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बिमटेक के 38वें दीक्षांत समारोह में 797 ग्रेजुएट्स की उपलब्धियों का जश्न, एस्कॉर्ट्स कुबोटा के सीएमडी निखिल नंदा रहे मुख्य अतिथि

बिमटेक के 38वें दीक्षांत समारोह में 797 ग्रेजुएट्स की उपलब्धियों का जश्न, एस्कॉर्ट्स कुबोटा के सीएमडी निखिल नंदा रहे मुख्य अतिथि

नई दिल्ली: भारत के प्रमुख एएसीएसबी से मान्यता प्राप्त बिजनेस स्कूलों में शामिल बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी (बिमटेक) ने अपना 38वां दीक्षांत समारोह आयोजित किया। इस अवसर पर पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट (पीजीडीएम), पीजीडीएम (इंटरनेशनल बिजनेस), पीजीडीएम (इंश्योरेंस बिजनेस मैनेजमेंट), पीजीडीएम (रिटेल मैनेजमेंट) और पीजीडीएम (ऑनलाइन) प्रोग्राम्स के 797 ग्रेजुएट्स की शैक्षणिक उपलब्धियों का जश्न मनाया गया। इसके अलावा, फेलो प्रोग्राम इन मैनेजमेंट (एफपीएम) और एग्जीक्यूटिव फेलो प्रोग्राम इन मैनेजमेंट (ईएफपीएम) के 12 स्कॉलर्स ने भी अपनी पढ़ाई पूरी की। यह उपलब्धि मैनेजमेंट रिसर्च और शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

 

समारोह में एस्कॉर्ट्स कुबोटा लिमिटेड के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर श्री निखिल नंदा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर एस्कॉर्ट्स कुबोटा लिमिटेड और कुबोटा कॉरपोरेशन, जापान के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। इनमें एस्कॉर्ट्स कुबोटा लिमिटेड के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर श्री अकीरा काटो, होल टाइम डायरेक्टर एवं चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर श्री भारत मदान तथा कुबोटा कॉरपोरेशन के एग्री सॉल्यूशंस हेडक्वार्टर के जनरल मैनेजर और कुबोटा नॉर्थ अमेरिका कॉरपोरेशन के प्रेसिडेंट श्री टॉड स्टक्के शामिल थे। उनकी उपस्थिति से समारोह में अंतरराष्ट्रीय उद्योग जगत का दृष्टिकोण भी सामने आया। इस अवसर पर शैक्षणिक नेतृत्व, कॉरपोरेट विशेषज्ञ, फैकल्टी मेंबर्स, ग्रेजुएट्स और विशिष्ट अतिथि एक साथ जुटे और विद्यार्थियों की उपलब्धियों के साथ उनके प्रोफेशनल जीवन की नई शुरुआत का जश्न मनाया।

 

दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए एस्कॉर्ट्स कुबोटा लिमिटेड के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर श्री निखिल नंदा ने कहा, “हर पीढ़ी को एक विरासत मिलती है, लेकिन उस विरासत को भविष्य देने का काम अपनी अलग पहचान बनाने का साहस करता है। मेरे दादाओं ने मुझे सिखाया कि राष्ट्र निर्माण के कई रूप होते हैं। टेक्नोलॉजी के जरिए किसानों को सशक्त बनाने से लेकर सिनेमा के माध्यम से लाखों लोगों को प्रेरित करने तक, इसका उद्देश्य एक ही रहता है-लोगों के जीवन में बदलाव लाना। वर्ष 2026 के ग्रेजुएट्स से मैं कहना चाहता हूं कि अपने करियर को केवल अपने पद या हासिल की गई सफलता से न आंकें। खुद से पूछें कि आपने क्या बदला, किसकी मदद की और देश के लिए क्या योगदान दिया। एआई और लगातार हो रहे बदलावों से दुनिया का स्वरूप बदल रहा है। ऐसे में अपनी जिज्ञासा बनाए रखें, अहंकार को नियंत्रण में रखें और अपने मूल्यों को बनाए रखें। आपकी यात्रा देश की सेवा करने, कुछ नया बनाने और भारत को पहले से अधिक मजबूत बनाने का अवसर है।”

 

बिमटेक को एआईसीटीई द्वारा ग्रेडेड ऑटोनॉमी (कैटेगरी-I) का दर्जा दोबारा प्रदान किया गया है। यह उपलब्धि संस्थान की शैक्षणिक गुणवत्ता, संस्थागत उत्कृष्टता और शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर प्रगति के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह सम्मान बार-बार प्राप्त करने वाले चुनिंदा संस्थानों में बिमटेक का शामिल होना भी इसकी शैक्षणिक उपलब्धियों को दर्शाता है।

 

समारोह में संस्थान के ऑन-कैंपस और ऑनलाइन प्रोग्राम्स के विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों को भी सम्मानित किया गया। चार पीजीडीएम प्रोग्राम्स में पलाश गुप्ता, श्रीराम शंकर, संचित राणा और विधुला रानी पी. को गोल्ड मेडल प्रदान किए गए, जबकि प्रीयेश जैन, श्रुति सक्सेना, सिमरन जैन और नमिता जैन को सिल्वर मेडल से सम्मानित किया गया।

संस्थान ने पलाश गुप्ता को डॉ. सी. बी. गुप्ता मेमोरियल मेडल, इशिता मेहरा को श्रीमती यशोदा जाजू मेमोरियल मेडल तथा राधिका मट्टा और श्रुति सक्सेना को शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए श्रीमती माधुरी जे. शेठ अवॉर्ड प्रदान किया।

 

सेंटर फॉर ऑनलाइन स्टडीज (कूल्स) के अंतर्गत बैच सी6, सी7 और सी8 के ईगन गणेश, एलिस गैलोपिन और श्रुति सेठी को क्रमशः गोल्ड मेडल प्रदान किए गए। वहीं, श्रीगणेश जी., देबजीत मंडल और अनुज ठाकुर को सिल्वर मेडल से सम्मानित किया गया।

 

ये उपलब्धियां विद्यार्थियों की मेहनत, लगन और शैक्षणिक उत्कृष्टता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। समारोह में फेलो प्रोग्राम इन मैनेजमेंट (एफपीएम) के 2021-25 बैच के स्कॉलर डॉ. सचिन त्यागी को प्रतिष्ठित जगदीश एन. शेठ बेस्ट थीसिस अवॉर्ड मिलने पर भी सम्मानित किया गया।

 

बिमटेक ने अपने 38वें दीक्षांत समारोह में संस्थान के पूर्व विद्यार्थियों की उपलब्धियों को भी सम्मानित किया। आदित्य इन्फोटेक लिमिटेड (सीपी प्लस) के ग्रुप चीफ ह्यूमन रिसोर्स ऑफिसर श्री रवि चोपड़ा को डिस्टिंग्विश्ड एलुमनाई अवॉर्ड प्रदान किया गया। वहीं, यंग एलुमनाई अवॉर्ड श्री दिब्यांशु त्रिपाठी, हेक्सालॉग के सीईओ एवं को-फाउंडर; श्री राघव जैन, बीमाब्रो (राजेश चेतन इंश्योरेंस ब्रोकर्स प्राइवेट लिमिटेड) के को-फाउंडर एवं प्रिंसिपल ऑफिसर; श्री गोकुलनाथ सुब्रमणियन, विलियम पेन प्राइवेट लिमिटेड के चीफ बिजनेस ऑफिसर; और श्री निपुन पुरी, निसान डिजिटल इंडिया एलएलपी में स्ट्रैटेजिक सोर्सिंग एवं कैटेगरी मैनेजमेंट के लीडर को प्रदान किए गए।

 

बिमटेक के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सदस्य और लंदन स्थित खेतान लीगल एसोसिएट्स के सीनियर पार्टनर श्री साकेत खेतान ने वर्ष 2026 के ग्रेजुएट्स को संबोधित करते हुए कहा, “बिमटेक में हमारा मानना है कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल प्रोफेशनल सफलता हासिल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसे व्यक्तियों को तैयार करना भी है, जो ईमानदारी, संवेदनशीलता और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना के साथ नेतृत्व करें। एआई सहित तेजी से हो रहे तकनीकी बदलावों के साथ बिजनेस जगत भी बदल रहा है। ऐसे में भविष्य के लीडर्स के लिए जरूरी है कि वे नए विचारों और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप स्किल्स के साथ-साथ सही निर्णय लेने की क्षमता, नैतिक मूल्यों और मानवीय दृष्टिकोण को भी अपनाएं। हमारा प्रयास ऐसे ग्रेजुएट्स तैयार करना है, जो न केवल बिजनेस के भविष्य को आकार दें, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण में भी सार्थक योगदान दें।”

 

वर्ष 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बिमटेक की डायरेक्टर डॉ. प्रबीना राजिब ने संस्थान की विरासत और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप भविष्य पर केंद्रित मैनेजमेंट शिक्षा के केंद्र के रूप में इसके निरंतर विकास पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “करीब चार दशकों से बिमटेक की यात्रा इस मूल विचार से प्रेरित रही है कि मैनेजमेंट शिक्षा में प्रोफेशनल उत्कृष्टता के साथ समाज के प्रति जिम्मेदारी की गहरी भावना भी होनी चाहिए। हमारी विरासत केवल वर्षों से तय नहीं होती, बल्कि उन लीडर्स से बनती है, जिन्हें हम तैयार करते हैं,  उस ज्ञान से बनती है, जिसे हम विकसित करते हैं और उस प्रभाव से बनती है, जो हम समाज पर छोड़ते हैं। पिछला शैक्षणिक वर्ष इसी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसमें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हमारे विद्यार्थियों की उपलब्धियां, फैकल्टी का रिसर्च में योगदान, उद्योग जगत के साथ मजबूत साझेदारियां, वैश्विक स्तर पर सीखने के अवसर और हमारे एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की शुरुआत शामिल है।”

 

समारोह का एक प्रमुख आकर्षण श्री निखिल नंदा को प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस की मानद उपाधि प्रदान करना रहा। यह सम्मान मैनेजमेंट शिक्षा और प्रोफेशनल प्रैक्टिस के बीच संबंध मजबूत करने में उद्योग जगत के अनुभव और नेतृत्व के महत्व को मान्यता देता है।

 

अपने संस्थापकों स्वर्गीय बसंत कुमार बिड़ला और सरला बिड़ला से प्रेरित बिमटेक दुनिया के उन शीर्ष बिजनेस स्कूलों में शामिल है, जिन्हें वैश्विक स्तर पर पहचान मिली है और जो मैनेजमेंट शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिए जाने जाते हैं। संस्थान को 8,500 से अधिक पूर्व विद्यार्थियों के मजबूत नेटवर्क का भी सहयोग प्राप्त है, जो दुनिया के विभिन्न हिस्सों में कार्यरत हैं।

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