मेनू

×

खोजें

हिंदुस्तान जिंक पर ब्रोकरेज का भरोसा बढ़ा, उत्पादन लागत पांच साल के निचले स्तर पर; सिल्वर और एबिटडा में मजबूत प्रदर्शन से बढ़े टारगेट

हिंदुस्तान जिंक पर ब्रोकरेज का भरोसा बढ़ा, उत्पादन लागत पांच साल के निचले स्तर पर; सिल्वर और एबिटडा में मजबूत प्रदर्शन से बढ़े टारगेट

मुंबई : हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है। कंपनी की उत्पादन लागत (सीओपी) अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है और सिल्वर कारोबार में तेज बढ़त दर्ज की गई है। इसके चलते कई ब्रोकरेज हाउस ने शेयर पर अपना सकारात्मक रुख बरकरार रखते हुए लक्ष्य मूल्य बढ़ा दिया है।

 

हिंदुस्तान जिंक की चौथी तिमाही आय में सबसे बड़ा योगदान रिफाइंड जिंक की लागत में गिरावट का रहा। रॉयल्टी को छोड़कर सीओपी तिमाही-दर-तिमाही 4% घटकर 903 डॉलर प्रति टन रह गई, जो सालाना आधार पर 9% कम है। यह कंपनी के पूरी तरह अंडरग्राउंड माइनिंग में बदलाव के बाद सबसे कम तिमाही सीओपी है।

 

कंपनी के प्रदर्शन का विश्लेषण करते हुए जेफरीज ने कहा कि जिंक प्रमुख कंपनी ने शानदार तिमाही नतीजे दिए हैं और एबिट (ब्याज एवं कर से पहले आय) में सिल्वर की बढ़ती हिस्सेदारी के कारण इसकी वैल्यूएशन उचित है। ब्रोकरेज का मानना है कि कैलेंडर वर्ष 2026 में सिल्वर की सप्लाई में कमी बनी रहेगी, जबकि जिंक की कीमतें संतुलित रहेंगी। जेफरीज ने कहा, “हिंदुस्तान जिंक ने वित्त वर्ष 24-26 के दौरान प्रति शेयर आय (ईपीएस) में 34% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) दर्ज की है।” ब्रोकरेज को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 27 में भी यह रफ्तार जारी रहेगी और ईपीएस में 33% की और बढ़ोतरी होगी। जेफरीज ने 700 रुपये के लक्ष्य मूल्य के साथ ‘बायरेटिंग बरकरार रखी है।

 

एचएसबीसी ग्लोबल ने वित्त वर्ष 27/28 के लिए एबिटडा अनुमान 0.4% से 1.4% तक बढ़ाया है और लक्ष्य मूल्य 720 रुपये से बढ़ाकर 730 रुपये कर दिया है। एचएसबीसी ने कहा कि कंपनी की कम लागत वाली जिंक माइनिंग, सिल्वर में मजबूत पकड़, मजबूत बैलेंस शीट और कैश फ्लो इसे आकर्षक बनाते हैं।

 

नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने स्टॉक को “रिड्यूससे अपग्रेड कर “बायकिया है और लक्ष्य मूल्य 700 रुपये तय किया है। कंपनी प्रबंधन ने वित्त वर्ष 27ई के लिए सीओपी 975–1000 डॉलर प्रति टन के बीच रहने का अनुमान दिया है। साथ ही कहा है कि रिन्यूएबल एनर्जी मिश्रण में हर 2% वृद्धि से सीओपी में 1 डॉलर प्रति टन की कमी आ सकती है। नुवामा ने कहा, हिंदुस्तान जिंक की कमाई वित्त वर्ष 29 की पहली तिमाही तक मुख्य रूप से कमोडिटी की कीमतों पर निर्भर करती है। टाइट सप्लाई मार्केट की वजह से कमोडिटी की कीमतें ऊंची रह सकती हैं। हमारा अनुमान है कि वित्त वर्ष 26–28ई के दौरान रिफाइंड मेटल के लिए 3% वॉल्यूम सीएजीआर और चांदी के लिए 7% वॉल्यूम सीएजीआर रहेगा।”

 

एबिटडा ने हासिल की बढ़त

 

ब्रोकरेज हाउसों ने यह भी नोट किया कि कंपनी ने 5,033 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड तिमाही शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो सालाना आधार पर 68% अधिक है। वहीं, एबिटडा 61% बढ़कर 7,747 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।

 

जेएम फाइनेंशियल ने ‘बाय रेटिंग के साथ 765 रुपये का लक्ष्य मूल्य बनाए रखा है। ब्रोकरेज ने कहा कि कंपनी का 77 अरब रुपये का एबिटडा उसके अनुमान 70 अरब रुपये से काफी बेहतर रहा।

 

कंपनी की नेट कैश स्थिति भी मजबूत हुई है। दिसंबर 2025 के अंत में जहां नेट कैश 3 अरब रुपये था, वहीं अब यह बढ़कर 56 अरब रुपये हो गया है। कंपनी ने 11 रुपये प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड भी घोषित किया है।

 

यस सिक्योरिटीज ने ‘एडरेटिंग के साथ 682 रुपये का लक्ष्य मूल्य बनाए रखा है। ब्रोकरेज के अनुसार, वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही में एबिटडा मार्जिन 55% से बढ़कर 56.8% हो गया, जिसमें सिल्वर कारोबार ने मजबूत समर्थन दिया।

हिंदुस्तान जिंक के शेयरों ने पिछले 12 महीनों में करीब 32% की बढ़त दर्ज की है, जो बेंचमार्क इंडेक्स और निफ्टी मेटल इंडेक्स दोनों से बेहतर रिटर्न है।

ADVERTISEMENT