भारत में अमेरिकी दूतावास ने H-1B कार्य वीजा और H-4 आश्रित वीजा के लिए आवेदन करने वालों के लिए एक वैश्विक सलाह जारी की है। दूतावास ने आवेदकों से कहा है कि वे समय से पहले आवेदन करें, क्योंकि बढ़ती मांग और अतिरिक्त जांच प्रक्रियाओं के कारण वीजा प्रक्रिया में अधिक समय लग सकता है।
दूतावास की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि दुनिया भर में स्थित अमेरिकी दूतावास और वाणिज्य दूतावास H-1B और H-4 वीजा आवेदनों को स्वीकार कर रहे हैं और उनका निपटारा कर रहे हैं। हालांकि, आवेदकों को संभावित देरी के लिए तैयार रहने की सलाह दी गई है।
सलाह में क्या कहा गया है
दूतावास ने बताया कि दिसंबर के मध्य से अमेरिकी विदेश विभाग ने वीजा जांच प्रक्रिया का विस्तार किया है। इसके तहत अब आवेदकों की सार्वजनिक रूप से उपलब्ध ऑनलाइन जानकारी की भी समीक्षा की जा रही है। यह प्रक्रिया सभी देशों के H-1B और H-4 वीजा आवेदकों पर लागू होगी।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इन कदमों का उद्देश्य वीजा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखना है, साथ ही अमेरिकी कंपनियों को कुशल विदेशी पेशेवरों की भर्ती में सहायता देना भी है।
वीजा प्रक्रिया में लग सकता है अधिक समय
अतिरिक्त जांच और बड़ी संख्या में आवेदनों के कारण वीजा इंटरव्यू तय होने और वीजा जारी होने में सामान्य से अधिक समय लग सकता है। दूतावास ने आवेदकों से कहा है कि वे अपने दस्तावेज सावधानी से तैयार करें और दी गई जानकारी पूरी तरह सही हो, ताकि और देरी से बचा जा सके।
भारतीय आवेदकों पर असर
H-1B और H-4 वीजा के सबसे अधिक आवेदक भारत से होते हैं, खासकर आईटी, इंजीनियरिंग और पेशेवर सेवाओं से जुड़े लोग। नई सलाह के चलते कई भारतीय पेशेवरों और उनके परिवारों को अपनी यात्रा योजनाओं और नौकरी की शुरुआत की तारीखों की पहले से योजना बनाने की आवश्यकता होगी।
अमेरिकी दूतावास ने कहा है कि वह सुरक्षा मानकों को बनाए रखते हुए वीजा प्रक्रिया को निष्पक्ष तरीके से पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है और आवेदकों से आधिकारिक सूचनाओं पर नजर बनाए रखने की अपील की है।