नई दिल्ली — रेड फोर्ट के पास हुए कार धमाके की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अपने हाथ में ले ली है। इस धमाके में कई लोगों की मौत हुई थी और कई घायल हुए थे। NDTV के अनुसार, फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े तीन और डॉक्टरों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
हिरासत में लिए गए डॉक्टरों की पहचान डॉ. मुज़म्मिल शकील, डॉ. उमर मोहम्मद और डॉ. शाहीन शाहिद के रूप में हुई है। ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, जांच एजेंसियों को इन डॉक्टरों के ठिकाने से बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद हुई है, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने डॉक्टर शकील के फरीदाबाद स्थित किराए के कमरे से करीब 2,900 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट और अन्य विस्फोटक सामग्री जब्त की है। शुरुआती जांच में पता चला है कि धमाके में इस्तेमाल की गई सफेद ह्युंडई i20 कार रेड फोर्ट के पास करीब तीन घंटे तक खड़ी थी, उसके बाद यह विस्फोट हुआ।
टाइम्स नाउ के सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने पहले ही यूएपीए (Unlawful Activities Prevention Act) के तहत मामला दर्ज किया था, जिसे अब एनआईए को सौंप दिया गया है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि क्या यह धमाका किसी “व्हाइट कॉलर टेरर नेटवर्क” से जुड़ा हुआ था।
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, एनआईए अब विस्फोटक सामग्री के स्रोत, फंडिंग और संभावित सीमा-पार संपर्कों की जांच पर ध्यान केंद्रित करेगी। फोरेंसिक टीमें रेड फोर्ट क्षेत्र में सुराग तलाश रही हैं, जबकि कई एजेंसियां मिलकर घटनाक्रम की कड़ी जोड़ने में लगी हैं।
सरकारी अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि इस हमले के पीछे जो भी लोग हैं, उन्हें जल्द न्याय के कठघरे में लाया जाएगा, क्योंकि जांच अब निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुकी है।