नेपाल के बारा जिले में फिर से तनाव बढ़ गया है, क्योंकि “Gen-Z” के नाम से जाने जाने वाले युवा एक बार फिर सड़क पर उतरे हैं। उनकी इस नई लहर के बाद सिमरा इलाके में दोपहर 1 बजे से शाम 8 बजे तक कर्फ्यू लगाना पड़ा है।
कल हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान Gen-Z युवाओं और CPN-UML पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच झड़पें हुई थीं, जिसमें कम-से-कम 6 युवा घायल हुए थे।
झगड़ा उस समय शुरू हुआ जब वरिष्ठ UML नेता शंकर पोखरेल और महेश बस्नेत सिमरा में रैली करने पहुंचे थे। उनकी आने की खबर जैसे ही फैली, युवा प्रदर्शनकारी एयरपोर्ट और सड़कों पर जमा हो गए।
लोकल पुलिस ने स्थिति नियंत्रण में लाने के लिए आंसू गैस छोड़ी, जिससे हवाईअड्डे पर भी ऑपरेशन अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा।
युवा प्रदर्शनकारी उन UML नेताओं की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं जिनके खिलाफ उन्होंने शिकायत दर्ज कराई है। लेकिन अब तक उन में से सिर्फ दो लोगों — वार्ड 2 और वार्ड 6 के अध्यक्ष — को हिरासत में लिया गया है।
स्थानीय अधिकारी बताते हैं कि कर्फ्यू इस बार भी इसलिए लगाया गया क्योंकि बातचीत में कोई ठोस हल नहीं मिला।
यह पुरानी जड़ों की समस्या है: यह प्रदर्शन पिछले दो महीने में फिर से शुरू हुआ है, वही Gen-Z आंदोलन जिसने पहले से ही नेपाल में राजनीतिक उठापटक को जन्म दिया था। T
नेपाली राष्ट्रीय चुनाव मार्च 2026 में होने हैं और युवा वर्ग का यह गुस्सा राजनीतिक हलकों में नई हलचल मचा रहा है।