भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 27 नवंबर 2025 को ओडिशा विधानसभा को संबोधित किया। यह पहली बार है जब किसी मौजूदा राष्ट्रपति ने राज्य विधानसभा को संबोधित किया है। यह ओडिशा के इतिहास में एक महत्वपूर्ण क्षण है।
क्या हुआ
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मुर्मू, जिन्होंने ओडिशा में विधायक और मंत्री के रूप में कार्य किया है, उसी विधानसभा में लौटीं जहाँ से उनकी राजनीतिक यात्रा शुरू हुई थी।
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उन्होंने विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन शाम 4:30 बजे से 5:30 बजे तक सदस्यों को संबोधित किया।
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अपने दौरे के दौरान उन्होंने भुवनेश्वर स्थित राजभवन में नए गेस्ट-हाउस "क़लिंग फ़ातिथि निवास" का उद्घाटन भी किया।
उनके संबोधन का महत्व
मुर्मू ने अपने भाषण को “घर वापसी” जैसा क्षण बताया और कहा कि यह वही सदन है जिसने उनकी राजनीतिक पहचान को आकार दिया। उन्होंने विधानसभा और राज्य की जनता का धन्यवाद किया।
उन्होंने विधायकों से जिम्मेदारी, ईमानदारी और जनता से जुड़ाव बनाए रखने की अपील की। उन्होंने सम्मान, अनुशासन और जनसेवा के मूल्यों पर ज़ोर दिया।
मुर्मू ने ओडिशा की संभावनाओं पर भी बात की — राज्य के प्राकृतिक संसाधनों, समुद्री तट, कृषि क्षमता और विकास की ताकतों का उल्लेख करते हुए उन्होंने एक समृद्ध भविष्य बनाने के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता बताई।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
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यह पहली बार है जब किसी भारतीय राष्ट्रपति ने ओडिशा विधानसभा को संबोधित किया, जो इसे एक ऐतिहासिक घटना बनाता है।
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मुर्मू के लिए यह क्षण और भी भावुक है क्योंकि उन्होंने यहीं से अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी और 2000 व 2004 में रायरंगपुर से MLA रहीं।
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यह दौरा एक “पूर्ण चक्र” जैसा है — राज्य की राजनीति से शुरू होकर देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुँचना और फिर उसी सदन में वापस आकर मार्गदर्शन देना।