~ द स्क्रिप्ट,
जेसन डेरुलो,
एक्वा,
डिप्लो,
टाइगा और नोरा फ़तेही ने शिलांग में रचा उत्सव का वैश्विक रंग~
~ दिवंगत जुबीन गर्ग को भावपूर्ण श्रद्धांजलि के दौरान हज़ारों दर्शक हुए भावविभोर
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शिलांग: मेघालय का बहुप्रतीक्षित शिलांग चेरी ब्लॉसम फेस्टिवल
2025
इस वर्ष भी अपनी भव्यता और चमक के साथ सम्पन्न हुआ। राज्य के ऑटम कैलेंडर के इस प्रमुख उत्सव ने दो दिनों तक देश और विदेश से आए हज़ारों पर्यटकों को संगीत,
संस्कृति और प्रकृति का ऐसा अनूठा संगम दिया,
जिसने मेघालय को भारत के उभरते सांस्कृतिक और पर्यटन गंतव्यों में और प्रमुखता से स्थापित किया है।
उत्सव का उद्घाटन माननीय मुख्यमंत्री श्री कोनराड के.
संगमा ने किया। उन्होंने कहा,
“यह पूरे देश के सबसे बड़े उत्सवों में से एक है। आपकी सहभागिता से हम इसे देश का सबसे बड़ा और सबसे उत्कृष्ट उत्सव बनाएंगे -
यही हमारा लक्ष्य है। ऐसे त्योहार हमारे पर्यटन क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। हम यह सुनिश्चित करने के लिए और भी अधिक परिश्रम करेंगे कि हमारे पर्यटकों को भविष्य में और बेहतर अनुभव मिल सके।”
उनका यह संबोधन मेघालय की उस व्यापक सांस्कृतिक दृष्टि को दर्शाता है,
जिसमें स्थानीय प्रतिभा,
वैश्विक सहभागिता और सामुदायिक संस्कृति को विशेष स्थान प्राप्त है।
वैश्विक सितारों ने शिलांग को बनाया संगीत का केंद्र
पहले दिन नोरा फ़तेही की जबरदस्त प्रस्तुति ने स्टेडियम के माहौल को ऊर्जा और उत्साह से भर दिया। इसके बाद आयरलैंड के लोकप्रिय रॉक बैंड द स्क्रिप्ट ने
“Superheroes” और “Hall of Fame” जैसे गीतों से दर्शकों में रोमांच भर दिया। रात की सबसे चर्चित प्रस्तुति अंतरराष्ट्रीय पॉप स्टार जेसन डेरुलो की रही,
जिन्होंने लेस ट्विन्स के साथ स्टेडियम को चमकते
LED रिस्टबैंड्स की लहरों में बदलते हुए एक अद्भुत दृश्य रचा।
दूसरे दिन डेनिश पॉप बैंड एक्वा की प्रस्तुति ने
nostalgia और उत्साह का अनूठा सम्मिश्रण प्रस्तुत किया,
जबकि तीन बार के ग्रैमी विजेता डिप्लो ने अपने सिग्नेचर इलेक्ट्रॉनिक सेट के साथ शिलांग को एक रोमांचक समापन दिया।
जुबीन गर्ग को भावनात्मक श्रद्धांजलि,
पूरे स्टेडियम में गूंजा
“मायाबिनी”
उत्सव का सबसे भावुक क्षण वह था जब दिवंगत संगीत आइकन जुबीन गर्ग को समर्पित विशेष प्रस्तुति के दौरान पूरा स्टेडियम एक साथ गूंज उठा। ज़ुबली बरुआ,
प्रबीन बोराह,
प्रियंका भारली और अरुपज्योति बरुआ द्वारा प्रस्तुत गीत
“मायाबिनी”
ने हज़ारों दर्शकों को भावविभोर कर दिया। यह क्षण इस बात का प्रतीक था कि उत्तर-पूर्व का संगीत आज भी जुबीन गर्ग की विरासत से गहराई से प्रेरित है।
मुख्य मंच के साथ-साथ वार्ड्स लेक में आयोजित जापान एरीना भी दो दिनों तक आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना रहा। यहां जापान की सकुरा परंपरा और मेघालय की प्राकृतिक शरद सुंदरता का सुंदर संगम दिखा। सुमी-ए,
शोदो,
ओरिगामी,
कॉस्प्ले थिएटर,
जापान फ़ाउंडेशन की एनीमे-आधारित भाषा कार्यशालाएं,
शेफ संतोष के प्रामाणिक जापानी व्यंजन और मेघालय की युवा कलाकार एमो डेरिंग की मनमोहक प्रस्तुतियों ने आगंतुकों को एक समृद्ध सांस्कृतिक अनुभव प्रदान किया।
फेस्टिवल ने एक बार फिर मुख्यमंत्री मेघालय ग्रासरूट्स म्यूज़िक प्रोजेक्ट
(MGMP) की सफलता को स्थापित किया है,
जिसने स्थानीय कलाकारों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों के साथ जोड़ा है। पिछले वर्षों में एकॉन,
क्लीन बैंडिट,
नी-यो और बोनी एम जैसे दिग्गज कलाकार यहां प्रस्तुति दे चुके हैं,
और इस बार जेसन डेरुलो,
टाइगा,
एक्वा और डिप्लो के आने से इस फेस्टिवल की प्रतिष्ठा और बढ़ी है।
मेघालय इस समय पर्यटन क्षेत्र में नई उपलब्धियां दर्ज कर रहा है।
FY 2024 में 16 लाख से अधिक पर्यटकों के आगमन ने राज्य को महामारी-पूर्व स्तरों से आगे पहुंचा दिया है। पर्यटन अब राज्य की अर्थव्यवस्था में
7.7 प्रतिशत योगदान दे रहा है। सीएम होमस्टे मिशन,
प्राइम टूरिज़्म व्हीकल योजना,
टूरिस्ट बडीज़ और मल्टीलिंगुअल OneConnect
हेल्पलाइन जैसी पहलें मेघालय को भारत का सबसे सुगम,
सुरक्षित और समुदाय-आधारित पर्यटन मॉडल बना रही हैं।
300 से अधिक प्राकृतिक स्थल,
1000 से अधिक जलप्रपात,
दुनिया की सबसे लंबी बलुआ-पत्थर गुफा और अद्वितीय जीवित रूट ब्रिज मेघालय को उत्तर-पूर्व के प्रमुख इको-टूरिज़्म गंतव्यों में शामिल करते हैं।
फेस्टिवल के समापन के साथ शिलांग अपनी शांत लय में लौट आया,
लेकिन दो दिनों की यह सांस्कृतिक और संगीत यात्रा यह स्पष्ट संदेश देकर गई कि शिलांग चेरी ब्लॉसम फेस्टिवल अब मेघालय की सांस्कृतिक प्रगति,
पर्यटन नेतृत्व और रचनात्मक ऊर्जा का प्रतीक बन चुका है। इसने पूरे देश के यात्रियों,
संगीत प्रेमियों और संस्कृति-प्रेमियों को मेघालय की ओर एक बार फिर आकर्षित किया है।