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सरकारी दफ़्तरों में आवारा कुत्तों को खाना खिलाने पर बनेगा नियम: सुप्रीम कोर्ट

सरकारी दफ़्तरों में आवारा कुत्तों को खाना खिलाने पर बनेगा नियम: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सरकारी दफ़्तरों और इमारतों के अंदर आवारा कुत्तों को खाना खिलाने के लिए नए नियम बनाए जाएंगे। कोर्ट ने कहा कि कुत्तों को नुकसान नहीं पहुँचाना चाहिए, लेकिन दफ़्तरों में उन्हें खिलाने से कर्मचारियों और लोगों को दिक्कत हो सकती है।

कोर्ट ने देखा कि कई सरकारी दफ़्तरों में कुत्ते परिसर में घूमते हैं, जिससे स्टाफ को डर या परेशानी महसूस होती है। इसलिए कोर्ट ने कहा कि जानवरों की सुरक्षा भी जरूरी है और लोगों की सुरक्षा भी।

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया:

“सार्वजनिक स्थानों पर आवारा कुत्तों को खिलाना प्रतिबंधित है, और ऐसा करने वाले लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई होगी।”

कोर्ट ने यह भी कहा:

“किसी भी हालत में सड़कों पर आवारा कुत्तों को खाना खिलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसा करते पकड़े जाने वाले लोगों पर कानून के तहत कार्यवाही होगी।”

कोर्ट ने केंद्र सरकार और सभी राज्य सरकारों को आदेश दिया है कि वे आवारा कुत्तों के प्रबंधन के लिए साफ और सही योजना बनाएं। इसमें कुत्तों का टीकाकरण और नसबंदी शामिल होनी चाहिए, ताकि उनकी संख्या मानवीय तरीके से नियंत्रित की जा सके।

कोर्ट ने कहा कि कुत्तों को सिर्फ तय सुरक्षित जगहों पर ही खाना खिलाया जाए। दफ़्तरों, गेटों और कॉरिडोर में खिलाने से और कुत्ते वहाँ आने लगते हैं और परेशानी बढ़ती है।

पशु कल्याण समूहों ने कोर्ट से कहा कि कुत्तों को नुकसान नहीं होना चाहिए और उनके साथ प्यार से व्यवहार किया जाए। कोर्ट ने इससे सहमति दिखाई, लेकिन यह भी कहा कि लोगों की सुरक्षा सबसे पहले है।

सुप्रीम कोर्ट जल्द ही अंतिम गाइडलाइन्स जारी करेगा। इसके बाद सभी सरकारी दफ़्तरों को इन नियमों का पालन करना होगा, ताकि लोगों और कुत्तों—दोनों की सुरक्षा बनी रहे।

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