मुंबई: हाल ही में एक सोशल
मीडिया पोस्ट में, वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने एक बेहद व्यक्तिगत संदेश
साझा किया, जिसमें उन्होंने व्यक्तिगत और संगठनात्मक दोनों स्तरों पर गहरे दुख और क्षति
के दौर पर अपने विचार व्यक्त किए।
“सुना था वक्त अक्सर
इम्तिहान लेता है, पिछले कुछ महीनों से मैं यह अनुभव भी कर रहा हूँ।
साल की शुरुआत में ही,
मैंने पहले अपने नौजवान बेटे को खो दिया और फिर, इस महीने, 14 अप्रैल को सिंघीतराई
पावर प्लांट में हुए अफसोसजनक हादसे ने, मुझसे 25 बेशकीमती साथी छीन लिए। मैं ऐसी असामयिक
मृत्यु का दर्द भली भाँति जानता हूँ।
दोनों ही हादसे, इतने
अननेचुरल से, पीड़ा से भरे लगते हैं, जिसकी कोई कल्पना नहीं कर सकता।
मुझे दुख और हैरत होती
है सोचकर कि हमारे इस एथेना प्लांट में हमने सर्वोच्च सावधानी बरती, इस प्लांट की पूरी
जिम्मेदारी भी हमने हिंदुस्तान की सबसे भरोसेमंद महारत्न कंपनी एनटीपीसी-जीई की पार्टनरशिप
एनजीएसएल को सौंपी। कॉन्ट्रैक्टर्स और एम्प्लाइज भी उनके थे। एक्स्पर्टीज़ भी उनका
था। और इसी भरोसे पे निश्चिंत होकर हमने इस प्लांट का रखरखाव और ऑपरेशन्स, आउटसोर्स
किया था। फिर भी यह दुर्भाग्यपूर्ण हादसा हो गया।
यह वैसा ही है जैसे
अक्सर वाहन मालिक, अपना वाहन किसी भरोसेमंद ड्राइवर को दे देते हैं। और उम्मीद करते
हैं कि वाहन चालक और वाहन, नियमों के साथ चलकर सलामत रहेंगे।
वेदांता के हर कॉन्ट्रैक्ट
में सेफ्टी पे सबसे ज़्यादा फोकस रहता है। और एनटीपीसी और जीई की भी यही पालिसी रही
है। उसके बाद भी इतनी बड़ी दुर्घटना हो जाए तो दिल टूट जाता है।
मेरे बेटे अग्निवेश
सहित, जो 25 प्रियजन हमने खोए हैं, उन सभी जनों को मैं, वेदांता परिवार और अपनी ओर
से श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ।
सच है कि होनी पर तो
कोई बस नहीं है। एथेना प्लांट के सारे के सारे पीड़ितों को मुआवज़ा मिल चुका है और
आगे भी हमसे वेदांता ग्रुप चेयरमैन के रूप में जो भी हो पाएगा, वो हम ज़रूर करेंगे।”
Tweet: https://x.com/AnilAgarwal_Ved/status/2048644354710069552
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