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पीएम मोदी के ‘मानव ’ विजन के साथ आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी का एआई हेल्थ समिट

पीएम मोदी के ‘मानव ’ विजन के साथ आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी का एआई हेल्थ समिट

जयपुर : आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी में दो दिवसीय  ग्लोबल हेल्थ मैनेजमेंट रिसर्च कॉन्फ्रेंस का आयोजन करा गया जिसके अंतरगर्त  ग्लोबल हेल्थ के लिए एआई(AI): इनोवेशन, इंटीग्रेशन और सस्टेनेबिलिटी पर गहन चर्चा हुई यह कॉन्फ्रेंस 20 से 21 फरवरी, 2026 तक चली

 कॉन्फ्रेंस कई महत्वपूर्ण  मुद्दों  पर  चर्चा हुई इस कॉन्फ्रेंस की  थीम : एआई और बिहेवियरल साइंस इंटीग्रेशन के ज़रिए कम्युनिटी हेल्थ को बदलना; सस्टेनेबल डेवलपमेंट के लिए एआई(AI); सीएसआर(CSR) और ईएसजी (ESG) परफॉर्मेंस मेज़रमेंट; मार्केट एक्सेस, फोरकास्टिंग और फार्मा कमर्शियल एक्सीलेंस के लिए एआई; और पॉपुलेशन हेल्थ मैनेजमेंट और प्रेडिक्टिव केयर पाथवे में एआई। दो दिन की कॉन्फ्रेंस में  पीडब्ल्यूसी (PwC), नारायण हेल्थ, सैंडोज़, नोवो नॉर्डिस्क, वाधवानी एआई, और पॉपुलेशन काउंसिल जैसे जाने-माने ऑर्गनाइज़ेशन के इंडस्ट्री लीडर एक साथ आए। एक्सपर्ट्स ने टेलीमेडिसिन, डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड, एआई-इनेबल्ड डायग्नोस्टिक्स, पॉपुलेशन हेल्थ में प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स, और डेटा-ड्रिवन पॉलिसीमेकिंग के विस्तार के ज़रिए हेल्थकेयर डिलीवरी में भारत के बड़े बदलाव पर चर्चा की।

आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट डॉ. पी.आर. सोडानी ने बताया, “एआई फॉर ग्लोबल हेल्थ” हमारी दो दिन की सालाना कॉन्फ्रेंस के लिए एक ज़रूरी और सही समय पर थीम है। उन्होंने बताया कि हमारे माननीय प्रधानमंत्री, श्री नरेंद्र मोदी ने  मानव  “(MANAV)” नाम का एक एआई फ्रेमवर्क सुझाया है, जिसमें M का मतलब है नैतिक और एथिकल, A का मतलब है अकाउंटेबल गवर्नेंस, N का मतलब है नेशनल सॉवरेनिटी, A का मतलब है एक्सेसिबल और इनक्लूसिव, और V का मतलब है वैल्यू और लेजिटिमेट। उन्होंने आगे कहा कि AI का इस्तेमाल न सिर्फ एफिशिएंसी और एनालिटिक्स के लिए बल्कि इक्विटी, एक्सेसिबिलिटी और सस्टेनेबल पब्लिक हेल्थ नतीजों के लिए भी किया जाना चाहिए।

राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज, जयपुर के वाइस चांसलर डॉ. प्रमोद येओले ने कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन किया और अपना उद्घाटन भाषण देते हुए कहा, “आज हेल्थ सिस्टम को मैनेजमेंट, टेक्नोलॉजी, फार्मास्युटिकल साइंसेज, बिहेवियरल साइंसेज और पब्लिक पॉलिसी जैसे सब्जेक्ट्स में सहयोग की ज़रूरत है। राजस्थान इम्प्लीमेंटेशन रिसर्च के लिए अच्छी ज़मीन देता है, क्योंकि एआई(AI) नए रिसर्चर्स के लिए अच्छे मौके देता है। एआई(AI)-ड्रिवन मॉडल नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज स्क्रीनिंग, मेडिसिन के लिए सप्लाई चेन फोरकास्टिंग, डायग्नोसिस और इंश्योरेंस फ्रॉड डिटेक्शन के लिए मटीरियल और ट्रेनिंग प्रोग्राम को सपोर्ट कर सकते हैं।” लिब्रा सोशल रिसर्च फाउंडेशन के स्ट्रेटेजिक एडवाइजर (डिजिटल हेल्थ) श्री अरुण कुंभट ने डिजिटल इनोवेशन इकोसिस्टम और इनक्लूसिव हेल्थ सिस्टम के लिए स्केलेबल एआई(AI) सॉल्यूशंस पर बात की।

कॉन्फ्रेंस के दौरान आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी ने ग्लोबल हेल्थ मैनेजमेंट रिसर्च, इनोवेशन और एकेडमिक एक्सचेंज को आगे बढ़ाने के लिए पार्टनर इंस्टीट्यूशन के साथ मेमोरंडा ऑफ अंडरस्टैंडिंग एमओयू (MOU) साइन किए। इस सेरेमनी ने मिलकर रिसर्च, डिजिटल हेल्थ इनोवेशन और कैपेसिटी बिल्डिंग के लिए यूनिवर्सिटी के कमिटमेंट को और पक्का किया।

आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी की प्रोवोस्ट और कॉन्फ्रेंस की ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. हिमाद्री सिन्हा ने बताया कि कॉन्फ्रेंस में अलग-अलग ऑर्गनाइजेशन के साथ 10 एमओयू (MoU) साइन हुए, अलग-अलग डोमेन से 400+ पार्टिसिपेंट और 20 जाने-माने स्पीकर शामिल हुए। उन्होंने कॉन्फ्रेंस रिपोर्ट पेश की और अपनी बात रखी।

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