भोपाल: वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (VIT) भोपाल के स्कूल ऑफ मैकेनिकल इंजीनियरिंग की टीम 'अविटार मोटरस्पोर्ट्स' ने मध्य प्रदेश के पीथमपुर स्थित नैट्रैक्स (NATRAX) सुविधा में आयोजित 'SAE इंडिया H-BAJA 2026' में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश भर की अग्रणी कॉलेज टीमों के साथ-साथ ऑटोमोबाइल निर्माताओं और मोबिलिटी स्टार्टअप्स के विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया।
नई शुरू की गई हाइड्रोजन-संचालित H-BAJA श्रेणी में प्रतिस्पर्धा करते हुए, टीम अविटार ने अपनी तकनीकी गहराई और डिजाइन कौशल का लोहा मनवाया। टीम ने 'सेल्स प्रेजेंटेशन' में अखिल भारतीय स्तर पर दूसरी रैंक (प्रथम उपविजेता) हासिल की, जो जटिल इंजीनियरिंग समाधानों को बाजार के अनुकूल प्रस्तावों में बदलने की उनकी क्षमता को दर्शाता है। इसके अलावा, स्वच्छ ऊर्जा और जिम्मेदार इंजीनियरिंग पर ध्यान केंद्रित करते हुए टीम ने 'सस्टेनेबिलिटी इवेंट' (वर्चुअल राउंड) में भी अखिल भारतीय दूसरी रैंक प्राप्त की।
टीम ने अन्य श्रेणियों में भी अपना दबदबा कायम रखा, जिसमें 'कॉस्ट प्रेजेंटेशन' में 10वीं रैंक, CAE (कंप्यूटर एडेड इंजीनियरिंग) में 10वीं और 'डिजाइन प्रेजेंटेशन' में 12वीं रैंक हासिल की। टीम ने कड़े 'HCNG किट निरीक्षण' को सफलतापूर्वक पास किया और तकनीकी व प्रबंधकीय क्षेत्रों में निरंतर प्रदर्शन करते हुए कुल 17वीं अखिल भारतीय रैंक प्राप्त की।
संस्थान के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण तब आया जब डॉ. प्रशांत जी.के. को उनके अनुकरणीय मार्गदर्शन और नेतृत्व के लिए 'द्रोणाचार्य पुरस्कार' (सर्वश्रेष्ठ संकाय सलाहकार) से सम्मानित किया गया। टीम को विश्वविद्यालय के प्रो-वाइस चांसलर, रजिस्ट्रार और स्कूल ऑफ मैकेनिकल इंजीनियरिंग के प्रिंसिपल प्रो. एस. बालागुरु का निरंतर सहयोग प्राप्त हुआ।
टीम अविटार मोटरस्पोर्ट्स ने उन्नत बुनियादी ढांचे और संसाधन प्रदान करने के लिए वीआईटी भोपाल प्रबंधन का आभार व्यक्त किया। यह उपलब्धि अनुभवात्मक शिक्षा (experiential learning) के प्रति विश्वविद्यालय के जोर को दर्शाती है और टिकाऊ गतिशीलता (sustainable mobility) एवं मोटरस्पोर्ट इंजीनियरिंग के क्षेत्र में वीआईटी भोपाल की बढ़ती उपस्थिति को मजबूत करती है।