गुरूग्राम: होम क्रेडिट इंडिया, एक प्रमुख कंज्यूमर फाइनेंस
कंपनी, ने आज
अपने नए एकीकृत ब्रांड कैंपेन #लोन मिलेगा को लॉन्च करने की घोषणा की है। सांस्कृतिक रूप
से जुड़े हुए पंचलाइन—“ज़रूरत चाहे जो भी हो, #लोन मिलेगा” पर
आधारित यह अभियान, परिवारों को सुलभ, पारदर्शी
और सुविधाजनक फाइनेंसिंग समाधान देकर सशक्त बनाने की होम क्रेडिट की प्रतिबद्धता
को मजबूत करता है। साथ ही, यह ब्रांड के मूल सिद्धांत #जिंदगी हिट को भी जीवंत करता है।
यह अभियान अब यूट्यूब पर लाइव हो चुका है और AVs के लिंक नीचे दिए गए हैं:
ड्रामा के पीछे का नजरिया
इस अभियान के केंद्र में
एक अनूठा भारतीय नज़रिया छिपा है: हर बड़े वित्तीय फैसले को अक्सर बारीक
जांच-पड़ताल, बिना
मांगी सलाहों और अंतहीन पारिवारिक बहसों का सामना करना पड़ता है, जो अचानक एक पूरे अदालती ड्रामे का रूप ले लेती हैं। चाहे दोपहिया वाहन
खरीदना हो, होम अप्लायंस को अपग्रेड करना हो, छुट्टियों की योजना बनानी हो या पारिवारिक व्यवसाय को फिर से शुरू करना हो,
परिवार की राय की 'अदालत' में अक्सर इच्छाओं और आकांक्षाओं पर ही 'मुकदमा'
चलने लगता है।
चार शॉर्ट फिल्म्स के
माध्यम से, होम
क्रेडिट ने फैसला लेते समय घरों में होने वाले तकरार के इन जाने-पहचाने पलों को
मजाकिया अंदाज में पेश किया है। यह #लोन मिलेगा कैपेन होम क्रेडिट की त्वरित, डिजिटल रूप से सक्षम
और उपभोक्ता-अनुकूल ऋण मंजूरियों को एक ऐसे अंतिम समाधान के रूप में दिखाता है जो
परिवार की हिचकिचाहट को दूर करता है, और जीवन को आत्मविश्वास
के साथ आगे बढ़ने का रास्ता देता है।
कैंपेन की रूपरेखा
यह कैंपेन जीवन के अलग-अलग पड़ावों पर खड़े लोगों से जुड़े
चार ऐसे दृश्यों को जीवंत करता है, जिनसे हर कोई जुड़ाव महसूस कर सकता है। एक
युवा कामकाजी प्रोफेशनल खुद को बाइक खरीदने के अपने फैसले का बचाव करते हुए पाता
है। एक कामकाजी महिला को एक पुराने एयर कंडीशनर को बदलने के लिए भावनात्मक तर्कों
का सामना करना पड़ता है, जिसे परिवार एक अनमोल विरासत मानता
है। शादी के बंधन में बंधने जा रहे एक पुरुष से शादी से पहले यात्रा करने की इच्छा
पर सवाल उठाए जाते हैं, जबकि पारिवारिक व्यवसाय को फिर से
शुरू करने के लिए अपनी संपत्ति का उपयोग करने की एक मां की योजना रिश्तेदारों के
बीच नाटकीय कयासों को जन्म दे देती है।
हर एपिसोड में, जो शुरुआत एक बढ़ा-चढ़ाकर दिखाए गए
पारिवारिक अदालती ड्रामे के रूप में होती है, उसका अंत एक अनोखे
निष्कर्ष के साथ होता है जब मुख्य पात्र आसानी से होम क्रेडिट के माध्यम से
फाइनेंस की सुविधा प्राप्त कर लेता है। जैसे ही लोन बिना किसी परेशानी के मंजूर
होता है, सारे विरोध खत्म हो जाते हैं, परिवार के सदस्य अपनी राय बदल लेते हैं और इच्छाएं हकीकत में बदल जाती
हैं। प्रत्येक फिल्म का अंत जीवन के आगे बढ़ने की एक सुंदर दृश्य प्रस्तुति के साथ
होता है, जो हर #जिंदगी हिट बनाने के होम क्रेडिट के ब्रांड फिलॉसफी
को और मजबूत करता है।
अभियान के बारे में बात
करते हुए, होम
क्रेडिट इंडिया के चीफ मार्केटिंग एंड पीपल ऑफिसर, आशीष
तिवारी ने कहा: "वित्तीय आकांक्षाओं के साथ अक्सर
हिचकिचाहट भी जुड़ी होती है, न केवल खुद व्यक्ति के मन में
बल्कि उनके आस-पास के लोगों में भी। #लोन मिलेगा के साथ, हम 'घर अदालत'
की बार-बार दिखने वाली दुनिया में सेट की गई चार फिल्मों की एक
सीरीज़ के माध्यम से, इस यूनिवर्सल भारतीय पारिवारिक स्थिति
को हल्के-फुल्के और मनोरंजक अंदाज में पेश करना चाहते थे। यह कैंपेन दर्शाता है कि
कैसे जिम्मेदारी से मिलने वाला लोन उपभोक्ताओं को संदेह से बाहर निकलने और अपने
लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में आत्मविश्वास से अगला कदम बढ़ाने में मदद कर
सकता है। घरेलू ड्रामे को खत्म करके, होम क्रेडिट एक
भरोसेमंद साथी के रूप में खड़ा है, जो लाखों भारतीयों को
आत्मविश्वास से 'मैं यह कर सकता हूँ' कहने
और अपनी #जिंदगी हिट बनाने में
मदद कर रहा है।"
#लोन
मिलेगा अभियान
की शुरुआत के साथ, होम
क्रेडिट इंडिया एक फुल-पोर्टफोलियो फाइनेंशियल इनेबलर के रूप में अपनी स्थिति को
मजबूत करता है, जो दोपहिया वाहन और पर्सनल लोन से लेकर
कंज्यूमर ड्यूरेबल फाइनेंसिंग और लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी (एलएपी) तक के अनुकूलित
उपभोक्ता समाधान प्रदान करता है।