श्रीनगर के नवगाम पुलिस स्टेशन में शुक्रवार देर रात एक बड़ा धमाका हुआ। इस विस्फोट में 9 लोगों की मौत हो गई और 32 लोग घायल हो गए, जैसा कि AP News ने रिपोर्ट किया। धमाका उस समय हुआ जब अधिकारी एक बड़ी मात्रा में जब्त किए गए विस्फोटक पदार्थों की जांच कर रहे थे।
धमाका कैसे हुआ
The Times of India के मुताबिक, पुलिस अधिकारी, फॉरेंसिक विशेषज्ञ और राजस्व विभाग की टीम फरिदाबाद में पकड़े गए एक आतंकी मॉड्यूल से जब्त किए गए विस्फोटकों के नमूनों की जांच कर रहे थे। ये विस्फोटक बहुत अस्थिर थे, और टीम इन्हें फॉरेंसिक टेस्ट के लिए तैयार कर रही थी, तभी विस्फोट हो गया।
The Indian Express ने बताया कि जांच के दौरान ही सामग्री अचानक फट गई, जिससे पुलिस स्टेशन की इमारत और आसपास के घरों को काफी नुकसान पहुंचा।
हताहतों की जानकारी
मारे गए लोगों में फॉरेंसिक लैब के विशेषज्ञ, राजस्व विभाग के दो अधिकारी (जिनमें एक नायब तहसीलदार शामिल हैं), क्राइम-सीन फोटोग्राफर और स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी का एक सदस्य शामिल है, जैसा कि The Indian Express ने बताया।
घायलों में ज्यादातर पुलिस कर्मी हैं। कुछ स्थानीय लोग भी चोटिल हुए।
अधिकारियों का बयान — यह एक ‘दुर्घटनावश विस्फोट’ था
जम्मू-कश्मीर के डीजीपी नलिन प्रभात ने कहा कि यह धमाका दुर्घटनावश हुआ है और उन्होंने लोगों से किसी भी तरह की अफवाह या अटकलें न फैलाने की अपील की, जैसा कि Hindustan Times ने रिपोर्ट किया।
उन्होंने बताया कि विस्फोटक बेहद संवेदनशील थे और पूरी सावधानी के साथ संभाले जा रहे थे।
सरकार की प्रतिक्रिया
गृह मंत्रालय ने भी इस घटना को एक दुर्घटनावश धमाका बताया, जैसा कि The Economic Times ने रिपोर्ट किया। मंत्रालय के अनुसार, जब्त किए गए विस्फोटकों को प्रक्रिया के तहत पुलिस स्टेशन के खुले क्षेत्र में विशेषज्ञों की देखरेख में रखा गया था।
सरकार ने घटना की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं।
पृष्ठभूमि
ये विस्फोटक एक बड़े आतंकी जांच मामले से जुड़े थे, जिसमें फरिदाबाद से भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद किए गए थे, जैसा कि The New Indian Express ने बताया। यह मामला एक कथित “व्हाइट-कॉलर” आतंकी नेटवर्क से जुड़ा माना जा रहा है।