भोपाल : द इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट्स (आईआईए), भोपाल सेंटर द्वारा डिज़ाइन एप्रिसिएशन अवॉर्ड्स 2025 (तृतीय संस्करण) का सफल आयोजन ग्रैंड लोटस, कोर्टयार्ड बाय मैरियट, भोपाल में संपन्न हुआ। इस महत्वपूर्ण आयोजन में भोपाल एवं आसपास के क्षेत्रों के आर्किटेक्ट्स, शिक्षाविदों और प्रोफेशनल्स ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
आईआईए भोपाल सेंटर के चेयरमैन, आर्किटेक्ट अक्षय सेलुकर ने बताया कि इस वार्षिक पुरस्कार का उद्देश्य भोपाल क्षेत्र के उत्कृष्ट वास्तु कार्यों को पहचान दिलाना और स्थानीय आर्किटेक्ट्स को एक साझा मंच प्रदान करना है।
सामाजिक जिम्मेदारी पर मुख्य वक्तव्य: कार्यक्रम में देश के प्रतिष्ठित आर्किटेक्ट नरेश नरसिम्हन (वेंकटरामणन एसोसिएट्स) ने वास्तुकला की सामाजिक ज़िम्मेदारी पर ज़ोरदार वक्तव्य दिया। उन्होंने भारत में दिव्यांगजनों (Disabled Persons) के लिए आवश्यक सुविधाओं की कमी पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा:
"दिव्यांगजनों के बेहतर जीवन के लिए उन्हें वास्तुकला में शामिल करना हम आर्किटेक्ट्स की नैतिक ज़िम्मेदारी है। अनिवार्य रैंप (Mandatory Ramps) और विशिष्ट स्थानों को वास्तविकता में बदलना होगा।"
उन्होंने स्पष्ट किया कि वास्तुकला को अब केवल सौंदर्य पर नहीं, बल्कि मानवीय आवश्यकताओं और समावेशी पहुँच पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड रहा, जो आर्किटेक्ट प्रेरणा कोठारी को वास्तुकला के क्षेत्र में उनके दीर्घकालीन योगदान और प्रभावशाली भूमिका के लिए प्रदान किया गया।
डिज़ाइन एप्रिसिएशन अवॉर्ड्स 2025 के अंतर्गत निम्नलिखित 23 आर्किटेक्ट्स को सम्मानित किया गया: आर्किटेक्ट कमल रूप सिंह, गौरव उपाध्याय, दीपा अग्रवाल, दिव्या सिंघल, ईशान अहलूवालिया, आशुतोष नेमा, शैलेन्द्र शर्मा, जया जैन, अपूर्व कुमार गुप्ता, कुलवीर सिंह, अनुज शर्मा, दीपक कुमार, अमन जैन, ऋतु गोयल, सार्थक मंडलिक, मनीष गुप्ता, अक्षत जैन, ऋषि साहू, अश्मिता दास, शुभ्रांशु उपाध्याय, एस. एम. वसीम, राहुल तिवारी, संदीप संकट एवं गरिमा ताम्रकार।
कार्यक्रम के दौरान नेतृत्व, डिज़ाइन की सामाजिक जिम्मेदारी और संवेदनशील वास्तुकला जैसे प्रमुख विषयों पर भी सार्थक चर्चा हुई।