मेनू

×

खोजें

ओपनएआई ने पेंटागन के साथ समझौता किया, ट्रंप द्वारा एंथ्रोपिक की आलोचना के बाद बड़ा कदम

ओपनएआई ने पेंटागन के साथ समझौता किया, ट्रंप द्वारा एंथ्रोपिक की आलोचना के बाद बड़ा कदम

Sam Altman की कंपनी OpenAI ने अमेरिका के रक्षा विभाग United States Department of Defense, जिसे पेंटागन भी कहा जाता है, के साथ एक नया समझौता किया है। यह घोषणा उस समय हुई जब कुछ घंटों पहले ही Donald Trump ने एआई कंपनी Anthropic की खुलकर आलोचना की थी।

इस घटनाक्रम ने तकनीकी और राजनीतिक जगत में चर्चा तेज कर दी है, क्योंकि यह मामला कृत्रिम बुद्धिमत्ता और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है।

क्या है यह समझौता?

रिपोर्ट्स के अनुसार, ओपनएआई अपनी एआई तकनीक को कुछ रक्षा और सरकारी कामों में उपलब्ध कराएगा। कंपनी ने कहा है कि इस समझौते में सुरक्षा और नैतिक नियमों का विशेष ध्यान रखा गया है।

ओपनएआई ने साफ किया कि:

  • उसकी एआई तकनीक का उपयोग अमेरिकी नागरिकों की सामूहिक निगरानी के लिए नहीं किया जाएगा।

  • किसी भी सैन्य कार्रवाई या बल प्रयोग का अंतिम निर्णय इंसानों के हाथ में रहेगा।

  • तकनीक के इस्तेमाल पर निगरानी रखने के लिए सुरक्षा उपाय लागू किए जाएंगे।

सैम ऑल्टमैन ने कहा कि सरकार के साथ काम करते हुए भी सुरक्षा और जिम्मेदारी के सिद्धांतों को बनाए रखा जा सकता है।

एंथ्रोपिक पर विवाद क्यों?

इस समझौते से पहले, डोनाल्ड ट्रंप ने एंथ्रोपिक की आलोचना की थी। खबरों के अनुसार, सरकार चाहती थी कि कंपनी अपनी एआई प्रणाली से कुछ सुरक्षा सीमाएं हटाए, लेकिन एंथ्रोपिक ने ऐसा करने से इनकार कर दिया।

इसके बाद ट्रंप प्रशासन ने कथित रूप से संघीय एजेंसियों को एंथ्रोपिक की तकनीक का उपयोग बंद करने का निर्देश दिया। कंपनी को “सप्लाई चेन रिस्क” बताया गया।

एंथ्रोपिक ने इन आरोपों से असहमति जताई है और कहा है कि वह इस फैसले को चुनौती दे सकती है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह मामला?

यह मामला दिखाता है कि एआई तकनीक को लेकर सरकारों और टेक कंपनियों के बीच संतुलन बनाना कितना कठिन हो गया है। एक तरफ सरकारें राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए उन्नत तकनीक चाहती हैं, तो दूसरी तरफ कंपनियां नैतिक नियमों और सुरक्षा मानकों को बनाए रखना चाहती हैं।

ओपनएआई और पेंटागन के बीच हुआ यह समझौता बताता है कि कुछ शर्तों और सुरक्षा उपायों के साथ सहयोग संभव है। लेकिन एंथ्रोपिक के साथ हुआ विवाद यह भी दिखाता है कि इस क्षेत्र में मतभेद अभी खत्म नहीं हुए हैं।

आने वाले समय में एआई और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े ऐसे फैसले और भी अहम हो सकते हैं।

ADVERTISEMENT