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अमेरिका ने दबाव अभियान के तहत वेनेजुएला के पास एक और तेल टैंकर को रोका

अमेरिका ने दबाव अभियान के तहत वेनेजुएला के पास एक और तेल टैंकर को रोका

अमेरिका के कोस्ट गार्ड ने वेनेजुएला के पास एक और तेल टैंकर को रोक लिया है और उसका पीछा किया, जिसे वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की सरकार पर दबाव बढ़ाने की वॉशिंगटन की रणनीति में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

यह कार्रवाई ट्रंप प्रशासन की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत वेनेजुएला के तेल व्यापार पर लगे प्रतिबंधों को सख्ती से लागू किया जा रहा है। अमेरिका का कहना है कि यह तथाकथित “शैडो फ्लीट” को रोकने की कोशिश है—ऐसे जहाज़ जो प्रतिबंधों से बचने के लिए गुप्त तरीके से तेल की ढुलाई करते हैं। हाल के हफ्तों में अमेरिका पहले ही ऐसे दो अन्य टैंकरों को जब्त कर चुका है, जिन पर प्रतिबंधित कच्चा तेल ले जाने का आरोप है।

क्या हुआ?

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, कोस्ट गार्ड इस समय कैरेबियन सागर में वेनेजुएला के पास तीसरे टैंकर का पीछा कर रहा है। माना जा रहा है कि यह जहाज़ उन गुप्त नेटवर्क का हिस्सा है, जिन्हें अक्सर “डार्क फ्लीट” कहा जाता है। इन जहाज़ों पर आरोप है कि वे फर्जी झंडों और छिपी पहचान के ज़रिये अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बचते हैं।

यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में की गई है। हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने टैंकर का नाम या सटीक स्थान सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन समुद्री ट्रैकिंग समूहों ने इसकी पहचान ‘बेला 1’ के रूप में की है। इस जहाज़ पर पहले भी ईरान और वेनेजुएला की सरकारी तेल कंपनियों से संबंध होने के आरोप लग चुके हैं।

पृष्ठभूमि: बढ़ता दबाव अभियान

यह कार्रवाई पिछले दो हफ्तों में तीसरी ऐसी घटना है। इससे पहले अमेरिका ने ‘सेंचुरीज़’ (Centuries) नामक टैंकर और वेनेजुएला तट के पास एक अन्य जहाज़ को भी जब्त किया था।

इस महीने की शुरुआत में, अमेरिकी प्रशासन ने वेनेजुएला आने-जाने वाले प्रतिबंधित तेल टैंकरों पर “पूर्ण और कड़ा प्रतिबंध” लगाने की घोषणा की थी। इसका उद्देश्य मादुरो सरकार की तेल से होने वाली आय को रोकना बताया गया। इन कदमों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज हो गई है, जबकि वेनेजुएला ने इन्हें “समुद्री डकैती” और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है।

प्रतिक्रियाएं और क्षेत्रीय असर

वेनेजुएला सरकार ने अमेरिकी कार्रवाई की कड़ी आलोचना की है। काराकास का आरोप है कि अमेरिका अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर अवैध कब्ज़ा और आक्रामकता दिखा रहा है। मादुरो सरकार ने कहा है कि वह इस मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र सहित अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाएगी।

वहीं अमेरिका का कहना है कि यह कदम आर्थिक अपराधों और प्रतिबंध उल्लंघन को रोकने के लिए उठाए गए हैं। अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि ये कार्रवाइयां नशा तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों से जुड़े फंडिंग नेटवर्क को काटने के लिए ज़रूरी हैं।

व्यापक भू-राजनीतिक चिंता

विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की लगातार नौसैनिक कार्रवाइयां अमेरिका-वेनेजुएला संबंधों को और बिगाड़ सकती हैं और क्षेत्र में पहले से मौजूद अस्थिरता को बढ़ा सकती हैं। हालांकि अमेरिकी अधिकारी वैश्विक तेल बाजार पर बड़े असर की संभावना को कम बता रहे हैं, लेकिन कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ता तनाव कच्चे तेल की कीमतों और आपूर्ति पर दबाव डाल सकता है।

फिलहाल, यह ताज़ा कार्रवाई यह साफ दिखाती है कि अमेरिका वेनेजुएला के तेल क्षेत्र पर प्रतिबंधों को सख्ती से लागू करने और मादुरो सरकार पर दबाव बनाए रखने के अपने रुख पर कायम है।

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