निवेशक शिक्षा और जागरूकता के मिशन से जोड़ने का कार्य किया है।”
संगोष्ठी में तीन विषयगत पैनल चर्चाएं आयोजित की गईं, जिनका केंद्र डेटा
आधारित नवाचार, बाजार विकास में विश्वास की भूमिका, नियामकीय ढांचे, साइबर सुरक्षा
की तैयारी तथा डेटा-केंद्रित सिक्योरिटीज मार्केट इकोसिस्टम को सक्षम बनाने के लिए आवश्यक संगठनात्मक और सांस्कृतिक बदलाव रहे।
सीडीएसएल के एमडी एवं सीईओ श्री नेहल वोरा ने संगोष्ठी
की पृष्ठभूमि प्रस्तुत करते हुए कहा,
“रीइमैजिन संगोष्ठी, सिक्योरिटीज मार्केट इकोसिस्टम में सहयोगात्मक संवाद को
प्रोत्साहित करने के प्रति सीडीएसएल की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। जैसे-जैसे
बाजार तेजी से डिजिटल होते जा रहे हैं, डेटा का जिम्मेदार और सुरक्षित उपयोग
निवेशकों का विश्वास मजबूत करने तथा समावेशी और सुदृढ़ प्रतिभूति बाजार के निर्माण
के लिए अत्यंत आवश्यक होगा।”
सेबी के पूर्णकालिक सदस्य श्री संदीप प्रधान ने कहा,
“जैसे-जैसे भारत का प्रतिभूति बाजार और अधिक गहराता
और विस्तृत होता जा रहा है, डेटा आधारित अंतर्दृष्टि और निवेशक शिक्षा की भूमिका
और भी महत्वपूर्ण होती जा रही है। निवेशक जागरूकता को मजबूत करना और जिम्मेदार
भागीदारी को प्रोत्साहित करना बाजार की अखंडता और निवेशकों के विश्वास को बनाए
रखने के लिए आवश्यक है। ‘रीइमैजिन’ जैसे मंच इनोवेशन को आगे बढ़ाने के साथ-साथ इन मूल उद्देश्यों को
सुदृढ़ करने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं।”
एचडीएफसी के पूर्व उपाध्यक्ष एवं सीईओ तथा रीइमैजिन आइडियाथॉन जूरी के अध्यक्ष
श्री केकी मिस्त्री ने कहा,
“रीइमैजिन संगोष्ठी जैसे मंच भारत के प्रतिभूति
बाजार के भविष्य पर संवाद को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, विशेषकर
तब जब डेटा और प्रौद्योगिकी बाजार अवसंरचना का केंद्रीय हिस्सा बन रहे हैं।
आइडियाथॉन ने छात्रों को इस विमर्श से जोड़कर एक नया और ताजगी भरा आयाम जोड़ा तथा
व्यावहारिक और लागू किए जा सकने वाले विचारों को प्रोत्साहित किया। इस प्रकार की
पहलें भावी बाजार नवप्रवर्तकों और जागरूक प्रतिभागियों की नई पीढ़ी के निर्माण में
सार्थक भूमिका निभाएंगी।”
सीडीएसएल के चेयरपर्सन एवं जनहित निदेशक श्री गुरुमूर्ति महालिंगम ने कहा,
“भारत के पूंजी बाजार ऐसे चरण में प्रवेश कर रहे हैं
जहां डेटा, प्रौद्योगिकी और गवर्नेंस को एक-दूसरे के अनुरूप आगे बढ़ना होगा। घरेलू
बचत को उत्पादक और बाजार से जुड़े निवेश साधनों की ओर प्रवाहित करना, साथ ही मजबूत
डेटा गवर्नेंस और निवेशक संरक्षण सुनिश्चित करना, भारत की दीर्घकालिक विकास
आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। रीइमैजिन मंच संस्थानों,
मध्यस्थों और नियामकों की इस साझा जिम्मेदारी को दर्शाता है।”
रीइमैजिन आइडियाथॉन 2026 के विजेता
संगोष्ठी का एक प्रमुख आकर्षण रीइमैजिन आइडियाथॉन 2026 के विजेताओं
का सम्मान समारोह रहा। यह एक राष्ट्रव्यापी प्रतियोगिता थी, जिसमें छात्रों को
विकसित भारत के लिए निवेशक शिक्षा की नई कल्पना प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित
किया गया था।
गोवा इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट की टीम प्रोजेक्ट सहायक विजेता बनी और कुल ₹12 लाख की पुरस्कार राशि में से ₹5 लाख का प्रथम पुरस्कार
प्राप्त किया।
श्री रामस्वरूप मेमोरियल कॉलेज, लखनऊ की टीम प्रोजेक्ट खेत निवेश प्रथम उपविजेता बनी और उसे ₹3 लाख का पुरस्कार मिला,
जबकि बेंगलुरु स्थित बीएनएम इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की टीम प्रोजेक्ट निवि द्वितीय उपविजेता रही और उसे ₹2 लाख का पुरस्कार प्रदान किया गया।
इस आइडियाथॉन में देश के 21 राज्यों और 2 केंद्र
शासित प्रदेशों के संस्थानों से 1,000 से अधिक पंजीकरण प्राप्त हुए।
संगोष्ठी में एआई आधारित पैनलिस्ट
पहली बार आयोजित इस अनोखी पहल में संगोष्ठी में एक एआई आधारित पैनलिस्ट को भी
शामिल किया गया, जिसने उद्योग विशेषज्ञों के साथ मिलकर प्रमुख विषयों पर रियल-टाइम
डेटा आधारित विश्लेषण प्रस्तुत किया। यह पहल बाजार बुद्धिमत्ता और
निर्णय-प्रक्रिया को मजबूत करने में एआई की बढ़ती भूमिका को दर्शाती है।
सीडीएसएल आईपीएफ की ‘अमर चित्र कथा’ निवेशक शिक्षा कॉमिक सीरीज का शुभारंभ
सीडीएसएल की व्यापक निवेशक
शिक्षा पहलों के अंतर्गत, सेबी अध्यक्ष श्री तुहिन कांता पांडेय ने इस संगोष्ठी
में सीडीएसएल इन्वेस्टर प्रोटेक्शन फंड की ‘अमर चित्र कथा’ कॉमिक सीरीज का भी शुभारंभ किया। यह सीरीज 12 भाषाओं में उपलब्ध है और जटिल वित्तीय अवधारणाओं को रोचक कहानी आधारित
प्रारूप में प्रस्तुत कर जागरूक निवेश को बढ़ावा देने का उद्देश्य रखती है।
रीइमैजिन संगोष्ठी जैसे मंचों
के माध्यम से, सीडीएसएल नवाचार, निवेशक शिक्षा और इकोसिस्टम में सहयोग को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत कर रहा है। डेटा
आधारित और विश्वास-केंद्रित बाजार वातावरण को प्रोत्साहित करते हुए, सीडीएसएल का
लक्ष्य भारतीय निवेशकों के लिए सुरक्षित, समावेशी और भविष्य के लिए तैयार
प्रतिभूति बाजारों के निर्माण में योगदान देना है, जो आत्मनिर्भर भारत के
दृष्टिकोण के अनुरूप हो।