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आलिया भट्ट के साथ तीन हिस्सों में फिल्माया
गया कैंपेन उन महिलाओं का जश्न मनाता है जो रोज़ाना के जजमेन्ट का सामना समझदारी, शालीनता
और आत्मविश्वास के साथ करती हैं
मुंबई: दुनिया
में एक खास तरह की महिला होती है जिसे लोग मुश्किल समझते हैं, वह अपनी बात साफ रखती
है, सवाल पूछती है, अपनी सीमाएं खुद तय करती है। वह दूसरों की मंज़ूरी के बजाय असलियत
और भीड़ का हिस्सा बनने के बजाय आत्मविश्वास को चुनती है। लेकिन जिन खूबियों की वजह
से उसे कभी मुश्किल कहा जाता था, आज वही खूबियां उसे सबसे अलग बनाती हैं। उसका कोमल
स्वभाव उसे कमज़ोर नहीं बनाता; बल्कि यही तय करता है कि वह कैसे नेतृत्व करती है, फैसले
लेती है और आज की दुनिया में किस तरह आगे बढ़ती है। टाइटन रागा का नया कैंपेन,‘योर वे
इज़ ब्यूटीफुल (आपका अंदाज़ खूबसूरत है)’, उन महिलाओं का सम्मान करता है जो इन खूबियों
को अपनी ताकत मानती हैं। यह दिखाता है कि नेतृत्व करने, अपनी पहचान बनाने या दुनिया
को आगे ले जाने के लिए उन्हें खुद को बदलने की ज़रूरत नहीं है। ऐसी दुनिया में जहाँ
महिलाएं अपने-अपने तरीके से आगे बढ़ रही हैं, असली खूबी अपनी पहचान बनाए रखने में है।
उसकी नारीत्व में कोई बदलाव लाने की ज़रूरत नहीं है। यही उसकी सबसे बड़ी ताकत है।
ब्रांड अंबेसडर
आलिया भट्ट के नेतृत्व में, तीन भागों में बना यह फिल्म कैंपेन जजमेंट, कल्पना और रोज़मर्रा
के भेदभाव के जाने-पहचाने पलों को एक नया नज़रिया देता है, यह दर्शाता है कि किस तरह
महिलाएं मुश्किल हालातों से भी आत्मविश्वास के साथ निपट सकती हैं।
इस अवसर
पर टाइटन कंपनी लिमिटेड में एनालॉग वॉचेस की चीफ मार्केटिंग ऑफिसर, सुश्री रंजनी कृष्णस्वामी
ने कहा, “रागा के साथ, हमारा हमेशा से यह मानना रहा है कि खूबसूरती कभी भी उन सख्त
परिभाषाओं में बंधकर नहीं रह सकती जो समाज ने पीढ़ियों से उस पर थोपी हैं। आखिरकार कौनसी
चीज़ एक महिला को खूबसूरत बनाती है, यह तय करने का हक खुद उस महिला के अलावा और किसे
है? खूबसूरती दुनिया की सोच से कहीं ज़्यादा गहरी और जीवंत है। यह एक ही समय में समझदारी
और संवेदना, नज़ाकत और ताकत का मेल है। आज की महिला अपनी शर्तों पर खूबसूरती के मायने
तय कर रही है; वह अपने विरोधाभासों के जादू को अपना रही है और खुद पर लगे हर लेबल को
एक-एक करके खामोश समझदारी और अटूट विश्वास के साथ पलट रही है। योर वे इज़ ब्यूटीफुल
(आपका अंदाज़ ही सुंदर है) के ज़रिए रागा इसी बात का जश्न मनाती हैः ऐसी खूबसूरती जो
दुनिया की उम्मीदों से नहीं, बल्कि उस महिला से तय होती है जो अपने भीतर के हर विरोधाभास
को अपनाती है और उसे गर्व के साथ अभिव्यक्त करती है।”
ये फ़िल्में
ऐसी स्थितियों पर आधारित हैं जिनका सामना अनगिनत महिलाओं ने किया है - जैसे किसी छोटी-सी
बातचीत के लिए लोगों की बातें झेलना, ज़िंदगी के बेहद निजी फ़ैसलों पर बिना मांगे राय
सुनना, या अपने शरीर को आम बातचीत का विषय बनते देखना। इन कहानियों को जो बात खास बनाती
है, वह है महिलाओं का उन स्थितियों पर प्रतिक्रिया देने का तरीका। वे अपने स्वाभाविक
गुणों का इस्तेमाल करती हैंः जैसे दयालुता, भावनात्मक समझ और उन चीज़ों को देखने की
क्षमता जिन्हें दूसरे नहीं देख पाते। अक्सर महिलाओं को इन गुणों को दबाने की सलाह दी
जाती है, लेकिन हम इन्हें उनकी ताकत मानते हैं।
यह कैंपेन
आधुनिक नारीत्व के खूबसूरत दोहरेपन का जश्न मनाता है, जहाँ महिलाएँ कोमल होते हुए भी
अडिग, शांत होते हुए भी निडर और दयालु होते हुए भी मज़बूत हो सकती हैं। उन्हें इन गुणों
में से किसी एक को चुनने या दूसरे के लिए किसी एक को छोड़ने की ज़रूरत नहीं है। असली
ताकत इन सभी गुणों को अपनाकर आगे बढ़ने में है। मुश्किल काम को खूबसूरती से करने का
यही मतलब हैः खुद को बदलना नहीं, बल्कि उस महिला की ताकत को पहचानना जो आप पहले से
ही हैं।
इस कैंपेन
की खासियत है टाइटन की सिग्नेचर धुन, जो तीनों फ़िल्मों में सुनाई देती है। यह जानी-पहचानी
धुन कहानियों के बीच एक जुड़ाव बनाती है, स्थितियों को हल्के-फुल्के अंदाज़ में पेश करने
में मदद करती है और कैंपेन को एक खास पहचान देती है।
इस रचनात्मक सोच के बारे में विस्तार से बताते हुए,
ओगिल्वी साउथ के चीफ क्रिएटिव ऑफिसर पुनीत कपूर ने कहा, “हर दिन, महिलाओं को छोटी-मोटी
अपमानजनक स्थितियों का सामना करना पड़ता हैः अजनबियों की घूरती नज़रें, लोगों की दबी-छिपी
आलोचनाएँ, या बेपरवाह सहकर्मी। दुनिया शायद ही उस हुनर को देख पाती है जिसकी ज़रूरत
इन स्थितियों से निपटने के लिए होती है। लेकिन रागा ऐसा करता है। वे हर मुश्किल स्थिति
को शालीनता से संभालती हैं, क्योंकि यह सिर्फ़ अच्छा व्यवहार या समझौता करना नहीं है,
बल्कि यह आधुनिक महिला का स्वाभाविक गुण है। रागा उन महिलाओं का सम्मान करता है जिन्होंने
शालीनता को एक स्ट्रैटेजी के रूप में अपनाया है।”
रागा के
लिए, श्योर वे इज़ ब्यूटीफुल (आपका अंदाज़ खूबसूरत है) बाहरी सुंदरता से परे खूबसूरती
के बारे में एक गहरी बातचीत भी है। यह रागा केकहानी कहने के अंदाज़ में एक स्वाभाविक
बदलाव को दर्शाता है। ‘ब्यूटीफुल टुगेदर’ के साथ, ब्रांड ने महिलाओं के एक साथ आने
और एक-दूसरे से ताकत और खुशी पाने की सुंदरता का जश्न मनाया था। इस बार, रागा उन गुणों
का जश्न मना रहा है जो एक महिला को उसकी असली पहचान देते हैं।
आज की महिला
के लिए, नारीत्व कोई ऐसी चीज़ नहीं है जिसे गंभीरता से लिए जाने के लिए उसे बदलना पड़े।
जो गुण कभी बहुत कोमल, भावुक या सहज माने जाते थे, वे आज उसकी ताकत का हिस्सा हैं। वह उन्हें अपना सकती है,
उनके साथ आगे बढ़ सकती है और उन्हें अपनी खास पहचान का हिस्सा बनने दे सकती है।
आज एक महिला
होने की यही खूबसूरती है। उसे कोमलता और ताकत, सहानुभूति और महत्वाकांक्षा, शालीनता
और पक्के इरादे के बीच किसी एक को चुनने की ज़रूरत नहीं है। वह इन सभी को एक साथ अपना
सकती है। और शायद सबसे बड़ी बात यह जानना है कि ज़्यादा ताकतवर बनने के लिए उसे कभी भी
अपनी महिला वाली पहचान को कम करने की ज़रूरत नहीं पड़ती।
फिल्म अब
सभी डिजिटल एवं सोशल मीडिया चैनलों पर लाईव हो चुकी है।