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NASA Artemis II मिशन क्या है: चंद्रमा तक पहुंचने में कितना समय लगता है और आगे क्या होगा

NASA Artemis II मिशन क्या है: चंद्रमा तक पहुंचने में कितना समय लगता है और आगे क्या होगा

ऐतिहासिक NASA Artemis रॉकेट लॉन्च

nasa artemis rocket launch astronauts मिशन, जिसे Artemis II कहा जाता है, हाल के वर्षों का एक बहुत महत्वपूर्ण अंतरिक्ष मिशन है। यह 1972 के बाद पहली बार है जब इंसान फिर से चंद्रमा की ओर जा रहे हैं।

यह मिशन 1 अप्रैल 2026 को लॉन्च हुआ, जिसमें चार अंतरिक्ष यात्री Orion स्पेसक्राफ्ट में सवार हैं। यह शक्तिशाली Space Launch System रॉकेट की मदद से लॉन्च किया गया।

यह मिशन चंद्रमा पर उतरने के लिए नहीं है, बल्कि भविष्य के मिशनों की तैयारी के लिए एक टेस्ट फ्लाइट है।


चंद्रमा तक पहुंचने में कितना समय लगता है

लॉन्च के बाद स्पेसक्राफ्ट पहले पृथ्वी की कक्षा में जाता है, जहां लगभग एक दिन तक सिस्टम की जांच की जाती है।

इसके बाद एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया होती है जिसे “ट्रांस-लूनर इंजेक्शन” कहा जाता है, जिससे स्पेसक्राफ्ट चंद्रमा की ओर बढ़ता है।

चंद्रमा तक पहुंचने में कुल लगभग 4 दिन लगते हैं। इस दौरान अंतरिक्ष यात्री नेविगेशन, कम्युनिकेशन और लाइफ सपोर्ट सिस्टम की जांच करते हैं।


चंद्रमा के पास क्या होता है

Artemis II चंद्रमा पर लैंड नहीं करेगा। इसके बजाय यह चंद्रमा के चारों ओर एक फ्लाईबाय करेगा।

स्पेसक्राफ्ट चंद्रमा के पीछे की ओर से गुजरते हुए उससे काफी दूर तक जाएगा और फिर वापस लौटेगा।

यह एक “फ्री-रिटर्न ट्रैजेक्टरी” पर चलता है, जिसमें चंद्रमा की गुरुत्वाकर्षण शक्ति का उपयोग करके स्पेसक्राफ्ट को पृथ्वी की ओर वापस भेजा जाता है।

यह प्रक्रिया बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे यह साबित होता है कि इंसान गहरे अंतरिक्ष में जाकर सुरक्षित वापस आ सकते हैं।


कुल मिशन की अवधि

पूरा मिशन लगभग 10 दिनों का होता है।

इस दौरान अंतरिक्ष यात्री कई महत्वपूर्ण काम करते हैं जैसे सिस्टम टेस्ट करना, स्पेसक्राफ्ट को मैन्युअली नियंत्रित करना और यह देखना कि अंतरिक्ष में मानव शरीर कैसे प्रतिक्रिया करता है।

मिशन का अंत पृथ्वी के वातावरण में तेज गति से वापसी और प्रशांत महासागर में लैंडिंग के साथ होता है।


यह मिशन क्यों महत्वपूर्ण है

nasa artemis rocket launch astronauts मिशन भविष्य के चंद्रमा मिशनों के लिए एक बड़ा कदम है। यह मिशन NASA को यह समझने में मदद करता है कि इंसानों को सुरक्षित तरीके से गहरे अंतरिक्ष में कैसे भेजा जाए।

यह Artemis III मिशन की तैयारी है, जिसका लक्ष्य चंद्रमा पर इंसानों को उतारना है।

यह मिशन आगे चलकर चंद्रमा पर बेस बनाने और मंगल ग्रह तक पहुंचने की दिशा में भी मदद करेगा।


निष्कर्ष

Artemis II सिर्फ एक मिशन नहीं है, बल्कि भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों की शुरुआत है।

करीब 4 दिन में चंद्रमा तक पहुंचने और लगभग 10 दिन के पूरे मिशन के साथ, यह मिशन मानव अंतरिक्ष यात्रा के नए युग की ओर एक बड़ा कदम है।

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