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पाकिस्तान फिर भारत की ओर ड्रोन क्यों भेज रहा है?

पाकिस्तान फिर भारत की ओर ड्रोन क्यों भेज रहा है?

पिछले कुछ दिनों में पाकिस्तान की ओर से भारत की सीमा में ड्रोन गतिविधियां एक बार फिर चर्चा में हैं।
खासतौर पर जम्मू और कश्मीर और अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास ड्रोन देखे जाने से सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं।

लेकिन सवाल यह नहीं है कि ड्रोन आए या नहीं — असली सवाल है कि पाकिस्तान अब यह तरीका क्यों अपना रहा है


1. ये ड्रोन हमला करने नहीं, टटोलने आए हैं

सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, हाल में देखे गए ज़्यादातर ड्रोन:

  • छोटे आकार के हैं

  • कम ऊंचाई पर उड़ रहे हैं

  • इनमें विस्फोटक नहीं, बल्कि निगरानी की क्षमता ज़्यादा है

यानी इनका मकसद सीधा हमला नहीं, बल्कि भारत की सुरक्षा व्यवस्था को परखना है —
कहां रडार कमजोर है, कहां जवाब देने में समय लगता है, और किन इलाकों में घुसपैठ आसान हो सकती है।


2. 2025 के टकराव के बाद बदली रणनीति

2025 में भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव अपने चरम पर था। खुले सैन्य टकराव और अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद पाकिस्तान अब सीधी भिड़ंत से बचना चाहता है

ड्रोन इसके लिए एक बेहतर विकल्प हैं क्योंकि:

  • सैनिकों की जान जोखिम में नहीं पड़ती

  • सीधे युद्ध की स्थिति नहीं बनती

  • पकड़े जाने पर जिम्मेदारी से इनकार किया जा सकता है

इसे रणनीतिक भाषा में “ग्रे-ज़ोन टैक्टिक्स” कहा जाता है।


3. सुरक्षा सिस्टम को टेस्ट करना असली मकसद

हर ड्रोन एक सवाल पूछता है:

  • क्या भारत तुरंत पकड़ पाएगा?

  • जवाब कितनी देर में आएगा?

  • कौन सा सेक्टर सबसे कमजोर है?

यह भविष्य की किसी बड़ी साजिश की तैयारी या रिहर्सल भी हो सकती है — चाहे वह हथियार गिराने की हो या घुसपैठ की।


4. अंदरूनी हालात और बाहरी तनाव

पाकिस्तान इस वक्त:

  • आर्थिक संकट

  • राजनीतिक अस्थिरता

  • जनता में असंतोष

जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। ऐसे समय में भारत के साथ सीमित तनाव बनाए रखना:

  • सेना की भूमिका को मज़बूत दिखाता है

  • जनता का ध्यान घरेलू मुद्दों से हटाता है

ड्रोन इस काम के लिए “कम खर्च, कम जोखिम” वाला तरीका बन चुके हैं।


5. कश्मीर अब भी रणनीति का हिस्सा

हालांकि ज़मीन पर हालात बदले हैं, लेकिन कश्मीर मुद्दा अब भी पाकिस्तान की रणनीतिक सोच में शामिल है।
ड्रोन गतिविधियां उसी पुरानी नीति का नया तकनीकी रूप मानी जा रही हैं।


6. भारत की तैयारी ने खेल मुश्किल बना दिया है

भारत ने:

  • एंटी-ड्रोन सिस्टम

  • इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग

  • तेज़ निगरानी

को काफी मजबूत किया है।
इसी वजह से ज़्यादातर ड्रोन निष्क्रिय कर दिए जा रहे हैं, लेकिन कोशिशें पूरी तरह रुकी नहीं हैं।


निष्कर्ष

पाकिस्तान द्वारा ड्रोन भेजना:

  • न तो अचानक है

  • न ही सीधे युद्ध की तैयारी

यह एक दबाव बनाने, सुरक्षा परखने और संदेश देने की रणनीति है — जिसमें टकराव बना रहे, लेकिन युद्ध न छिड़े।

आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि:

  • क्या यह गतिविधि यहीं रुकती है

  • या किसी बड़े घटनाक्रम की भूमिका बनती है

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