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टाटा एआईए लाइफ इंश्योरेंस ने लॉन्च किए 'सम्पूर्ण केयर - कैंसर' और 'सम्पूर्ण केयर - कैंसर फंड'

टाटा एआईए लाइफ इंश्योरेंस ने लॉन्च किए 'सम्पूर्ण केयर - कैंसर' और 'सम्पूर्ण केयर - कैंसर फंड'

कमाई बंद होने पर भी चलेगा घर: परिवार की ज़रूरत के अनुसार पाएं रेगुलर इनकम और लचीले भुगतान का भरोसा!

 

मुंबई:  टाटा एआईए लाइफ इंश्योरेंस ने 'सम्पूर्ण केयर - कैंसर' लॉन्च किया है। यह टाटा एआईए का पहला ऐसा कैंसर प्लान है, जो बीमारी के दौरान कमाई रुकने पर भी घर खर्च को रुकने नहीं देता और नियमित आमदनी की तरह आर्थिक सहारा बनता है। इसमें पैसे मिलने के लचीले विकल्प मिलते हैं, जिन्हें हर परिवार अपनी ज़रूरत के हिसाब से कस्टमाइज़ कर सकता है। इसके साथ ही, 'सम्पूर्ण केयर - कैंसर फंड' का विकल्प भी है। यह आपको एक हेल्थ सेविंग्स फंड जोड़ने की सुविधा देता है ताकि बीमारी के इलाज के लिए आप बिना किसी टैक्स की चिंता के पैसे निकाल सकें।

 

राजन (काल्पनिक नाम) को जब अपनी बीमारी का पता चला, तब उनकी उम्र 41 साल थी। वह एक सीनियर मैनेजर थे। उनके दो बच्चे स्कूल में पढ़ रहे थे। उनके होम लोन की 11 साल की किश्तें अभी बाकी थीं। उनके रिटायरमेंट और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई के सारे प्लान्स कंप्यूटर की एक स्प्रेडशीट पर बहुत सलीके से बने हुए थे। इस पूरी प्लानिंग में "कैंसर" शब्द कहीं दूर-दूर तक नहीं था—और अब इसी एक शब्द ने उन्हें बुरी तरह डरा दिया था।

 

इस बीमारी ने उन्हें अपने परिवार की तरफ देखने और ऐसे सवाल पूछने पर मजबूर कर दिया, जो उन्होंने पहले कभी नहीं सोचे थे।

 

क्या मैं ठीक हो पाऊंगा? इसमें कितना समय लगेगा? क्या होगा अगर इसमें दो साल या उससे ज़्यादा का वक़्त लग गया? मेरे उन सारे प्लान्स का क्या होगा जो मैंने बनाए थे—क्या मुझे उन्हें कुछ समय के लिए रोकना पड़ेगा, या फिर हमेशा के लिए बंद करना होगा?

 

उनके पास हेल्थ इंश्योरेंस था। अस्पताल का खर्च तो उससे संभल जाता—रेडिएशन, कीमोथेरेपी, सर्जरी, सब कुछ। लेकिन अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद, ठीक होने में लगने वाले उन महीनों का क्या? क्या ऑफिस में उनके पास इतनी छुट्टियां बची होंगी, या फिर उन्हें 'बिना सैलरी के छुट्टी' वाले दौर से गुज़रना पड़ेगा? होम लोन की ईएमआई तो नहीं रुकने वाली थीं। बच्चों के स्कूल की फीस भी नहीं रुकने वाली थी। घर के रोज़मर्रा के खर्च भी नहीं थमने वाले थे। और सालों तक एक-एक ईंट जोड़कर जो एसआईपी उन्होंने खड़ी की थी, अब वे भी अचानक बंद होने की कगार पर थीं।

 

क्या कैंसर उनके जीवन के सारे प्लान्स को हमेशा के लिए रद्द करने वाला था?

 

बीमारी के पीछे का कड़वा सच

राजन की यह चिंता भारत के लाखों परिवारों के असली सच को दिखाती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर के अनुसार, भारत में हर साल 15.7 लाख से ज़्यादा लोगों में कैंसर का पता चलता है। आज के समय में कैंसर इंश्योरेंस को लेकर लोगों में जागरूकता तो बढ़ी है, लेकिन इसका एक सबसे बड़ा पहलू अब भी अनदेखा रह गया है।

 

कैंसर सिर्फ अस्पताल के भारी-भरकम बिल ही लेकर नहीं आता, बल्कि यह आपकी बंधी-बंधाई कमाई को रोक देता है। यह आपके करियर पर ब्रेक लगा देता है। यह उन भविष्य के लक्ष्यों को अचानक पटरी से उतार देता है, जिन्हें किसी परिवार ने दशकों की कड़ी मेहनत से संजोया होता है—और यह सब ठीक उस मोड़ पर होता है, जब परिवार को सबसे ज़्यादा आर्थिक स्थिरता और सहारे की ज़रूरत होती है।


स्त्रोत: 356-india-fact-sheet.pdf

 

भारतीय ग्राहक आखिर क्या चाहते हैं? (सर्वे के नतीजे)

कोई भी समाधान तैयार करने से पहले, टाटा एआईए ने ग्राहकों से एक सीधा सवाल पूछा: अगर दुर्भाग्यवश किसी को कैंसर जैसी गंभीर बीमारी हो जाए, तो आप बीमा का पैसा किस रूप में पाना चाहेंगे? इस सर्वे के नतीजों ने पुरानी सोच को पूरी तरह बदल दिया, जिसके तहत माना जाता था कि परिवार सिर्फ एक बार में इकट्ठा पैसा चाहते हैं।

 

·                     48% ग्राहक चाहते हैं कि उन्हें मिलने वाला पैसा एक नियमित आमदनी के रूप में मिले — इनमें से 47% लोग मासिक आय और 4% लोग वार्षिक आय के पक्ष में हैं।

·                     76% ग्राहक चाहते हैं कि यह आमदनी कुछ महीनों के लिए नहीं, बल्कि सालों तक चले — इनमें से 42% लोग 2 साल तक और 34% लोग 5 साल तक पेमेंट पाना चाहते हैं।

 

ग्राहकों का इशारा बिल्कुल साफ था। आधे लोग सिर्फ एकमुश्त रकम का चेक नहीं चाहते, बल्कि वे अपनी नियमित आमदनी का एक विकल्प चाहते हैं। इसके अलावा, हर तीन में से दो ग्राहकों का मानना था कि मार्केट में इससे पहले कैंसर सुरक्षा के साथ आमदनी जोड़ने वाला ऐसा कोई भी विकल्प कभी उपलब्ध नहीं कराया गया।

 

दो उत्पाद। एक जवाब। कैंसर सुरक्षा का एक बिल्कुल नया नज़रिया।

इसी बड़ी कमी को समझते हुए, टाटा एआईए लाइफ इंश्योरेंस ने आज एक साथ दो ऐतिहासिक उत्पाद लॉन्च करने की घोषणा की है: 'सम्पूर्ण केयर - कैंसर' और 'सम्पूर्ण केयर - कैंसर फंड' मिलकर एक ऐसा बेजोड़ सुरक्षा कवच बनाते हैं, जो कैंसर के इलाज से लेकर घर चलाने के खर्च तक, हर आर्थिक चुनौती का भारत में सबसे मज़बूत और व्यापक समाधान पेश करता है।

 

टाटा एआईए लाइफ इंश्योरेंस के चीफ बिज़नेस ऑफिसर – प्रोप्रायटरी बिज़नेस, प्रपोजिशंस एंड मार्केटिंग, सुजीत कोठारे ने कहा, "भारतीय परिवारों में कैंसर का पता चलना भावनात्मक और वित्तीय, दोनों ही तौर पर सब कुछ तोड़ देने वाला हो सकता है। यह एक बंधी-बंधाई और नियमित आमदनी के पूरे चक्र को बिगाड़ सकता है, क्योंकि मरीज़ को पूरी तरह ठीक होने और दोबारा कमाने की स्थिति में आने के लिए समय की ज़रूरत होती है।"

 

"ये दोनों उत्पाद साथ मिलकर इस चुनौती के हर पहलू का समाधान करते हैं—पहले ही दिन से क्लेम देने और आय का सहारा बनने से लेकर, भविष्य की लंबी बचत को सुरक्षित रखने और विश्व स्तरीय इलाज की सुविधा देने तक। भारतीय परिवार एक ऐसी संपूर्ण सुरक्षा के हकदार हैं, जो उतनी ही बड़ी और व्यापक हो, जितनी बड़ी यह समस्या है।"

 

कवरेज का लचीलापन, पात्रता की शर्तें और वेलनेस प्रोग्राम की अधिक जानकारी कृपया यहां पढ़ें -  www.tataaia.com.

 

सम्पूर्ण केयर - कैंसर: क्योंकि आपकी कमाई को भी सुरक्षा की ज़रूरत है

'सम्पूर्ण केयर - कैंसर' के पीछे एक सीधा पर बेहद असरदार विचार है: कैंसर इंश्योरेंस को उन सब चीज़ों की भरपाई करनी चाहिए जो कैंसर आपसे छीन लेता है—जिसमें आपकी आमदनी भी शामिल है।

 

यह प्लान ₹50 लाख तक का कवर देता है, जिसका भुगतान हर परिवार अपनी असली ज़रूरत के हिसाब से चुन सकता है:

 

·                     नियमित आमदनी - हर महीने आने वाली एक तय रकम, बिल्कुल एक सैलरी की तरह।

·                     100% एकमुश्त रकम - उन परिवारों के लिए जो एक ही बार में बड़ा फैसला लेना चाहते हैं: जैसे अस्पताल के बिल चुकाना, लोन बंद करना या अपनी वित्तीय स्थिति को तुरंत संभालना।

·                     दोनों का तालमेल - तुरंत आए संकट से निपटने के लिए पहले एक बड़ी रकम, और फिर अगले 5 साल तक चलने वाली रेगुलर इनकम का सहारा।

 

यह आखिरी विकल्प (तालमेल वाला) अपने आप में एक बड़ी क्रांति लेकर आया है। 5 साल तक मिलने वाली नियमित आमदनी का मतलब है कि अगर कैंसर आपकी कमाने की क्षमता को हमेशा के लिए बदल भी देता है, तब भी आपके परिवार को सालों तक आर्थिक सहायता मिलती रहेगी। यह असल में एक हेल्थ प्लान के अंदर ही बनी-बनाई 'इनकम रिप्लेसमेंट' की सुविधा है—ऐसा कुछ जो भारत में पारंपरिक कैंसर पॉलिसीज़ ने पहले कभी ऑफर नहीं किया है। और जिन ग्राहकों से हमने बात की, उन्होंने भी इस बात को माना: हर तीन में से दो ग्राहकों ने इस ऑफर को बिल्कुल अनूठा और बेजोड़ बताया।

 

इस प्लान में बीमा उद्योग में पहली बार प्रीमियम पर पूरे 30 साल की रेट गारंटी भी दी जा रही है। इससे परिवार लंबी अवधि के लिए बिना किसी चिंता के अपनी प्लानिंग कर सकते हैं, और उम्र बढ़ने के साथ प्रीमियम की बढ़ती कीमतों का डर भी पूरी तरह खत्म हो जाता है।

 

बीमारी की जल्द से जल्द पहचान: डायग्नोस्टिक बेनिफिट का बड़ा फायदा

भारत में कैंसर के इलाज का एक सबसे कड़वा सच यह है कि बीमारी की बीमारी की जल्द से जल्द पहचान से मरीज़ के ठीक होने की संभावना बहुत बढ़ जाती है और इलाज का खर्च भी काफी कम हो जाता है। इसके बावजूद, लोग सिर्फ स्क्रीनिंग और जांच के खर्चों से बचने के लिए इसे टालते रहते हैं। 'सम्पूर्ण केयर - कैंसर' में एक खास डायग्नोस्टिक बेनिफिट शामिल किया गया है, जो शुरूआती दौर की मेडिकल जांच के खर्चों का बोझ उठाता है। यह समय रहते जांच कराने की आदत को सिर्फ एक सलाह नहीं, बल्कि हर किसी के लिए वास्तव में आसान और सुलभ बनाता है।

 

क्योंकि सबसे बेहतरीन इलाज दुनिया में कही भी हो सकता है

कुछ तरह के कैंसर ऐसे होते हैं, जिनका सबसे बेहतरीन इलाज शायद आपके शहर या आपके देश में भी उपलब्ध न हो। इसी बात को ध्यान में रखते हुए, 'सम्पूर्ण केयर - कैंसर' में एक ओवरसीज ट्रीटमेंट बूस्टर शामिल किया गया है। इसके तहत, कैंसर का पता चलने की एक तय समय-सीमा के भीतर, दुनिया भर में कहीं भी विश्व स्तरीय इलाज कराने के लिए कैंसर बीमा राशि का 10% अतिरिक्त फंड दिया जाता है। क्योंकि जब आप कैंसर से लड़ रहे हों, तो देश की सीमाएं आपके इलाज में कभी रुकावट नहीं बननी चाहिए।

 

हेल्थ फंड: बीमारी के दौरान भी आपकी बचत का बढ़ना जारी रहेगा

इसी मामले में 'सम्पूर्ण केयर - कैंसर फंड' मार्केट में मौजूद अन्य सभी प्लान्स से मीलों आगे निकल जाता है।

 

इस योजना में एक इन-बिल्ट हेल्थ फंड मिलता है। यह आपकी कैंसर सुरक्षा के साथ-साथ चलने वाला एक व्यवस्थित सेविंग्स कंपोनेंट है, जो यह सुनिश्चित करता है कि बीमारी की वजह से आपकी संपत्ति बनाने की यात्रा बीच में न रुके।

 

ज़्यादातर लोग किसी भी मेडिकल इमरजेंसी के आते ही अपनी एसआईपी बंद कर देते हैं। बचत का पैसा दूसरी तरफ खर्च हो जाता है और भविष्य के लक्ष्य टल जाते हैं। सालों का वित्तीय अनुशासन कुछ ही महीनों में खत्म हो जाता है। यह हेल्थ फंड विशेष रूप से इसी नुकसान को रोकने के लिए डिज़ाइन किया गया है, ताकि जब सब कुछ बिखरता हुआ महसूस हो, तब भी आपकी बचत का पहिया बिना रुके घूमता रहे।

 

·                     प्रीमियम चुनने का लचीलापन: आप अपनी कैंसर प्रोटेक्शन प्रीमियम के 1 गुना से लेकर 3 गुना तक का हेल्थ फंड प्रीमियम चुन सकते हैं।

·                     बचत का पक्का अनुशासन: कठिन दौर में भी आपकी बचत का नियम और डिसिप्लिन नहीं टूटता।

·                     टैक्स-फ्री विड्रॉल: जमा हुए हेल्थ फंड से स्वास्थ्य से जुड़े किसी भी खर्च के लिए आप पूरी तरह टैक्स-फ्री पैसे निकाल सकते हैं।

·                     एक्सीडेंटल डिसेबिलिटी कवर: इसमें दुर्घटना के कारण होने वाली पूर्ण और स्थायी विकलांगता के लिए अतिरिक्त बेनिफिट कवरेज शामिल है।

·                     प्रीमियम रिफंड का विकल्प: यदि पॉलिसी की अवधि के दौरान कैंसर का कोई डायग्नोसिस नहीं होता है, तो 'प्रीमियम वापस मिलने' का विकल्प भी उपलब्ध है।

 

उपलब्ध समाधान के बारे में अधिक जानकारी के लिए - www.tataaia.com.

 

भविष्य का निर्माण करने वालों के लिए खास तौर पर बनाया गया है

 

'सम्पूर्ण केयर - कैंसर' मुख्य रूप से कामकाजी पेशेवरों और घर के मुख्य कमाने वाले सदस्यों के लिए तैयार किया गया है। ये वे लोग हैं जिन्होंने सालों की मेहनत से अपने परिवार की वित्तीय सुरक्षा खड़ी की है, और उन्हें यह भरोसा चाहिए कि स्वास्थ्य का कोई संकट उनकी इस मेहनत को बर्बाद नहीं करेगा। कैंसर कवर के साथ बचत की निरंतरता को जोड़कर, 'सम्पूर्ण केयर - कैंसर फंड' भारतीय परिवारों को यह आत्मविश्वास देता है कि वे अपने उस भविष्य से समझौता किए बिना गंभीर बीमारी का सामना कर सकें, जिसे बनाने के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की है।

 

एक बिल्कुल अलग तरह का वादा

आज भारत को कैंसर जैसी बीमारी से सुरक्षा के बारे में खुलकर बात करने की ज़रूरत है। हमें बीमारी के पूरे खर्च को समझना होगा। इलाज का खर्च बहुत बड़ा सच है। कमाई का बंद हो जाना भी एक कड़वा सच है। और यह डर भी बिल्कुल असली है कि मेहनत से जोड़ी गई पाई-पाई खत्म हो सकती है और परिवार के सारे सपने टूट सकते हैं।

 

'सम्पूर्ण केयर - कैंसर' और 'सम्पूर्ण केयर - कैंसर फंड' इन तीनों ही मुश्किलों का एक साथ सामना करते हैं: इसमें आपको अपनी पसंद से पैसे पाने की आज़ादी मिलती है, बीमारी के दौरान भी घर चलाने के लिए लगातार आमदनी मिलती है, और आपकी बचत का पहिया भी बिना रुके लगातार चलता रहता है।

 

क्योंकि हमारा मकसद सिर्फ बीमारी का पता चलने पर बीमा का पैसा देना कभी भी नहीं था। हमारा असली मकसद तो यह सुनिश्चित करना था कि आप और आपका परिवार इस बड़ी मुसीबत से सुरक्षित बाहर निकल सकें—ताकि आपका जीवन भी बचा रहे और आपके परिवार का भविष्य भी पूरी तरह सुरक्षित रहे।

 

फायदों, पैसे मिलने के तरीकों और योग्यता की शर्तों को जानने के लिए www.tataaia.com पर जाएं।

 

टाटा एआईए सम्पूर्ण केयर - कैंसर फंड (Tata AIA Sampoorna Care - Cancer Fund) तीन अलग-अलग प्लान्स को मिलाकर बना है:

टाटा एआईए हेल्थ एसआईपी (एक नॉन-पार्टिसिपेटिंग, यूनिट लिंक्ड, इंडिविजुअल हेल्थ इंश्योरेंस प्लान - UIN: 110L184V01)

टाटा एआईए हेल्थ बडी (एक नॉन-लिंक्ड, नॉन-पार्टिसिपेटिंग, इंडिविजुअल हेल्थ प्रोडक्ट - UIN: 110N183V01)।

टाटा एआईए सम्पूर्ण केयर - कैंसर (Tata AIA Sampoorna Care - Cancer), मूल 'टाटा एआईए सम्पूर्ण केयर' प्रोडक्ट का ही एक वेरिएंट (रूप) है। टाटा एआईए सम्पूर्ण केयर एक नॉन-पार्टिसिपेटिंग, नॉन-लिंक्ड इंडिविजुअल हेल्थ प्रोडक्ट है (UIN: 110N186V01)।

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