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पाकिस्तान ने बांग्लादेश के DRS इस्तेमाल को लेकर ICC में शिकायत की

पाकिस्तान ने बांग्लादेश के DRS इस्तेमाल को लेकर ICC में शिकायत की

हाल ही में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक नया विवाद सामने आया है। Pakistan national cricket team ने International Cricket Council के पास शिकायत दर्ज कराई है। यह शिकायत मैच के दौरान Bangladesh national cricket team द्वारा DRS (Decision Review System) इस्तेमाल करने के तरीके को लेकर की गई है।

पाकिस्तान का कहना है कि बांग्लादेश के खिलाड़ियों ने अंपायर के फैसले को चुनौती देने से पहले स्टेडियम की बड़ी स्क्रीन पर रिप्ले देख लिया था। अगर ऐसा हुआ है तो यह खेल की भावना के खिलाफ माना जा सकता है।


DRS क्या होता है?

Decision Review System क्रिकेट में इस्तेमाल होने वाली एक तकनीक है, जो अंपायर के फैसले की जांच करने में मदद करती है।

अगर बल्लेबाज़ या गेंदबाज़ को लगता है कि अंपायर का फैसला गलत है, तो टीम DRS ले सकती है। इसके बाद थर्ड अंपायर तकनीक की मदद से फैसला दोबारा देखता है।

इसमें कई तकनीकें इस्तेमाल होती हैं, जैसे:

  • बॉल ट्रैकिंग

  • अल्ट्रा एज (UltraEdge)

  • स्लो मोशन रिप्ले

हर टीम को मैच में सीमित संख्या में ही DRS मिलते हैं, इसलिए खिलाड़ी इसका इस्तेमाल सोच-समझकर करते हैं।


पाकिस्तान ने शिकायत क्यों की?

रिपोर्ट्स के अनुसार पाकिस्तान टीम का मानना है कि बांग्लादेश के खिलाड़ियों ने DRS लेने से पहले स्टेडियम की स्क्रीन पर दिखाया गया रिप्ले देख लिया था।

क्रिकेट के नियमों के अनुसार खिलाड़ियों को अंपायर के फैसले के तुरंत बाद ही यह तय करना होता है कि उन्हें DRS लेना है या नहीं। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि खिलाड़ी टीवी रिप्ले देखकर फैसला न लें।

पाकिस्तान का कहना है कि अगर रिप्ले देखने के बाद DRS लिया गया है तो यह नियमों के खिलाफ हो सकता है।


ICC के नियम क्या कहते हैं?

International Cricket Council (ICC) के नियमों के अनुसार टीमों को अंपायर के फैसले के बाद लगभग 15 सेकंड के अंदर तय करना होता है कि वे DRS लेना चाहते हैं या नहीं।

खिलाड़ियों को आमतौर पर टीवी या बड़ी स्क्रीन पर दिखाए गए रिप्ले पर भरोसा नहीं करना चाहिए।

हालांकि कई बार स्टेडियम में रिप्ले बहुत जल्दी दिखा दिया जाता है, जिससे यह साफ नहीं हो पाता कि खिलाड़ियों ने रिप्ले देखा था या नहीं।


बांग्लादेश की तरफ से क्या कहा गया?

अब तक बांग्लादेश क्रिकेट टीम की ओर से इस शिकायत पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

संभव है कि खिलाड़ियों ने मैदान पर आपस में बात करके ही फैसला लिया हो। अक्सर बल्लेबाज़, नॉन-स्ट्राइकर, विकेटकीपर या गेंदबाज़ मिलकर तय करते हैं कि DRS लेना चाहिए या नहीं।


ICC कर सकती है जांच

अब यह मामला ICC के पास पहुंच गया है। ICC मैच के वीडियो और DRS लेने के समय की जांच कर सकती है।

अगर जांच में पता चलता है कि नियमों का उल्लंघन नहीं हुआ है, तो मामला यहीं खत्म हो सकता है। लेकिन अगर नियमों का गलत इस्तेमाल पाया गया, तो ICC टीमों को DRS के सही इस्तेमाल को लेकर नई सलाह या निर्देश दे सकती है।


क्रिकेट में तकनीक की बढ़ती भूमिका

यह घटना दिखाती है कि आधुनिक क्रिकेट में तकनीक की भूमिका लगातार बढ़ रही है। DRS जैसे सिस्टम अंपायर के फैसलों को ज्यादा सटीक बनाते हैं, लेकिन इसके साथ नियमों का सही पालन भी जरूरी है।


निष्कर्ष

बांग्लादेश द्वारा रिप्ले देखने के बाद DRS लेने के आरोप को लेकर पाकिस्तान की शिकायत ने क्रिकेट जगत में नई बहस छेड़ दी है। अब सबकी नजर ICC के फैसले पर है कि इस मामले में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।

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