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इस
हिस्सेदारी बिक्री में निर्माणाधीन पावर ट्रांसमिशन और सौर परियोजनाओं से जुड़ी दो
विशेष प्रयोजन कंपनियों में हिस्सेदारी बेची जाएगी। इन दोनों परियोजनाओं की कुल
परियोजना लागत करीब ₹8,400
करोड़ है।
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इस
पोर्टफोलियो में कर्नाटक में 400
केवी की करीब 470 ckm लंबी ट्रांसमिशन परियोजना और
मध्य प्रदेश में 1,363
MW (AC)/1,977 MWp (DC) क्षमता
का सौर परियोजना पोर्टफोलियो शामिल है।
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सौदे
का भुगतान चरणबद्ध सब्सक्रिप्शन व्यवस्था के माध्यम से किया जाएगा। हालांकि, सौदे से जुड़े अंतिम समझौते अभी किए
जाने बाकी हैं।
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यह
हिस्सेदारी बिक्री डीबीएल की परिसंपत्ति-हल्की ‘डीबीएल 2.0’ रणनीति को आगे बढ़ाती है। इससे पूंजी
को फिर से इस्तेमाल करने और कंपनी की बैलेंस शीट पर कर्ज का बोझ कम करने में मदद
मिलेगी।
भोपाल:
भारत की प्रमुख
बहु-परिसंपत्ति वाली इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों में शामिल दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड (NSE: DBL; BSE: 540047)
("कंपनी"/"DBL") ने आज घोषणा की कि 10 अगस्त, 2026 को हुई कंपनी के निदेशक मंडल की बैठक
में मेखली पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड और डीबीएल रिन्यूएबल प्राइवेट लिमिटेड में
कंपनी की हिस्सेदारी बेचने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। ये दोनों विशेष
प्रयोजन कंपनियां क्रमशः कंपनी की निर्माणाधीन पावर ट्रांसमिशन और सौर परियोजनाओं
का संचालन कर रही हैं। यह हिस्सेदारी अल्फा अल्टरनेटिव्स फंड एडवाइजर्स एलएलपी
और/या उसकी संबद्ध कंपनियों तथा/या अल्फा अल्टरनेटिव्स फंड एडवाइजर्स एलएलपी
द्वारा प्रबंधित फंडों को बेची जाएगी। दोनों परियोजनाओं की कुल लागत करीब ₹8,400 करोड़ है।
मेखली
पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड कर्नाटक के बेलगावी जिले में करीब 470 सर्किट किलोमीटर लंबी 400 किलोवोल्ट सब-स्टेशन पावर
ट्रांसमिशन परियोजना के विकास,
डिजाइन और
इंजीनियरिंग का काम कर रही है।
डीबीएल
रिन्यूएबल प्राइवेट लिमिटेड मध्य प्रदेश में सौर परिसंपत्तियों वाली 10 विशेष प्रयोजन कंपनियों से बने 1,363 MW (AC) / 1,977
MWp (DC) क्षमता
के सौर परियोजना पोर्टफोलियो के विकास, डिजाइन
और इंजीनियरिंग का काम कर रही है।
इस
सौदे के तहत मिलने वाली राशि पक्षों के बीच तय शर्तों के अनुसार चरणबद्ध
सब्सक्रिप्शन और सौदा पूरा करने की व्यवस्था के माध्यम से निर्धारित की जाएगी। इस
लेन-देन से जुड़े अंतिम समझौते अभी किए जाने बाकी हैं।
यह
हिस्सेदारी बिक्री डीबीएल के लिए अपनी परिसंपत्तियों का मूल्य सामने लाने का अवसर
है और कंपनी की ऐसी परिसंपत्ति-हल्की, बहु-परिसंपत्ति
विकास प्लेटफॉर्म तैयार करने की रणनीति के अनुरूप है, जिसका लक्ष्य नियमित नकदी प्रवाह
पैदा करना और नई कारोबारी संभावनाओं में दोबारा निवेश के लिए पूंजी का बेहतर
इस्तेमाल करना है। यह सौदा कंपनी की कर्ज कम करने और बैलेंस शीट को मजबूत करने की
लगातार जारी कोशिशों में भी मदद करेगा। साथ ही, इससे अल्फा अल्टरनेटिव्स के साथ
कंपनी की मौजूदा दीर्घकालिक साझेदारी और मजबूत होगी।
अल्फा
अल्टरनेटिव्स के सीनियर पार्टनर और प्राइवेट मार्केट्स के हेड श्री कौशल बियानी ने
कहा, “यह सौदा हमारे रणनीतिक
साझेदार दिलीप बिल्डकॉन पर हमारे भरोसे और इंफ्रास्ट्रक्चर के विभिन्न क्षेत्रों
में उसकी मजबूत परियोजना क्रियान्वयन क्षमता को फिर से साबित करता है। हम उच्च
गुणवत्ता वाली,
दीर्घकालिक
इंफ्रास्ट्रक्चर परिसंपत्तियों में अपने निवेश को लगातार बढ़ा रहे हैं और भारत के
पावर तथा अक्षय ऊर्जा क्षेत्रों में मजबूत विकास की संभावनाएं देखते हैं। हम भारत
के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में योगदान देने के साथ-साथ अपने निवेशकों के लिए टिकाऊ
और दीर्घकालिक मूल्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
इस
घटनाक्रम पर दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ श्री देवेंद्र
जैन ने कहा,
“यह सौदा हमारी
डीबीएल 2.0 यात्रा में एक महत्वपूर्ण
पड़ाव है। हम लंबी अवधि के अनुबंधित परिसंपत्तियों पर आधारित बहु-परिसंपत्ति
इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेटफॉर्म तैयार कर रहे हैं। इन ट्रांसमिशन और सौर परियोजनाओं
में अल्फा अल्टरनेटिव्स के साथ हमारी साझेदारी हमें परियोजनाओं के शुरुआती चरण में
ही पूंजी को दोबारा इस्तेमाल करने में सक्षम बनाती है। साथ ही, हम अपनी बैलेंस शीट को मजबूत करने और
अधिक परिसंपत्ति-हल्का कारोबार तैयार करने पर अपना अनुशासित ध्यान बनाए रखेंगे।”
यह
सौदा अंतिम समझौतों पर हस्ताक्षर होने, उनमें
तय नियमों और शर्तों को पूरा करने तथा आवश्यक नियामकीय मंजूरियां मिलने पर निर्भर
करेगा।
जेएम
फाइनेंशियल लिमिटेड ने इस सौदे के लिए दिलीप बिल्डकॉन के विशेष वित्तीय सलाहकार के
रूप में काम किया,
जबकि खेतान एंड
कंपनी ने डीबीएल को कानूनी सलाह दी।