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रम लवर्स के लिए बुरी खबर? क्या वाकई बैन हो गई ओल्ड मोंक... जानें इस बड़े एक्शन का पूरा सच!

रम लवर्स के लिए बुरी खबर? क्या वाकई बैन हो गई ओल्ड मोंक... जानें इस बड़े एक्शन का पूरा सच!

नई दिल्ली : भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने गुणवत्ता मानकों के उल्लंघन के कारण ओल्ड मोंक, रॉयल चैलेंज, एंटीक्विटी ब्लू और बैगपाइपर जैसे प्रमुख ब्रांडों के चुनिंदा वेरिएंट्स की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। नियामक के अनुसार, प्रयोगशाला जांच में पाया गया कि कुछ निर्माता प्राकृतिक परिपक्वता (माचुरेशन) और पारंपरिक प्रक्रिया को दरकिनार कर उत्पादों में बाहरी कृत्रिम या 'नेचर-आइडेंटिकल' फ्लेवर जोड़ रहे थे—जैसे रम में अलग से 'रम फ्लेवर' या व्हिस्की में 'व्हिस्की फ्लेवर' मिलाना। एफएसएसएआई ने स्पष्ट किया है कि सामान्य स्वाद देने वाले तत्व (जैसे वैनिला या कॉफी) मिलाना नियमों के तहत स्वीकृत है, लेकिन न्यूट्रल स्पिरिट को छिपाने के लिए मूल शराब का फ्लेवर मिलाना अंतरराष्ट्रीय मानकों के विपरीत है और यह उपभोक्ताओं को गुमराह करता है।

इसके अलावा, एफएसएसएआई ने ओल्ड मोंक के एक वेरिएंट पर दर्ज "7 इयर्स ओल्ड ब्लेंडेड" के दावे को भी भ्रामक पाया। जांच में सामने आया कि इस मिश्रण में 95 प्रतिशत से अधिक हिस्सा बिना पके हुए न्यूट्रल स्पिरिट का था, जबकि परिपक्व (मैच्योर्ड) रम की मात्रा 5 प्रतिशत से भी कम थी। खाद्य सुरक्षा एवं मानक नियम, 2018 के तहत ब्लेंडेड स्पिरिट पर दर्ज उम्र का निर्धारण उसमें इस्तेमाल की गई सबसे कम उम्र की स्पिरिट के आधार पर होना अनिवार्य है। नियामक ने मौजूदा स्टॉक की बिक्री के लिए यह शर्त रखी है कि पैक के मुख्य भाग पर "फ्लेवर्ड स्पिरिट" के रूप में उत्पाद की वास्तविक प्रकृति का स्पष्ट उल्लेख किया जाए, जबकि भविष्य के उत्पादन के लिए बाहरी फ्लेवर के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लागू किया गया है।

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