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फ्रॉम नंबर क्रंचर्स टू स्टोरीटेलर्स: फाइनेंस प्रोफेशनल्स की अगली पीढ़ी के लिए कम्युनिकेशन स्किल्स बन रहे हैं बेहद महत्वपूर्ण – एसीसीए (ACCA)

फ्रॉम नंबर क्रंचर्स टू स्टोरीटेलर्स: फाइनेंस प्रोफेशनल्स की अगली पीढ़ी के लिए कम्युनिकेशन स्किल्स बन रहे हैं बेहद महत्वपूर्ण – एसीसीए (ACCA)
  • एसीसीए की नई गाइड ने रेखांकित किया कि करियर के शुरुआती दौर में मौजूद फाइनेंस प्रोफेशनल्स के लिए स्टोरीटेलिंग (कहानी बयां करना) एक महत्वपूर्ण हुनर क्यों है; इसमें भारत के प्रमुख रंगमंच कलाकारों, निर्देशकों और फाइनेंस लीडर्स के विशेषज्ञ विचार शामिल हैं।

एसीसीए (द एसोसिएशन ऑफ चार्टर्ड सर्टिफाइड अकाउंटेंट्स) ने आज 'फ्रॉम नंबर क्रंचर्स टू स्टोरीटेलर्स' (From number crunchers to storytellers) नामक एक नई गाइड जारी की है। यह गाइड इस बात की पड़ताल करती है कि कैसे बातचीत की बदलती आदतें कार्यस्थल (वर्कप्लेस) की उम्मीदों को विकसित कर रही हैं, और ऑटोमेशन के बढ़ने से पेशेवर सफलता के लिए आवश्यक कौशलों (स्किल्स) का रूप कैसे बदल रहा है।

विशेष रूप से करियर के शुरुआती दौर में मौजूद प्रोफेशनल्स को ध्यान में रखकर तैयार की गई यह गाइड नियोक्ताओं (एम्प्लॉयर्स), फाइनेंस लीडर्स और प्रमुख रंगमंच कलाकारों व निर्देशकों के अनुभवों को एक साथ लाती है, ताकि बातचीत करने के तरीके (कम्युनिकेशन), आत्मविश्वास और स्टोरीटेलिंग की क्षमताओं को विकसित किया जा सके। रिपोर्ट में पाया गया है कि जैसे-जैसे एआई (AI) और ऑटोमेशन नियमित रूप से होने वाले सामान्य कार्यों की जगह ले रहे हैं, वैसे-वैसे फाइनेंस प्रोफेशनल्स से यह उम्मीद की जा रही है कि वे अपने करियर के काफी शुरुआती दौर में ही डेटा से मिलने वाले निष्कर्षों को स्पष्ट रूप से समझा सकें, निर्णयों को प्रभावित कर सकें और हितधारकों (स्टेकहोल्डर्स) को जोड़ सकें।

गाइड इस बात पर प्रकाश डालती है कि स्टोरीटेलिंग कार्यस्थल में एक प्रमुख विशिष्टता (डिफरेंशिएटर) के रूप में उभर रही है, जो प्रोफेशनल्स को अलग पहचान बनाने, विश्वसनीयता बनाने और करियर के विकास को गति देने में मदद करती है। इसके साथ ही, सोशल मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म और विजुअल कंटेंट द्वारा संचालित बातचीत की बदलती आदतें वर्कप्लेस पर जेन जी (Gen Z) के सीखने, संवाद करने और जुड़ने के तरीकों को नया आकार दे रही हैं।

प्रोफेशनल्स को इन क्षमताओं को विकसित करने में मदद के लिए, यह गाइड 11-चरणों के एक फ्रेमवर्क (11-step framework) के माध्यम से स्टोरीटेलिंग की यात्रा को तीन चरणों—तैयारी (प्रिपरेशन), प्रस्तुति (डिलीवरी) और चिंतन (रिफ्लेक्शन) में विभाजित करती है। यह दर्शकों, उद्देश्य और मुख्य संदेश को समझने, कहानी के पीछे छिपे 'क्यों' (वजह) को स्पष्ट करने, डेटा का प्रभावी ढंग से उपयोग करने, पूरे आत्मविश्वास के साथ बात रखने, और फीडबैक व अभ्यास के माध्यम से लगातार सुधार करने पर जोर देती है।

थिएटर व फिल्म अभिनेत्री और 'आद्यम थिएटर' की कलात्मक निदेशक (आर्टिस्टिक डायरेक्टर) शेरनाज़ पटेल ने कहा, "उन मुख्य डेटा पॉइंट्स की पहचान करें जिनके इर्द-गिर्द आप अपनी कहानी बुनना चाहते हैं। तथ्य आपकी सबसे मजबूत नींव होते हैं; वे विश्वसनीयता प्रदान करते हैं और उन्हें झुठलाया नहीं जा सकता। एक बार जब वे आपके पास आ जाएं, तो आप एक सम्मोहक कहानी तैयार कर सकते हैं जो डेटा को जीवंत बना देती है।"

एसीसीए में 'पॉलिसी एंड इंसाइट्स लीड फॉर इंडिया' और इस गाइड की लेखिका पूजा चौधरी ने विस्तार से बताया, 'एक अच्छा स्टोरीटेलर बनना एक प्रक्रिया है। स्टोरीटेलिंग की कला का अभ्यास करने वाले रचनात्मक प्रोफेशनल्स, फाइनेंस एक्सपर्ट्स और शुरुआती स्तर के प्रोफेशनल्स के अनुभवों के आधार पर तैयार यह गाइड 11 तकनीकी और व्यक्तिगत चरणों को एक साथ लाती है। इसके साथ ही यह नियोक्ताओं के लिए भी अंतर्दृष्टि प्रदान करती है ताकि वे इस यात्रा में सह-भागीदार (को-पार्टनर्स) के रूप में काम कर सकें।'

एसीसीए के निष्कर्ष बताते हैं कि जो नियोक्ता जेन जी की ताकत को पहचानते हैं और उसे बढ़ावा देते हैं—जिसमें डिजिटल फ्लूएंसी (डिजिटल समझ), अनुकूलनशीलता (एडैप्टेबिलिटी) और नए दृष्टिकोण शामिल हैं—वे आगे चलकर आत्मविश्वासी कम्युनिकेटर्स, मजबूत सहयोगी और भविष्य के लीडर्स तैयार करने के लिए बेहतर स्थिति में होंगे।

एसीसीए के इंडिया डायरेक्टर, मो. साजिद खान ने कहा: "फाइनेंस प्रोफेशनल्स की भूमिका तेजी से बदल रही है। तकनीकी विशेषज्ञता अभी भी मौलिक और अनिवार्य है, लेकिन निष्कर्षों को सामने रखने, निर्णयों को प्रभावित करने और विभिन्न प्रकार के दर्शकों के साथ जुड़ने की क्षमता भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती जा रही है। जैसे-जैसे एआई कार्यस्थल को बदल रहा है, वैसे-वैसे बातचीत (कम्युनिकेशन), स्टोरीटेलिंग और संबंध बनाने (रिलेशनशिप-बिल्डिंग) जैसे विशिष्ट मानवीय कौशल और भी अधिक मूल्यवान हो जाएंगे। युवा प्रोफेशनल्स को अभ्यास, मेंटरशिप, फीडबैक और वास्तविक दुनिया के अनुभवों के माध्यम से इन क्षमताओं को विकसित करने में मदद करने के लिए नियोक्ताओं को एक महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी।"

यह गाइड जेन जी प्रोफेशनल्स के दृष्टिकोण को भी दर्शाती है, जिन्होंने मेंटरशिप, आत्मविश्वास बढ़ाने वाले सहयोग, रचनात्मक फीडबैक और दर्शकों के अनुकूल बातचीत का अभ्यास करने के अवसरों को अपने विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया है। यह अनुशंसा (रिकमेंड) करती है कि संगठनों को अभ्यास के लिए सुरक्षित स्थान (सेफ स्पेस) बनाने चाहिए, विकास कार्यक्रमों में कोचिंग व फीडबैक को शामिल करना चाहिए, और वास्तविक दुनिया की व्यावसायिक बातचीत व प्रस्तुतियों (प्रेजेंटेशन) के लिए अधिक अवसर प्रदान करने चाहिए।

'फ्रॉम नंबर क्रंचर्स टू स्टोरीटेलर्स' नियोक्ताओं और फाइनेंस प्रोफेशनल्स को तेजी से बदलते कार्य परिवेश में फलने-फूलने के लिए भविष्य के अनुकूल प्रतिभा तैयार करने में मदद करने की एसीसीए की निरंतर प्रतिबद्धता का एक हिस्सा है।

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