भोपाल : सीडीएसएल इन्वेस्टर प्रोटेक्शन फंड (CDSL IPF) और बीएसई इन्वेस्टर्स प्रोटेक्शन फंड (BSE IPF) ने भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) तथा कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय के निवेशक शिक्षा एवं संरक्षण निधि प्राधिकरण (IEPFA) के मार्गदर्शन में शुक्रवार को भोपाल में संयुक्त रूप से ‘निवेशक शिविर’ का आयोजन किया।
इस जन-जागरूकता पहल का उद्देश्य शेयरधारकों को बिना बंटे हुए लाभांश और दावा न किए गए शेयरों को वापस प्राप्त करने में सहायता प्रदान करना था। इसके माध्यम से प्रणाली में पड़े बिना दावे वाले निवेशक परिसंपत्तियों की संख्या कम करने के साथ-साथ निवेशकों को अपने निवेश की सुरक्षा के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना भी लक्ष्य था।
‘निवेशक शिविर’ थीम पर आधारित इस जागरूकता अभियान में प्रतिभागियों को बिना बंटे हुए लाभांश और दावा न किए गए शेयरों की वापसी की प्रक्रिया के बारे में विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया। शिविर का आयोजन प्रमुख मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर संस्थानों (MII) — बीएसई, एनएसई और एनएसडीएल — तथा रजिस्ट्रार एवं ट्रांसफर एजेंट्स (RTA) — केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड, एमयूएफजी इंटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और कैम्स — के सहयोग से किया गया।
निवेशकों को समग्र सहायता प्रदान करने के लिए कार्यक्रम में
15 विशेष सेवा डेस्क स्थापित किए गए, जहां निम्नलिखित सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं:
• छह वर्ष से अधिक समय से बिना दावे वाले लाभांश और शेयरों के
दावे दर्ज कराने में सहायता
• केवाईसी (KYC) और नामांकन (Nomination) विवरण को मौके पर ही
अपडेट करने की सुविधा
• दावों से संबंधित प्रश्नों का त्वरित समाधान
• आईईपीएफए के पास लंबित दावों की प्रक्रिया में सहायता
दिनभर चले इस कार्यक्रम में भोपाल और आसपास के क्षेत्रों से 240 से अधिक निवेशकों और दावेदारों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में खुदरा निवेशक, उद्यमी तथा कॉर्पोरेट पेशेवर शामिल थे।
कार्यक्रम में सेबी के महाप्रबंधक श्री बिनोद शर्मा, आईईपीएफए के सहायक महाप्रबंधक श्री अतुल तायल, सीडीएसएल के उपाध्यक्ष श्री सुधीश पिल्लई, बीएसई के श्री अंकुर भंडारी तथा सेबी, आईईपीएफए, एमआईआई और आरटीए के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
दिनभर आयोजित सत्रों में बिना दावे वाली निवेशक परिसंपत्तियों
के मुद्दे पर विशेष ध्यान दिया गया। सेबी और आईईपीएफए ने संयुक्त रूप से दावों की प्रक्रिया
को सरल बनाने और निवेशकों में जागरूकता बढ़ाने के लिए आवश्यक सहयोग एवं संसाधन उपलब्ध
कराए, ताकि आत्मनिर्भर निवेशक (Atmanirbhar Investor) को सशक्त बनाया जा सके।