इस गठजोड़ के तहत सेंटर के बुनियादी ढांचे, शैक्षणिक
अनुसंधान और मेधावी छात्रों के लिए छात्रवृत्ति
में सहायता प्रदान की जाएगी
मुंबई: भारत में निजी क्षेत्र के प्रमुख बैंक, एक्सिस बैंक और
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट बैंगलोर (आईआईएमबी) ने एक्सिस
बैंक सेंटर ऑफ इकोनॉमिक्स की स्थापना के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया
है। इस सेंटर की स्थापना आईआईएमबी
के नए कैंपस - बेंगलुरु के जिगानी में स्थित 'आईआईएमबी - दोराबजी टाटा
स्कूल ऑफ अंडरग्रेजुएट स्टडीज़'
में की जाएगी।
इस एमओयू पर
मुंबई के वर्ली स्थित 'एक्सिस
हाउस' में हस्ताक्षर
किया गया। इस अवसर पर आईआईएम
बैंगलोर के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरपर्सन, डॉ. देवी प्रसाद शेट्टी; एक्सिस बैंक के
एमडी एवं सीईओ, श्री अमिताभ चौधरी; आईआईएम बैंगलोर के डायरेक्टर-इन-चार्ज,
प्रो. यू. दिनेश कुमार;
और एक्सिस बैंक के ग्रुप हेड - होलसेल बैंक कवरेज, कॉर्पोरेट
सैलरी, सस्टेनेबिलिटी
और सीएसआर, श्री
विजय मुलबागल के साथ-साथ दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
एक्सिस बैंक, इस साझेदारी के तहत, नए कैंपस के पहले चरण में 'इंटीग्रेटेड
एकेडमिक एंड एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक' के भीतर 'एक्सिस बैंक सेंटर ऑफ इकोनॉमिक्स' के निर्माण और
संचालन में सहयोग करेगा। यह सेंटर पूरे स्कूल के लिए प्रमुख शैक्षणिक और अनुसंधान
सुविधा के रूप में काम करेगा। इसके अलावा, इस पहल में
शिक्षकों का क्षमता विकास (फैकल्टी डेवलपमेंट), शोध और पात्र छात्रों
को उनकी आवश्यकता और योग्यता के आधार पर छात्रवृत्ति देना भी शामिल है।
'एक्सिस
बैंक सेंटर ऑफ इकोनॉमिक्स' का पाठ्यक्रम
वैश्विक मानकों के अनुरूप होगा। इसमें शुरुआत से ही विषयों की गहरी समझ के साथ-साथ
क्वांटिटेटिव (मात्रात्मक) और कंप्यूटेशनल लर्निंग को शामिल किया जाएगा। यह सेंटर
वास्तविक आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए डेटा, क्वांटिटेटिव
तरीकों और अनुभवजन्य विश्लेषण के उपयोग को बढ़ावा देगा। यह सेंटर संस्थान के उस
दृष्टिकोण को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिसके तहत वह
शैक्षणिक उत्कृष्टता,
बहु-विषयक शिक्षा
और आधुनिक शोध के लिहाज़ से वैश्विक स्तर पर स्वीकृत संस्थान बनना चाहता है।
एक्सिस बैंक के ग्रुप हेड - होलसेल बैंक
कवरेज,
कॉर्पोरेट सैलरी, सस्टेनेबिलिटी
और सीएसआर,
विजय मुलबागल ने इस अवसर पर कहा: "भारत के
जटिल आर्थिक परिदृश्य को समझने के लिए आवश्यक ज्ञान, कौशल और क्षमता
के विकास के लिए बहु-विषयक
शिक्षा और शोध बेहद महत्वपूर्ण हैं। एक्सिस बैंक का लक्ष्य है, आईआईएम बैंगलोर के साथ
मिलकर स्नातक की पढ़ाई (अंडरग्रेजुएट एजुकेशन) में वैश्विक मानकों के अनुरूप और
सार्थक शिक्षण विधियों के साथ-साथ गहन शोध आधारित नया मॉडल स्थापित करना। 'एक्सिस
बैंक सेंटर ऑफ इकोनॉमिक्स' उन संस्थानों
को मज़बूत करने की हमारी निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो भारत की
दीर्घकालिक,
समावेशी और वहनीय प्रगति को आकार देने में अग्रणी भूमिका निभा सकते हैं।"
आईआईएमबी
के डायरेक्टर-इन-चार्ज, प्रो.
यू. दिनेश कुमार ने इस अवसर पर कहा: "हम आईआईएमबी - दोराबजी टाटा
स्कूल ऑफ अंडरग्रेजुएट स्टडीज़ में 'एक्सिस बैंक सेंटर ऑफ इकोनॉमिक्स' स्थापित करने के
हमारे दृष्टिकोण का समर्थन करने के लिए एक्सिस बैंक के आभारी हैं। व्यवसायों, बाज़ारों और
समाज को प्रभावित करने वाले कारकों को समझने के लिए अर्थशास्त्र बेहद महत्वपूर्ण
है। आज के दौर में इसके अध्ययन के लिए मात्रात्मक और गुणात्मक तरीकों, डेटा-आधारित
अनुप्रयोगों और बहु-विषयक सोच की मज़बूत बुनियाद आवश्यक है। यह सेंटर ऐसा माहौल
तैयार करने में योगदान देगा,
जहां छात्र और फैकल्टी वैश्विक और राष्ट्रीय विकास को तय करने वाले कारकों पर
गहराई से काम कर सकें। एक्सिस बैंक का यह गठजोड़ हमें अपने शैक्षणिक बुनियादी ढांचे
को मज़बूत करने और ऐसे अवसर पैदा करने में मदद करेगा, जो विश्व
स्तरीय स्नातक (अंडरग्रेजुएट) संस्थान बनाने के संस्थान के लक्ष्य को आगे
बढ़ाएंगे।"
आईआईएमबी
- दोराबजी टाटा स्कूल ऑफ अंडरग्रेजुएट स्टडीज़ ने अगस्त 2026 में अपने पहले
शैक्षणिक बैच का स्वागत किया। डेटा साइंसेज़ और अर्थशास्त्र में 'बैचलर ऑफ साइंस
(ऑनर्स)' प्रोग्राम
के लिए, लगभग 12,000
आवेदकों में से 80
छात्रों को कठोर चयन प्रक्रिया के ज़रिए चुना गया। इस पहले बैच के 40 छात्र 'एक्सिस
बैंक सेंटर ऑफ इकोनॉमिक्स' में डेटा
साइंसेज़ में माइनर के साथ अर्थशास्त्र में 'बैचलर ऑफ साइंस' की डिग्री
हासिल करेंगे।
'एक्सिस
बैंक सेंटर ऑफ इकोनॉमिक्स',
संस्थान की मज़बूत शैक्षणिक बुनियाद के आधार पर छात्रों और
शिक्षकों के लिए नए मार्ग तैयार करेगा। साथ ही, यह भविष्य के
ऐसे अर्थशास्त्रियों,
शोधकर्ताओं और नेताओं को तैयार करेगा, जो भारत के
विकास को आकार देने और वैश्विक अर्थव्यवस्था के साथ जुड़ने में सक्षम होंगे।