खनन के जाने-माने ग्रुप वेदांता लिमिटेड के शेयर की कीमतें पिछले एक साल में दोगुना हो गई हैं, क्योंकि डीमर्जर की उम्मीदों और स्थिर वित्तीय परफोर्मेन्स के बीच निवेशकों ने बड़ा दांव लगाया है।
स्टॉक एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक 30 अप्रैल 2025 और इस साल 29 अप्रैल के बीच वेदांता के शेयर 84.5 फीसदी बढ़े हैं, जो बीएसई के बेचंमार्क सेंसेक्स की तुलना में कहीं बेहतर प्रदर्शन है, जिसमें इसी अवधि के दौरान 3 फीसदी से अधिक गिरावट आई है।
रैली के दौरान वेदांता के शेयर 52 सप्ताह के सर्वोच्च स्तर -रु 794.90 पर पहुंच गए, जिससे बीएसई पर कंपनी का मार्केट कैपिटलाइज़ेशन रु 1.38 लाख करोड़ बढ़ गया है।
कंपनी के बोर्ड ने पहले 1 मई से प्रभावी होने वाले डीमर्जर को मंजूरी दी थी, जिससे पाँच स्वतंत्र और सेक्टर-विशिष्ट कारोबारों का मार्ग प्रशस्त हुआ है। इस पुनर्गठन का उद्देश्य हर परिणामी कारोबार को अपनी खुद की विकास रणनीति पर काम करने और बड़ी संख्या में निवेशकों को आकर्षित करने में सक्षम बनाना है।
जिन शेयरधारकों के पास 29 अप्रैल तक वेदांता का एक शेयर था, उन्हें बनने वाली नई कंपनियों के चार अतिरिक्त शेयर मिलेंगे।
कंपनी के शेयर 30 अप्रैल को डी-मर्जर के बाद ट्रेड हुए।
एमके ग्लोबल फाइनैंशियल सर्विसेज़ लिमिटेड के अनुसार हमारा मानना है कि यह डीमर्जर शेयरधारकों के लिए मूल्य बढ़ाने वाला एक अहम कदम होगा।
कंपनी ने आगे कहा, इस डीमर्जर से दो तरीकों से फायदा होने की उम्मीद हैः 1) संभावित वैल्यूएशन री-रेटिंग - क्योंकि आमतौर पर डाइवर्सिफाइड माइनर्स के मुकाबले प्योर-प्ले कंपनियों को ज़्यादा वैल्यू मिलती है और 2) हर बिजनेस के लिए खास तौर पर बनी मैनेजमेंट टीमों की मदद से बेहतर पूंजी आवंटन।
वेदांता ने पहले कहा था कि इस डी-मर्जर से कंपनी की कॉर्पोरेट संरचना को आसान बनाने में मदद मिलेगी, जिसमें सेक्टर-केंद्रित स्वतंत्र बिजनेस शामिल होंगे। साथ ही, इससे ग्लोबल निवेशकों - जिनमें सॉवरेन वेल्थ फंड, रिटेल निवेशक और रणनीतिक निवेशक शामिल हैं - को वेदांता की विश्व-स्तरीय संपत्तियों के जरिए भारत की विकास यात्रा से जुड़ी प्योर-प्ले कंपनियों में निवेश करने के मौके मिलेंगे।
यह परिणामी कारोबारों को अपनी योजनाओं को स्वतन्त्रतापूर्वक आगे बढ़ाने और ग्राहकों के निवेश एवं अंतिम बाजारों के साथ बेहतर तालमेल बनाने के लिए प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराएगा।
इस डीमर्जर के तहत, वेदांता ने चारों संगठनों को अलग से सूचीबद्ध करने की योजना बनाई हैः वेदांता एलुमिनियम मैटल लिमिटेड (वीएएमएल), तलवंडी साबो पावर लिमिटेड (टीएसपीएल), माल्को एनर्जी लिमिटेड (एमईएल), और वेदांता आयरन एंड स्टील लिमिटेड (वीआईएसएल)।
कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी ने बुधवार को बताया कि वेदांता अगले सप्ताह अपने अलग हुए संगठनों की लिस्टिंग की मंजूरी के लिए स्टॉक एक्सचेंजों में आवेदन करेगी। उम्मीद है कि शेयर जून के मध्य तक सूचीबद्ध हो जाएँगे और उनकी ट्रेडिंग शुरू हो जाएगी।
बुधवार को वेदांता लिमिटेड ने मार्च 2026 को समाप्त होने वाली तिमाही में अपने समेकित लाभ (टैक्स के बाद) में 89 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, जो 9,352 करोड़ रुपये रहा। दुनिया भर में धातु की कीमतों में बढ़ोतरी के साथ बिक्री की मात्रा में बढ़ोतरी और रुपये की विनिमय दर में आई कमजोरी इसका कारण रहा।
पिछले साल की समान अवधि में, अनिल अग्रवाल के नेतृत्व वाली इस कंपनी ने 4,961 करोड़ रुपये का समेकित लाभ (टैक्स के बाद) दर्ज किया था।
ताजा चौथी तिमाही के दौरान परिचालन से होने वाला राजस्व भी 29 प्रतिशत बढ़कर 51,524 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले 39,789 करोड़ रुपये था।
मोतीलाल ओसवाल फाइनैंशियल सर्विसेज लिमिटेड की एक रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 26 की चौथी तिमाही में वेदांता का प्रदर्शन काफी हद तक उम्मीद के मुताबिक ही रहा, जिसे बिक्री की बेहतर मात्रा और एलएमई की अनुकूल कीमतों का समर्थन मिला।
वेदांता लिमिटेड धातु, तेल, गैस, महत्वपूर्ण खनिज, बिजली और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में दुनिया की अग्रणी उत्पादक कंपनी है।