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वेदांता का मार्केट कैप 2.6 लाख करोड़ रुपये के पार, शेयर 675 रुपये के नए रिकॉर्ड पर

वेदांता का मार्केट कैप 2.6 लाख करोड़ रुपये के पार, शेयर 675 रुपये के नए रिकॉर्ड पर

कमोडिटी कीमतों में लगातार तेजी के चलते वेदांता लिमिटेड के शेयरों ने 14 जनवरी को 675 रुपये का नया रिकॉर्ड बनाया। इसके साथ ही कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर करीब 2.6 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। इस साल अब तक शेयर में करीब 11% की बढ़त दर्ज की गई है।

पिछले एक साल में (13 जनवरी 2025 से 14 जनवरी 2026) एनएसई पर वेदांता के शेयर ने 56% से ज्यादा का रिटर्न दिया है, जो प्रमुख बाजार सूचकांकों से कहीं बेहतर है। अगर डिविडेंड को भी जोड़ लिया जाए तो कुल रिटर्न करीब 60% रहा। यह प्रदर्शन सेंसेक्स और निफ्टी 50 से लगभग पांच गुना और निफ्टी मेटल्स इंडेक्स से करीब डेढ़ गुना ज्यादा है। मंगलवार को शेयर 637.20 रुपये पर बंद हुआ था।

दिसंबर 2025 के अंत तक वेदांता देश की 23वीं सबसे मूल्यवान लिस्टेड कंपनी है, जिसमें बैंकिंग, फाइनेंस और सरकारी कंपनियों को शामिल नहीं किया गया है।

शेयरों में इस तेजी के पीछे एल्यूमिनियम की कीमतों में आगे और बढ़त की उम्मीद, उत्पादन में बढ़ोतरी, लागत घटने की संभावना और कंपनी के डीमर्जर से वैल्यू खुलने की उम्मीदें अहम कारण मानी जा रही हैं। इस बीच कॉपर की कीमत भी पहली बार 13,000 डॉलर प्रति टन के पार पहुंच गई है।

तेजी को और मजबूती तब मिली जब 16 दिसंबर को एनसीएलटी की मुंबई बेंच ने वेदांता के डीमर्जर को मंजूरी दे दी। कंपनी के मुताबिक, डीमर्जर के बाद वेदांता पांच अलग-अलग लिस्टेड कंपनियों में बंटेगी। हर कंपनी का अपना अलग फोकस, मैनेजमेंट और पूंजी ढांचा होगा। कंपनी का कहना है कि इससे शेयरधारकों के लिए लंबी अवधि में बेहतर वैल्यू बनेगी और निवेशकों को भारत की विकास कहानी और ग्लोबल एनर्जी बदलाव से जुड़े एसेट्स में निवेश का मौका मिलेगा।

वेदांता की सब्सिडियरी हिंदुस्तान जिंक को भी चांदी की कीमतों में आई तेजी का फायदा मिला है। 14 जनवरी तक कंपनी का मार्केट कैप 2.81 लाख करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच गया। पिछले एक साल में हिंदुस्तान जिंक के शेयर ने करीब 52% का रिटर्न दिया है। दिसंबर में ग्लोबल रिसर्च फर्म जेफरीज ने कंपनी पर कवरेज शुरू करते हुए इसे दुनिया की सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड जिंक उत्पादक और टॉप-5 सिल्वर उत्पादकों में से एक बताया है।

 

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