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बिल्लबोंग हाई इंटरनेशनल स्कूल, अमानोरा ने पुणे में साहित्य, रचनात्मकता और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति के उत्सव 'लिटफेस्ट 2026' के तीसरे संस्करण की मेजबानी की

बिल्लबोंग हाई इंटरनेशनल स्कूल, अमानोरा ने पुणे में साहित्य, रचनात्मकता और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति के उत्सव 'लिटफेस्ट 2026' के तीसरे संस्करण की मेजबानी की

पुणे : भारत के सबसे प्रगतिशील K-12 स्कूल नेटवर्कों में से एक, 'लाइटहाउस लर्निंग ग्रुप' द्वारा संचालित बिल्लबोंग हाई इंटरनेशनल स्कूल, अमानोरा ने साहित्य, कला और रचनात्मक अभिव्यक्ति के अपने वार्षिक उत्सव 'लिटफेस्ट' (Litfest) के तीसरे संस्करण की सफल मेजबानी की। इस महोत्सव ने विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों, लेखकों और कलाकारों को एक साथ लाकर एक गहन अनुभव प्रदान किया, जो युवा शिक्षार्थियों के बीच कल्पनाशीलता और बौद्धिक जिज्ञासा को बढ़ावा देने की स्कूल की प्रतिबद्धता को दोहराता है।

लिटफेस्ट 2026 ने एक बहु-संवेदी अनुभव प्रदान किया, जिसमें पैनल चर्चा, कविता, संगीत, रंगमंच, फिल्म निर्माण, फैशन शो, कार्यशालाओं और इंटरैक्टिव इंस्टॉलेशन के माध्यम से कहानियों को जीवंत किया गया। इस महोत्सव का उद्देश्य पढ़ने, लिखने और रचनात्मक जांच के प्रति गहरा प्रेम जगाना था।

इस महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में प्रसिद्ध साहित्यिक विद्वान डॉ. बलिराम गायकवाड़ उपस्थित थे। उनके साथ सम्मानित अतिथि और पैनलिस्ट के रूप में भारतीय अभिनेता श्री यशोधन बल, अमर चित्र कथा के ग्रुप आर्ट डायरेक्टर श्री सावियो मस्कारेन्हास, बाल लेखिका और कहानीकार सुश्री विद्या नेसारी और अकादमिक लीडर डॉ. सौम्या मिश्रा शामिल हुए। इन दिग्गजों ने तेजी से बदलती दुनिया में युवा मस्तिष्क को आकार देने में कहानी कहने (storytelling), साहित्य और रचनात्मक कलाओं की विकसित होती भूमिका पर चर्चा की।

लिटफेस्ट 2026 का मुख्य आकर्षण 'द राइटर्स राउंडटेबल' (The Writers’ Roundtable) था। इसके अलावा, सुश्री ऋतुजा देशमुख द्वारा भारतीय सिनेमा के इतिहास पर एक आकर्षक सत्र, जीवंत कविता और संगीत प्रदर्शन, और 'टीम धुन' द्वारा शानदार प्रस्तुतियां दी गईं। 'पेज अलाइव पवेलियन' (Pages Alive Pavilion) एक अन्य प्रमुख आकर्षण था, जहाँ स्टॉल्स और कार्यशालाओं ने बच्चों और अभिभावकों को लिखित शब्दों से परे कहानियों का जश्न मनाने के लिए प्रोत्साहित किया।

उत्सव से पहले एक अनूठी पहल 'बुक्स ऑन व्हील्स' (Books on Wheels) शुरू की गई, जिसमें एक स्कूल बस को मोबाइल लाइब्रेरी (चलते-फिरते पुस्तकालय) में बदल दिया गया। इस पहल ने शहर के विभिन्न हिस्सों में साहित्य को सुलभ और आकर्षक बनाकर बच्चों में पढ़ने की खुशी को फिर से जगाने का संदेश दिया।

इस अवसर पर पुणे बिल्लबोंग हाई इंटरनेशनल स्कूल की प्रिंसिपल सुश्री अदिति मुखर्जी ने कहा, "बिल्लबोंग हाई में हमारा मानना है कि साहित्य केवल किताबों तक सीमित नहीं है, यह बातचीत, प्रदर्शन और रचनात्मकता में जीवित रहता है। लिटफेस्ट 2026 हमारी नवीन शिक्षण पद्धति का प्रतिबिंब है, जहाँ शिक्षार्थी केवल कहानियों को सुनते नहीं हैं, बल्कि स्वयं कहानीकार बनते हैं। ऐसे मंचों के माध्यम से हमारा उद्देश्य आत्मविश्वास, आलोचनात्मक सोच और सहानुभूति विकसित करना है।"

इस वर्ष के संस्करण में 400 से अधिक छात्रों और 500 से अधिक अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। लिटफेस्ट 2026 ने एक बार फिर शिक्षा और रचनात्मकता के संगम के रूप में अपनी पहचान मजबूत की है।

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