इस प्रस्तावित पुनर्गठन का उद्देश्य अधिक स्पष्ट और केंद्रित परिचालन संरचनाएं तैयार करना है। योजना के अनुसार, पावरट्रेन (Powertrain) निर्माण गतिविधि को रेनो ग्रुप इंडिया के भीतर एक समर्पित पावरट्रेन इकाई के रूप में व्यवस्थित किया जाएगा, जबकि वाहन निर्माण और बिक्री कार्यों को एक एकीकृत परिचालन संरचना के तहत लाया जाएगा।
यह पुनर्गठन व्यवसायों की विशिष्ट औद्योगिक और परिचालन आवश्यकताओं को दर्शाता है। इसका उद्देश्य भारत में रेनो की दीर्घकालिक व्यापार रणनीति को मजबूती प्रदान करना है, जिसमें भारत को एक प्रमुख विनिर्माण और निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करना शामिल है। कंपनी का लक्ष्य वर्ष 2030 तक सालाना 2 बिलियन यूरो तक का निर्यात हासिल करना है।
प्रस्तावित परिवर्तनों से व्यावसायिक गतिविधियों में कोई व्यवधान नहीं आएगा। इसका कर्मचारियों, ग्राहकों, डीलरों, आपूर्तिकर्ताओं या भागीदारों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। रोजगार की शर्तें, सेवा निरंतरता और मौजूदा संबंध अपरिवर्तित रहेंगे और व्यवसाय हमेशा की तरह सामान्य रूप से जारी रहेगा। भागीदारों के प्रति प्रतिबद्धताओं सहित सभी मौजूदा विनिर्माण, आपूर्ति और सेवा प्रतिबद्धताएं यथावत बनी रहेंगी।
रेनो ग्रुप इंडिया एक प्रमुख बाजार और विनिर्माण केंद्र के रूप में भारत के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस प्रक्रिया के आगे बढ़ने के साथ सभी हितधारकों के साथ पारदर्शी संवाद जारी रखेगा।