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सीपीआई (CPI) के आधार वर्ष में बदलाव: एसबीआई रिसर्च ने नई इंडेक्स श्रृंखला के प्रभाव का किया विश्लेषण

सीपीआई (CPI) के आधार वर्ष में बदलाव: एसबीआई रिसर्च ने नई इंडेक्स श्रृंखला के प्रभाव का किया विश्लेषण

मुंबई: सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MOSPI) द्वारा गठित एक विशेषज्ञ समूह ने उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आधार वर्ष को 2011-12 से बदलकर 2023-24 करने की सिफारिश की है । एसबीआई रिसर्च की नवीनतम 'इकोव्रैप' रिपोर्ट के अनुसार, नई श्रृंखला (CPI 2024) परिवारों के बदलते उपभोग व्यवहार को सटीक रूप से मापने और वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार की गई है । इस नई श्रृंखला का पहला डेटा 12 फरवरी, 2026 को जारी होगा, जिसमें जनवरी 2026 के लिए मुद्रास्फीति के आंकड़े शामिल होंगे ।

प्रमुख संरचनात्मक बदलाव और भार संशोधन: नई श्रृंखला 'COICOP 2018' वर्गीकरण को अपनाती है और वस्तुओं की टोकरी को बढ़ाकर 358 भारित वस्तुओं तक ले जाएगी । सबसे महत्वपूर्ण बदलाव 'खाद्य और पेय पदार्थ' समूह के भार में देखा गया है, जो 45.86% से घटकर 36.75% रह गया है । इसके विपरीत, 'परिवहन, सूचना और संचार' (बढ़कर 12.41%) और 'मनोरंजन तथा संस्कृति' (बढ़कर 4.86%) के भार में वृद्धि की गई है । एसबीआई रिसर्च का अनुमान है कि नए भार के कारण समग्र सीपीआई में 20-30 आधार अंकों (bps) की मामूली वृद्धि हो सकती है, जबकि उच्च खाद्य मुद्रास्फीति वाले महीनों में यह 20-30 bps कम रह सकता है ।

आधुनिक डेटा संग्रह और नई पद्धति: डेटा की विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए कई नए संग्रह तरीके पेश किए गए हैं:

  • ई-कॉमर्स का समावेश: ऑनलाइन मूल्य परिवर्तनों को ट्रैक करने के लिए, 25 लाख से अधिक आबादी वाले 12 शहरों के ऑनलाइन बाजारों को साप्ताहिक डेटा संग्रह के लिए जोड़ा गया है ।

  • नए समावेशन: अंतरराष्ट्रीय हवाई किराए और ओटीटी (OTT) मीडिया सेवाओं को पहली बार मूल्य संग्रह ढांचे में शामिल किया जाएगा ।

  • आवास और बिजली: नियोक्ता द्वारा प्रदान किए गए आवासों को बाहर रखा जाएगा । बिजली शुल्क अब चार अलग-अलग स्लैब (100, 200, 300 और 400 यूनिट) के आधार पर दर्ज किए जाएंगे ।

  • आभूषण मानक: विशेषज्ञों ने अनुकूलित गहनों के स्थान पर मानक सोने और चांदी की वस्तुओं (जैसे साधारण चूड़ियां और अंगूठी) की कीमतों को आधार बनाने की सिफारिश की है ।

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