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शशि थरूर ने वैवाहिक रेप को अपराध घोषित करने के लिए बिल पेश किया

शशि थरूर ने वैवाहिक रेप को अपराध घोषित करने के लिए बिल पेश किया

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने लोकसभा में एक प्राइवेट मेंबर बिल पेश किया है, जिसमें वैवाहिक रेप (Marital Rape) को अपराध बनाने का प्रस्ताव रखा गया है।
यह बिल उस कानूनी खामी को दूर करने की कोशिश करता है, जिसके तहत अभी तक शादी के भीतर बिना सहमति बनाए गए संबंध को अपराध नहीं माना जाता।


बिल में क्या कहा गया है?

थरूर के बिल में साफ कहा गया है कि शादी के भीतर भी बिना सहमति बनाए गए यौन संबंध को रेप माना जाना चाहिए।
उन्होंने ज़ोर देकर कहा:

“ना का मतलब ना होता है। हां तभी है, जब स्पष्ट रूप से हां कहा जाए।”

इसका मतलब है कि शादी अपने आप में सहमति की गारंटी नहीं हो सकती।


ये मुद्दा क्यों जरूरी है?

कई वर्षों से महिला अधिकार संगठनों, कानूनी विशेषज्ञों और कार्यकर्ताओं की मांग रही है कि भारत में वैवाहिक रेप को कानूनन अपराध बनाया जाए।
उनके अनुसार:

  • शादी हिंसा का बहाना नहीं बन सकती

  • हर परिस्थिति में सहमति ज़रूरी है

  • महिलाओं को अपमानजनक और हिंसक विवाह से बचाने के लिए मजबूत कानून चाहिए

थरूर का यह कदम ऐसे समय में आया है जब देश में समानता, सहमति और महिलाओं की सुरक्षा पर चर्चा बढ़ रही है।


देशभर में बढ़ी बहस

बिल पेश होते ही देशभर में इस मुद्दे पर बहस तेज हो गई है।
कई लोग इसे महिलाओं के अधिकारों की दिशा में बड़ा कदम मानते हैं, जबकि कुछ का कहना है कि इस पर और गहराई से चर्चा होनी चाहिए ताकि किसी भी तरह के दुरुपयोग से बचा जा सके।

फिर भी, एक बात साफ है—
शादी में सहमति (consent) पर बातचीत अब पहले से कहीं ज्यादा जरूरी और खुलकर हो रही है।


आगे क्या होगा?

अब इस प्राइवेट मेंबर बिल पर संसद में चर्चा होगी। हालांकि ऐसे बिल अक्सर पास नहीं होते, लेकिन वे समाज और राजनीति में महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान खींचते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह बिल भारत को उन कानूनों की ओर ले जा सकता है, जहां शादी के भीतर भी सहमति को सबसे अहम माना जाए।

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