नई दिल्ली : भारत के अग्रणी क्रिटिकल मिनरल्स, एनर्जी ट्रांज़िशन मैटल्स, ऑयल एंड गैस एवं टेक्नोलॉजी ग्रुप वेदांता लिमिटेड ने अपने इंजीनियरों के उत्कृष्ट योगदान का जश्न मनाया, जो कंपनी के संचालन एवं इनोवेशन का आधार हैं। वेदांता के 30 फीसदी से अधिक कर्मचारी इंजीनियर हैं, जो इलेक्ट्रोनिक्स, कैमिकल, पेट्रोलियम, इलेक्ट्रिकल, मैटेलर्जिकल, माइनिंग (खनन) एवं थर्मल इंजीनियरिंग से लेकर विशेष क्षेत्रों जैसे एनवायरनमेन्ट, डिज़ाइन, आर्टीफिशियल इंटेलीजेन्स, डेटा साइंस, रीन्युएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा), रोबोटिक्स में सक्रिय हैं। वे एक साथ मिलकर संचालन में उत्कृष्टता को सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक प्रयास कर रहे हैं तथा भारत के ओद्यौगिक विकास की कहानी को मजबूत बना रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि वेदांता के 30 फीसदी इंजीनियर महिलाएं हैं, जो इसके कोर उद्योगों में लिंग समावेशन को बढ़ावा देने की कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। कन्सल्टिंग फर्म अवतार द्वारा जारी एक रिपोर्ट के अनुसार मैनुफैक्चरिंग में महिलाओं की भागीदारी 3 फीसदी (कोर इंजीनियरिंग) है।
वेदांता देश के प्रतिष्ठित संस्थानों से इंजीनियरिंग प्रतिभा को अपने साथ जोड़ रही है। वित्तीय वर्ष 25 में वेदांता ने आईआईटी, एनआईटी एवं अग्रणी निजी संस्थानों, जम्मू-कश्मीर एवं उत्तर-पूर्व के संस्थानों सहित 50 प्र्रतिष्ठित कॉलेजों के 500 से अधिक इंजीनियरों को अपने साथ जोड़ा है।
साथ ही दुनिया के कुछ सबसे बड़े और सबसे आधुनिक स्मेल्टर्स, पावर प्लांट्स, कास्ट हाउसेज़ एवं खानों के साथ वेदांता ने अपने इन्फ्रास्ट्रक्चर में डिजिटल तकनीकों को अपनाया है, इन तकनीकों ने कंपनी द्वारा संचालन, निगरानी, प्रशिक्षण एवं पैमाने को नया आयाम दिया है। इनोवेशन, वेदांता के मूल्यों का आधार है। जहां आईआईओटी (इंडस्ट्रियल इंटरनेट ऑफ थिंग्स), एआई और एलआईडीएआर (लाईट डिटेक्शन एंड रेंजिंग) द्वारा पावर्ड भावी डिवाइसेज़ और ड्रोन्स रियल टाईम में प्रतिबंधित क्षेत्रों को मॉनिटर करते हैं, इनका संचालन भी देश के सबसे प्रतिभाशाली इंजीनियरों द्वारा किया जाता है।
वेदांता एलुमिनियम के इंजीनियर दुनिया के सबसे बड़े एलुमिनियम स्मेल्टर्स और विश्वस्तरीय रिफाइनरी के संचालन द्वारा भारत के एलुमिनियम उद्योग के भविष्य को नया आयाम दे रहे हैं। वेदांता के संचालन में मौजूद विशेषज्ञता, उत्कृष्ट परफोर्मेन्स तथा उच्च गुणवत्ता के एलुमिनियम उत्पादन को सुनिश्चित करती हैं। दुनिया भर के टेक्नोलॉजी प्रदाताओं, तथा उभरते टेक-स्टार्टअप के सहयोग से कंपनी नए आधुनिक समाधान लेकर आती है और सुनिश्चित करती है कि इसके कर्मचारियों को उनके डोमेन में लगातार अपस्किल किया जाए। डिजिटलीकरण, एआई और रोबोटिक्स के इनोवेशन के ज़रिए वे भारत को इस महत्वपूर्ण सेक्टर में आत्मनिर्भर बनाने में योगदान दे रहे हैं।
वेदांता की सब्सिडरी हिंदुस्तान जिंक के इंजीनियर दुनिया के कुछ सबसे आधुनिक खनन संचालन को सुनिश्चित कर रहे हैं, वे दुनिया की सबसे बड़ी भूमिगत ज़िंक खदानों और दुनिया के सबसे बड़े जिंक-लैड स्मेल्टर्स का संचालन करते हैं। टेली-रिमोट सिस्टम, एआई/एमएल, रोबोटिक्स, 3डी ज्योलोजिकल मैपिंग का उपयोग कर वे धातु के उत्पादन को नया आयाम देते हैं, इसे अधिक सुरक्षित, स्मार्ट और स्थायी बनाते हैं।
कैयर्न ऑयल एंड गैस में वेदांता के पेट्रोलियम और मैकेनिकल इंजीनियर आधुनिक डिजिटल ट्विन्स, आधुनिक ऑयल रिकवरी टेक्नोलॉजी तथा रखरखाव के लिए डिजिटल टेक को अपना कर भारत के सर्वश्रेष्ठ ऑयलफील्ड्स से प्रभावी एवं भरोसेमंद उत्पादन को सुनिश्चित कर रहे हैं। वे देश में ऊर्जा सुरक्षा को सुनिश्चित कर स्थायित्व को बढ़ावा दे रहे हैं।
वेदंता पावर की बात करें तो तीन थर्मल पावर प्लांट्स के इंजीनियर महत्वपूर्ण कार्यों जैसे कंट्रोल एवं इंस्ट्रुमेंटेशन, विद्युत उत्पादन, प्लांट की विश्वसनीयता को सुनिश्चित करते हैं, जिससे राज्यों के ग्रिड के लिए चौबीसों घण्टे बिजली का उत्पादन होता है।
वेदांता के आयरन ओर कारोबार सेसा गोवा के इंजीनियर, उत्कृष्ट आयरन ओर उत्पादन को सुनिश्चित करते हैं। इसी तरह उड़ीसा के फैकोर- वेदांता का फैरोक्रोम कारोबार में इंजीनियर मैटेलर्जिकल, मैकेनिकल इलेक्ट्रिकल एवं सिविल विशेषज्ञता के ज़रिए खनन, कैप्टिव पावर में उत्कृष्टता को सुनिश्चित करते हैं।
अपने इंजीनियरिंग कार्यबल को भविष्य के लिए तैयार करने की प्रतिबद्धता ही वेदांता की सफलता का आधार हैं। कंपनी अपने इंजीनियरों को लर्निंग के अवसर प्रदान करती है। साथ ही अच्छे जॉब कंटेंट, क्षमता निर्माण गतिविधियों के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में एक्सपोज़र देकर उनके करियर के विकास को सुनिश्चित करती हैं।
नए दौर की विशेषज्ञताओं जैसे डिजिटल एनालिटिक्स, स्थायित्व, निवारक रखरखाव, आपूर्ति श्रृंखल में विश्वसनीयता, मैकट्रोनिक्स, पावर इंजीनियरिंग और ज्योकैमिकल इंजीनियरिंग- के साथ वेदांता सुनिश्चित करती है कि इसके इंजीनियर उद्योग जगत की बदलती ज़रूरतों को पूरा करने में सक्षम हों।
मिलें विकास को गति प्रदान करने वाले इंजीनियरों से
वेदांता के विभिन्न कारोबारों के इंजीनियर गर्व के साथ अपनी भूमिकाएं निभा रहे हैं। हिंदुस्तान ज़िंक की माइनिंग इंजीनियर, स्वीटी अंचलिया ने कहा, ‘‘किताबी पढ़ाई के दायरे से बढ़कर वेदांता की डिजिटल खदानों में रियल-लाईफ ऐप्लीकेशन्स को सीखना बेहतरीन अनुभव रहा है। यह देखकर अच्छा लगता है कि भारतीय उद्योग विश्वस्तरीय तकनीक की ओर अग्रसर हैं। दुनिया की सबसे बड़ी भूमिगत जिं़क खदान में काम करना, मुझे बेहतरीन अवसर और एक्सपोज़र देता है। यहां हम ऐसे इंजीनियर समाधान पाते हैं जो देश की अर्थव्यवस्था को गति प्रदान कर रहे हैं।’
एलुमिनियम बिज़नेस में ग्रेजुएट इंजीनियर ट्रेनी थॉमस जॉर्ज ने कहा, ‘‘मेरे लिए इंजीनियरिंग का अर्थ विज्ञान एवं रचनात्मकता का सदुपयोग करना और समस्याओं के समाधान के लिए व्यवहारिक समाधान पेश करना है। वेदांता में अपने पहले साल के दौरान मुझे इलेक्ट्रिकल सिस्टम एवं इंस्ट्रुमेंटेशन के इनोवेशन्स सीखने को मिले, मैंने जाना कि इंजीनियरिंग केवल मशीनों तक ही सीमित नहीं है, यह कुछ बेहतर करने के लिए है। मेरा एक अच्छा योगदान रहा- इवापोरेटिंग कूलिंग टॉवर पंप के लिए 990 किलोवॉट की मोटर को 550 किलोवॉट में अनुकूलित करना। हमने आउटपुट के साथ समझौता किए बिना ऐसा किया, 440 किलोवॉट पावर की बचत की, इससे उर्जा की खपत कम हुई, संचालन की दक्षता में सुधार हुआ, जिससे कंपनी के लिए लागत में काफी कमी आई।
आन्ध्र प्रदेश के रावा में कैयर्न ऑयल एंड गैस के एक ग्रेजुएट इंजीनियर ट्रेनी संतोष कुमार ने कहा, ‘‘मैं हमेशा से मशीनों से आकर्षित होता रहा हूं, मुझे गर्व है कि मुझे कैयर्न के ऑफशोर संचालन में शामिल होने का मौका मिला। मैकेनिकल इंजीनियरिंग से लेकर ऑयल एंड गैस तक, इस फील्ड में हर दिन मेरे लिए कुछ नया अनुभव लेकर आया। ऑफशोर लाईफ ने मुझे सिखाया है कि टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग का आधा हिस्सा है- शेष आधा हिस्सा है वे लोग जो हमारे साथ खड़े हैं, फिर चाहे मुश्किल समस्याओं को हल करने की बात हो या घर से दूर त्योहारों का जश्न मनाने की।’
भूमिगत खदानों से लेकर आधुनिक एलुमिनियम स्मेल्टर्स और थर्मल पावर प्लांट्स और ऊर्जा से भरपूर ऑयलफील्ड एवं डिजिटल उत्कृष्टता केंद्रों तक, वेदांता के इंजीनियर इनोवेशन, प्रत्यास्थता एवं लीडरशिप की कहानी लिख रहे हैं। उनकी विशेषज्ञता न सिर्फ कंपनी के संचालन को सफल बनाती है बल्कि वेदांता के स्थायी विकास एवं राष्ट्र निर्माण के दृष्टिकोण को भी समर्थन प्रदान करती है, इस तरह कंपनी में इंजीनियरों की भूमिका भारत के भविष्य को आकार दे रही है।
नई दिल्ली : भारत के अग्रणी क्रिटिकल मिनरल्स, एनर्जी ट्रांज़िशन मैटल्स, ऑयल एंड गैस एवं टेक्नोलॉजी ग्रुप वेदांता लिमिटेड ने अपने इंजीनियरों के उत्कृष्ट योगदान का जश्न मनाया, जो कंपनी के संचालन एवं इनोवेशन का आधार हैं। वेदांता के 30 फीसदी से अधिक कर्मचारी इंजीनियर हैं, जो इलेक्ट्रोनिक्स, कैमिकल, पेट्रोलियम, इलेक्ट्रिकल, मैटेलर्जिकल, माइनिंग (खनन) एवं थर्मल इंजीनियरिंग से लेकर विशेष क्षेत्रों जैसे एनवायरनमेन्ट, डिज़ाइन, आर्टीफिशियल इंटेलीजेन्स, डेटा साइंस, रीन्युएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा), रोबोटिक्स में सक्रिय हैं। वे एक साथ मिलकर संचालन में उत्कृष्टता को सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक प्रयास कर रहे हैं तथा भारत के ओद्यौगिक विकास की कहानी को मजबूत बना रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि वेदांता के 30 फीसदी इंजीनियर महिलाएं हैं, जो इसके कोर उद्योगों में लिंग समावेशन को बढ़ावा देने की कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। कन्सल्टिंग फर्म अवतार द्वारा जारी एक रिपोर्ट के अनुसार मैनुफैक्चरिंग में महिलाओं की भागीदारी 3 फीसदी (कोर इंजीनियरिंग) है।
वेदांता देश के प्रतिष्ठित संस्थानों से इंजीनियरिंग प्रतिभा को अपने साथ जोड़ रही है। वित्तीय वर्ष 25 में वेदांता ने आईआईटी, एनआईटी एवं अग्रणी निजी संस्थानों, जम्मू-कश्मीर एवं उत्तर-पूर्व के संस्थानों सहित 50 प्र्रतिष्ठित कॉलेजों के 500 से अधिक इंजीनियरों को अपने साथ जोड़ा है।
साथ ही दुनिया के कुछ सबसे बड़े और सबसे आधुनिक स्मेल्टर्स, पावर प्लांट्स, कास्ट हाउसेज़ एवं खानों के साथ वेदांता ने अपने इन्फ्रास्ट्रक्चर में डिजिटल तकनीकों को अपनाया है, इन तकनीकों ने कंपनी द्वारा संचालन, निगरानी, प्रशिक्षण एवं पैमाने को नया आयाम दिया है। इनोवेशन, वेदांता के मूल्यों का आधार है। जहां आईआईओटी (इंडस्ट्रियल इंटरनेट ऑफ थिंग्स), एआई और एलआईडीएआर (लाईट डिटेक्शन एंड रेंजिंग) द्वारा पावर्ड भावी डिवाइसेज़ और ड्रोन्स रियल टाईम में प्रतिबंधित क्षेत्रों को मॉनिटर करते हैं, इनका संचालन भी देश के सबसे प्रतिभाशाली इंजीनियरों द्वारा किया जाता है।
वेदांता एलुमिनियम के इंजीनियर दुनिया के सबसे बड़े एलुमिनियम स्मेल्टर्स और विश्वस्तरीय रिफाइनरी के संचालन द्वारा भारत के एलुमिनियम उद्योग के भविष्य को नया आयाम दे रहे हैं। वेदांता के संचालन में मौजूद विशेषज्ञता, उत्कृष्ट परफोर्मेन्स तथा उच्च गुणवत्ता के एलुमिनियम उत्पादन को सुनिश्चित करती हैं। दुनिया भर के टेक्नोलॉजी प्रदाताओं, तथा उभरते टेक-स्टार्टअप के सहयोग से कंपनी नए आधुनिक समाधान लेकर आती है और सुनिश्चित करती है कि इसके कर्मचारियों को उनके डोमेन में लगातार अपस्किल किया जाए। डिजिटलीकरण, एआई और रोबोटिक्स के इनोवेशन के ज़रिए वे भारत को इस महत्वपूर्ण सेक्टर में आत्मनिर्भर बनाने में योगदान दे रहे हैं।
वेदांता की सब्सिडरी हिंदुस्तान जिंक के इंजीनियर दुनिया के कुछ सबसे आधुनिक खनन संचालन को सुनिश्चित कर रहे हैं, वे दुनिया की सबसे बड़ी भूमिगत ज़िंक खदानों और दुनिया के सबसे बड़े जिंक-लैड स्मेल्टर्स का संचालन करते हैं। टेली-रिमोट सिस्टम, एआई/एमएल, रोबोटिक्स, 3डी ज्योलोजिकल मैपिंग का उपयोग कर वे धातु के उत्पादन को नया आयाम देते हैं, इसे अधिक सुरक्षित, स्मार्ट और स्थायी बनाते हैं।
कैयर्न ऑयल एंड गैस में वेदांता के पेट्रोलियम और मैकेनिकल इंजीनियर आधुनिक डिजिटल ट्विन्स, आधुनिक ऑयल रिकवरी टेक्नोलॉजी तथा रखरखाव के लिए डिजिटल टेक को अपना कर भारत के सर्वश्रेष्ठ ऑयलफील्ड्स से प्रभावी एवं भरोसेमंद उत्पादन को सुनिश्चित कर रहे हैं। वे देश में ऊर्जा सुरक्षा को सुनिश्चित कर स्थायित्व को बढ़ावा दे रहे हैं।
वेदंता पावर की बात करें तो तीन थर्मल पावर प्लांट्स के इंजीनियर महत्वपूर्ण कार्यों जैसे कंट्रोल एवं इंस्ट्रुमेंटेशन, विद्युत उत्पादन, प्लांट की विश्वसनीयता को सुनिश्चित करते हैं, जिससे राज्यों के ग्रिड के लिए चौबीसों घण्टे बिजली का उत्पादन होता है।
वेदांता के आयरन ओर कारोबार सेसा गोवा के इंजीनियर, उत्कृष्ट आयरन ओर उत्पादन को सुनिश्चित करते हैं। इसी तरह उड़ीसा के फैकोर- वेदांता का फैरोक्रोम कारोबार में इंजीनियर मैटेलर्जिकल, मैकेनिकल इलेक्ट्रिकल एवं सिविल विशेषज्ञता के ज़रिए खनन, कैप्टिव पावर में उत्कृष्टता को सुनिश्चित करते हैं।
अपने इंजीनियरिंग कार्यबल को भविष्य के लिए तैयार करने की प्रतिबद्धता ही वेदांता की सफलता का आधार हैं। कंपनी अपने इंजीनियरों को लर्निंग के अवसर प्रदान करती है। साथ ही अच्छे जॉब कंटेंट, क्षमता निर्माण गतिविधियों के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में एक्सपोज़र देकर उनके करियर के विकास को सुनिश्चित करती हैं।
नए दौर की विशेषज्ञताओं जैसे डिजिटल एनालिटिक्स, स्थायित्व, निवारक रखरखाव, आपूर्ति श्रृंखल में विश्वसनीयता, मैकट्रोनिक्स, पावर इंजीनियरिंग और ज्योकैमिकल इंजीनियरिंग- के साथ वेदांता सुनिश्चित करती है कि इसके इंजीनियर उद्योग जगत की बदलती ज़रूरतों को पूरा करने में सक्षम हों।
मिलें विकास को गति प्रदान करने वाले इंजीनियरों से
वेदांता के विभिन्न कारोबारों के इंजीनियर गर्व के साथ अपनी भूमिकाएं निभा रहे हैं। हिंदुस्तान ज़िंक की माइनिंग इंजीनियर, स्वीटी अंचलिया ने कहा, ‘‘किताबी पढ़ाई के दायरे से बढ़कर वेदांता की डिजिटल खदानों में रियल-लाईफ ऐप्लीकेशन्स को सीखना बेहतरीन अनुभव रहा है। यह देखकर अच्छा लगता है कि भारतीय उद्योग विश्वस्तरीय तकनीक की ओर अग्रसर हैं। दुनिया की सबसे बड़ी भूमिगत जिं़क खदान में काम करना, मुझे बेहतरीन अवसर और एक्सपोज़र देता है। यहां हम ऐसे इंजीनियर समाधान पाते हैं जो देश की अर्थव्यवस्था को गति प्रदान कर रहे हैं।’
एलुमिनियम बिज़नेस में ग्रेजुएट इंजीनियर ट्रेनी थॉमस जॉर्ज ने कहा, ‘‘मेरे लिए इंजीनियरिंग का अर्थ विज्ञान एवं रचनात्मकता का सदुपयोग करना और समस्याओं के समाधान के लिए व्यवहारिक समाधान पेश करना है। वेदांता में अपने पहले साल के दौरान मुझे इलेक्ट्रिकल सिस्टम एवं इंस्ट्रुमेंटेशन के इनोवेशन्स सीखने को मिले, मैंने जाना कि इंजीनियरिंग केवल मशीनों तक ही सीमित नहीं है, यह कुछ बेहतर करने के लिए है। मेरा एक अच्छा योगदान रहा- इवापोरेटिंग कूलिंग टॉवर पंप के लिए 990 किलोवॉट की मोटर को 550 किलोवॉट में अनुकूलित करना। हमने आउटपुट के साथ समझौता किए बिना ऐसा किया, 440 किलोवॉट पावर की बचत की, इससे उर्जा की खपत कम हुई, संचालन की दक्षता में सुधार हुआ, जिससे कंपनी के लिए लागत में काफी कमी आई।
आन्ध्र प्रदेश के रावा में कैयर्न ऑयल एंड गैस के एक ग्रेजुएट इंजीनियर ट्रेनी संतोष कुमार ने कहा, ‘‘मैं हमेशा से मशीनों से आकर्षित होता रहा हूं, मुझे गर्व है कि मुझे कैयर्न के ऑफशोर संचालन में शामिल होने का मौका मिला। मैकेनिकल इंजीनियरिंग से लेकर ऑयल एंड गैस तक, इस फील्ड में हर दिन मेरे लिए कुछ नया अनुभव लेकर आया। ऑफशोर लाईफ ने मुझे सिखाया है कि टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग का आधा हिस्सा है- शेष आधा हिस्सा है वे लोग जो हमारे साथ खड़े हैं, फिर चाहे मुश्किल समस्याओं को हल करने की बात हो या घर से दूर त्योहारों का जश्न मनाने की।’
भूमिगत खदानों से लेकर आधुनिक एलुमिनियम स्मेल्टर्स और थर्मल पावर प्लांट्स और ऊर्जा से भरपूर ऑयलफील्ड एवं डिजिटल उत्कृष्टता केंद्रों तक, वेदांता के इंजीनियर इनोवेशन, प्रत्यास्थता एवं लीडरशिप की कहानी लिख रहे हैं। उनकी विशेषज्ञता न सिर्फ कंपनी के संचालन को सफल बनाती है बल्कि वेदांता के स्थायी विकास एवं राष्ट्र निर्माण के दृष्टिकोण को भी समर्थन प्रदान करती है, इस तरह कंपनी में इंजीनियरों की भूमिका भारत के भविष्य को आकार दे रही है।
नई दिल्ली : भारत के अग्रणी क्रिटिकल मिनरल्स, एनर्जी ट्रांज़िशन मैटल्स, ऑयल एंड गैस एवं टेक्नोलॉजी ग्रुप वेदांता लिमिटेड ने अपने इंजीनियरों के उत्कृष्ट योगदान का जश्न मनाया, जो कंपनी के संचालन एवं इनोवेशन का आधार हैं। वेदांता के 30 फीसदी से अधिक कर्मचारी इंजीनियर हैं, जो इलेक्ट्रोनिक्स, कैमिकल, पेट्रोलियम, इलेक्ट्रिकल, मैटेलर्जिकल, माइनिंग (खनन) एवं थर्मल इंजीनियरिंग से लेकर विशेष क्षेत्रों जैसे एनवायरनमेन्ट, डिज़ाइन, आर्टीफिशियल इंटेलीजेन्स, डेटा साइंस, रीन्युएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा), रोबोटिक्स में सक्रिय हैं। वे एक साथ मिलकर संचालन में उत्कृष्टता को सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक प्रयास कर रहे हैं तथा भारत के ओद्यौगिक विकास की कहानी को मजबूत बना रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि वेदांता के 30 फीसदी इंजीनियर महिलाएं हैं, जो इसके कोर उद्योगों में लिंग समावेशन को बढ़ावा देने की कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। कन्सल्टिंग फर्म अवतार द्वारा जारी एक रिपोर्ट के अनुसार मैनुफैक्चरिंग में महिलाओं की भागीदारी 3 फीसदी (कोर इंजीनियरिंग) है।
वेदांता देश के प्रतिष्ठित संस्थानों से इंजीनियरिंग प्रतिभा को अपने साथ जोड़ रही है। वित्तीय वर्ष 25 में वेदांता ने आईआईटी, एनआईटी एवं अग्रणी निजी संस्थानों, जम्मू-कश्मीर एवं उत्तर-पूर्व के संस्थानों सहित 50 प्र्रतिष्ठित कॉलेजों के 500 से अधिक इंजीनियरों को अपने साथ जोड़ा है।
साथ ही दुनिया के कुछ सबसे बड़े और सबसे आधुनिक स्मेल्टर्स, पावर प्लांट्स, कास्ट हाउसेज़ एवं खानों के साथ वेदांता ने अपने इन्फ्रास्ट्रक्चर में डिजिटल तकनीकों को अपनाया है, इन तकनीकों ने कंपनी द्वारा संचालन, निगरानी, प्रशिक्षण एवं पैमाने को नया आयाम दिया है। इनोवेशन, वेदांता के मूल्यों का आधार है। जहां आईआईओटी (इंडस्ट्रियल इंटरनेट ऑफ थिंग्स), एआई और एलआईडीएआर (लाईट डिटेक्शन एंड रेंजिंग) द्वारा पावर्ड भावी डिवाइसेज़ और ड्रोन्स रियल टाईम में प्रतिबंधित क्षेत्रों को मॉनिटर करते हैं, इनका संचालन भी देश के सबसे प्रतिभाशाली इंजीनियरों द्वारा किया जाता है।
वेदांता एलुमिनियम के इंजीनियर दुनिया के सबसे बड़े एलुमिनियम स्मेल्टर्स और विश्वस्तरीय रिफाइनरी के संचालन द्वारा भारत के एलुमिनियम उद्योग के भविष्य को नया आयाम दे रहे हैं। वेदांता के संचालन में मौजूद विशेषज्ञता, उत्कृष्ट परफोर्मेन्स तथा उच्च गुणवत्ता के एलुमिनियम उत्पादन को सुनिश्चित करती हैं। दुनिया भर के टेक्नोलॉजी प्रदाताओं, तथा उभरते टेक-स्टार्टअप के सहयोग से कंपनी नए आधुनिक समाधान लेकर आती है और सुनिश्चित करती है कि इसके कर्मचारियों को उनके डोमेन में लगातार अपस्किल किया जाए। डिजिटलीकरण, एआई और रोबोटिक्स के इनोवेशन के ज़रिए वे भारत को इस महत्वपूर्ण सेक्टर में आत्मनिर्भर बनाने में योगदान दे रहे हैं।
वेदांता की सब्सिडरी हिंदुस्तान जिंक के इंजीनियर दुनिया के कुछ सबसे आधुनिक खनन संचालन को सुनिश्चित कर रहे हैं, वे दुनिया की सबसे बड़ी भूमिगत ज़िंक खदानों और दुनिया के सबसे बड़े जिंक-लैड स्मेल्टर्स का संचालन करते हैं। टेली-रिमोट सिस्टम, एआई/एमएल, रोबोटिक्स, 3डी ज्योलोजिकल मैपिंग का उपयोग कर वे धातु के उत्पादन को नया आयाम देते हैं, इसे अधिक सुरक्षित, स्मार्ट और स्थायी बनाते हैं।
कैयर्न ऑयल एंड गैस में वेदांता के पेट्रोलियम और मैकेनिकल इंजीनियर आधुनिक डिजिटल ट्विन्स, आधुनिक ऑयल रिकवरी टेक्नोलॉजी तथा रखरखाव के लिए डिजिटल टेक को अपना कर भारत के सर्वश्रेष्ठ ऑयलफील्ड्स से प्रभावी एवं भरोसेमंद उत्पादन को सुनिश्चित कर रहे हैं। वे देश में ऊर्जा सुरक्षा को सुनिश्चित कर स्थायित्व को बढ़ावा दे रहे हैं।
वेदंता पावर की बात करें तो तीन थर्मल पावर प्लांट्स के इंजीनियर महत्वपूर्ण कार्यों जैसे कंट्रोल एवं इंस्ट्रुमेंटेशन, विद्युत उत्पादन, प्लांट की विश्वसनीयता को सुनिश्चित करते हैं, जिससे राज्यों के ग्रिड के लिए चौबीसों घण्टे बिजली का उत्पादन होता है।
वेदांता के आयरन ओर कारोबार सेसा गोवा के इंजीनियर, उत्कृष्ट आयरन ओर उत्पादन को सुनिश्चित करते हैं। इसी तरह उड़ीसा के फैकोर- वेदांता का फैरोक्रोम कारोबार में इंजीनियर मैटेलर्जिकल, मैकेनिकल इलेक्ट्रिकल एवं सिविल विशेषज्ञता के ज़रिए खनन, कैप्टिव पावर में उत्कृष्टता को सुनिश्चित करते हैं।
अपने इंजीनियरिंग कार्यबल को भविष्य के लिए तैयार करने की प्रतिबद्धता ही वेदांता की सफलता का आधार हैं। कंपनी अपने इंजीनियरों को लर्निंग के अवसर प्रदान करती है। साथ ही अच्छे जॉब कंटेंट, क्षमता निर्माण गतिविधियों के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में एक्सपोज़र देकर उनके करियर के विकास को सुनिश्चित करती हैं।
नए दौर की विशेषज्ञताओं जैसे डिजिटल एनालिटिक्स, स्थायित्व, निवारक रखरखाव, आपूर्ति श्रृंखल में विश्वसनीयता, मैकट्रोनिक्स, पावर इंजीनियरिंग और ज्योकैमिकल इंजीनियरिंग- के साथ वेदांता सुनिश्चित करती है कि इसके इंजीनियर उद्योग जगत की बदलती ज़रूरतों को पूरा करने में सक्षम हों।
मिलें विकास को गति प्रदान करने वाले इंजीनियरों से
वेदांता के विभिन्न कारोबारों के इंजीनियर गर्व के साथ अपनी भूमिकाएं निभा रहे हैं। हिंदुस्तान ज़िंक की माइनिंग इंजीनियर, स्वीटी अंचलिया ने कहा, ‘‘किताबी पढ़ाई के दायरे से बढ़कर वेदांता की डिजिटल खदानों में रियल-लाईफ ऐप्लीकेशन्स को सीखना बेहतरीन अनुभव रहा है। यह देखकर अच्छा लगता है कि भारतीय उद्योग विश्वस्तरीय तकनीक की ओर अग्रसर हैं। दुनिया की सबसे बड़ी भूमिगत जिं़क खदान में काम करना, मुझे बेहतरीन अवसर और एक्सपोज़र देता है। यहां हम ऐसे इंजीनियर समाधान पाते हैं जो देश की अर्थव्यवस्था को गति प्रदान कर रहे हैं।’
एलुमिनियम बिज़नेस में ग्रेजुएट इंजीनियर ट्रेनी थॉमस जॉर्ज ने कहा, ‘‘मेरे लिए इंजीनियरिंग का अर्थ विज्ञान एवं रचनात्मकता का सदुपयोग करना और समस्याओं के समाधान के लिए व्यवहारिक समाधान पेश करना है। वेदांता में अपने पहले साल के दौरान मुझे इलेक्ट्रिकल सिस्टम एवं इंस्ट्रुमेंटेशन के इनोवेशन्स सीखने को मिले, मैंने जाना कि इंजीनियरिंग केवल मशीनों तक ही सीमित नहीं है, यह कुछ बेहतर करने के लिए है। मेरा एक अच्छा योगदान रहा- इवापोरेटिंग कूलिंग टॉवर पंप के लिए 990 किलोवॉट की मोटर को 550 किलोवॉट में अनुकूलित करना। हमने आउटपुट के साथ समझौता किए बिना ऐसा किया, 440 किलोवॉट पावर की बचत की, इससे उर्जा की खपत कम हुई, संचालन की दक्षता में सुधार हुआ, जिससे कंपनी के लिए लागत में काफी कमी आई।
आन्ध्र प्रदेश के रावा में कैयर्न ऑयल एंड गैस के एक ग्रेजुएट इंजीनियर ट्रेनी संतोष कुमार ने कहा, ‘‘मैं हमेशा से मशीनों से आकर्षित होता रहा हूं, मुझे गर्व है कि मुझे कैयर्न के ऑफशोर संचालन में शामिल होने का मौका मिला। मैकेनिकल इंजीनियरिंग से लेकर ऑयल एंड गैस तक, इस फील्ड में हर दिन मेरे लिए कुछ नया अनुभव लेकर आया। ऑफशोर लाईफ ने मुझे सिखाया है कि टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग का आधा हिस्सा है- शेष आधा हिस्सा है वे लोग जो हमारे साथ खड़े हैं, फिर चाहे मुश्किल समस्याओं को हल करने की बात हो या घर से दूर त्योहारों का जश्न मनाने की।’
भूमिगत खदानों से लेकर आधुनिक एलुमिनियम स्मेल्टर्स और थर्मल पावर प्लांट्स और ऊर्जा से भरपूर ऑयलफील्ड एवं डिजिटल उत्कृष्टता केंद्रों तक, वेदांता के इंजीनियर इनोवेशन, प्रत्यास्थता एवं लीडरशिप की कहानी लिख रहे हैं। उनकी विशेषज्ञता न सिर्फ कंपनी के संचालन को सफल बनाती है बल्कि वेदांता के स्थायी विकास एवं राष्ट्र निर्माण के दृष्टिकोण को भी समर्थन प्रदान करती है, इस तरह कंपनी में इंजीनियरों की भूमिका भारत के भविष्य को आकार दे रही है।o वेदांता के इंजीनियरों में से एक तिहाई महिलाएं हैं, जो उद्योग जगत में एक बेंचमार्क है
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वेदांता ने वित्तीय वर्ष 25
में 50 से अधिक प्रतिष्ठित कॉलेजों से 500 से अधिक इंजीनियरों को अपने साथ जोड़ा
नई दिल्ली : भारत के अग्रणी क्रिटिकल मिनरल्स,
एनर्जी ट्रांज़िशन मैटल्स,
ऑयल एंड गैस एवं टेक्नोलॉजी ग्रुप वेदांता लिमिटेड ने अपने इंजीनियरों के उत्कृष्ट योगदान का जश्न मनाया, जो कंपनी के संचालन एवं इनोवेशन का आधार हैं। वेदांता के 30 फीसदी से अधिक कर्मचारी इंजीनियर हैं, जो इलेक्ट्रोनिक्स,
कैमिकल, पेट्रोलियम, इलेक्ट्रिकल, मैटेलर्जिकल, माइनिंग
(खनन) एवं थर्मल इंजीनियरिंग से लेकर विशेष क्षेत्रों जैसे एनवायरनमेन्ट, डिज़ाइन, आर्टीफिशियल इंटेलीजेन्स, डेटा साइंस,
रीन्युएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा), रोबोटिक्स में सक्रिय हैं। वे एक साथ मिलकर संचालन में उत्कृष्टता को सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक प्रयास कर रहे हैं तथा भारत के ओद्यौगिक विकास की कहानी को मजबूत बना रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि वेदांता के 30 फीसदी इंजीनियर महिलाएं हैं, जो इसके कोर उद्योगों में लिंग समावेशन को बढ़ावा देने की कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। कन्सल्टिंग फर्म अवतार द्वारा जारी एक रिपोर्ट के अनुसार मैनुफैक्चरिंग में महिलाओं की भागीदारी 3 फीसदी (कोर इंजीनियरिंग)
है।
वेदांता देश के प्रतिष्ठित संस्थानों से इंजीनियरिंग प्रतिभा को अपने साथ जोड़ रही है। वित्तीय वर्ष 25
में वेदांता ने आईआईटी, एनआईटी एवं अग्रणी निजी संस्थानों, जम्मू-कश्मीर एवं उत्तर-पूर्व के संस्थानों सहित 50
प्र्रतिष्ठित कॉलेजों के
500 से अधिक इंजीनियरों को अपने साथ जोड़ा है।
साथ ही दुनिया के कुछ सबसे बड़े और सबसे आधुनिक स्मेल्टर्स, पावर प्लांट्स,
कास्ट हाउसेज़ एवं खानों के साथ वेदांता ने अपने इन्फ्रास्ट्रक्चर में डिजिटल तकनीकों को अपनाया है, इन तकनीकों ने कंपनी द्वारा संचालन,
निगरानी, प्रशिक्षण एवं पैमाने को नया आयाम दिया है। इनोवेशन, वेदांता के मूल्यों का आधार है। जहां आईआईओटी
(इंडस्ट्रियल इंटरनेट ऑफ थिंग्स), एआई और एलआईडीएआर (लाईट डिटेक्शन एंड रेंजिंग)
द्वारा पावर्ड भावी डिवाइसेज़ और ड्रोन्स रियल टाईम में प्रतिबंधित क्षेत्रों को मॉनिटर करते हैं, इनका संचालन भी देश के सबसे प्रतिभाशाली इंजीनियरों द्वारा किया जाता है।
वेदांता एलुमिनियम के इंजीनियर दुनिया के सबसे बड़े एलुमिनियम स्मेल्टर्स और विश्वस्तरीय रिफाइनरी के संचालन द्वारा भारत के एलुमिनियम उद्योग के भविष्य को नया आयाम दे रहे हैं। वेदांता के संचालन में मौजूद विशेषज्ञता,
उत्कृष्ट परफोर्मेन्स तथा उच्च गुणवत्ता के एलुमिनियम उत्पादन को सुनिश्चित करती हैं। दुनिया भर के टेक्नोलॉजी प्रदाताओं,
तथा उभरते टेक-स्टार्टअप के सहयोग से कंपनी नए आधुनिक समाधान लेकर आती है और सुनिश्चित करती है कि इसके कर्मचारियों को उनके डोमेन में लगातार अपस्किल किया जाए। डिजिटलीकरण,
एआई और रोबोटिक्स के इनोवेशन के ज़रिए वे भारत को इस महत्वपूर्ण सेक्टर में आत्मनिर्भर बनाने में योगदान दे रहे हैं।
वेदांता की सब्सिडरी हिंदुस्तान जिंक के इंजीनियर दुनिया के कुछ सबसे आधुनिक खनन संचालन को सुनिश्चित कर रहे हैं, वे दुनिया की सबसे बड़ी भूमिगत ज़िंक खदानों और दुनिया के सबसे बड़े जिंक-लैड स्मेल्टर्स का संचालन करते हैं। टेली-रिमोट सिस्टम, एआई/एमएल, रोबोटिक्स, 3डी ज्योलोजिकल मैपिंग का उपयोग कर वे धातु के उत्पादन को नया आयाम देते हैं, इसे अधिक सुरक्षित, स्मार्ट और स्थायी बनाते हैं।
कैयर्न ऑयल एंड गैस में वेदांता के पेट्रोलियम और मैकेनिकल इंजीनियर आधुनिक डिजिटल ट्विन्स,
आधुनिक ऑयल रिकवरी टेक्नोलॉजी तथा रखरखाव के लिए डिजिटल टेक को अपना कर भारत के सर्वश्रेष्ठ ऑयलफील्ड्स से प्रभावी एवं भरोसेमंद उत्पादन को सुनिश्चित कर रहे हैं। वे देश में ऊर्जा सुरक्षा को सुनिश्चित कर स्थायित्व को बढ़ावा दे रहे हैं।
वेदंता पावर की बात करें तो तीन थर्मल पावर प्लांट्स के इंजीनियर महत्वपूर्ण कार्यों जैसे कंट्रोल एवं इंस्ट्रुमेंटेशन,
विद्युत उत्पादन, प्लांट की विश्वसनीयता को सुनिश्चित करते हैं, जिससे राज्यों के ग्रिड के लिए चौबीसों घण्टे बिजली का उत्पादन होता है।
वेदांता के आयरन ओर कारोबार सेसा गोवा के इंजीनियर, उत्कृष्ट आयरन ओर उत्पादन को सुनिश्चित करते हैं। इसी तरह उड़ीसा के फैकोर- वेदांता का फैरोक्रोम कारोबार में इंजीनियर मैटेलर्जिकल, मैकेनिकल इलेक्ट्रिकल एवं सिविल विशेषज्ञता के ज़रिए खनन, कैप्टिव पावर में उत्कृष्टता को सुनिश्चित करते हैं।
अपने इंजीनियरिंग कार्यबल को भविष्य के लिए तैयार करने की प्रतिबद्धता ही वेदांता की सफलता का आधार हैं। कंपनी अपने इंजीनियरों को लर्निंग के अवसर प्रदान करती है। साथ ही अच्छे जॉब कंटेंट, क्षमता निर्माण गतिविधियों के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में एक्सपोज़र देकर उनके करियर के विकास को सुनिश्चित करती हैं।
नए दौर की विशेषज्ञताओं जैसे डिजिटल एनालिटिक्स, स्थायित्व, निवारक रखरखाव,
आपूर्ति श्रृंखल में विश्वसनीयता, मैकट्रोनिक्स, पावर इंजीनियरिंग और ज्योकैमिकल इंजीनियरिंग-
के साथ वेदांता सुनिश्चित करती है कि इसके इंजीनियर उद्योग जगत की बदलती ज़रूरतों को पूरा करने में सक्षम हों।
मिलें विकास को गति प्रदान करने वाले इंजीनियरों से
वेदांता के विभिन्न कारोबारों के इंजीनियर गर्व के साथ अपनी भूमिकाएं निभा रहे हैं। हिंदुस्तान ज़िंक की माइनिंग इंजीनियर, स्वीटी अंचलिया ने कहा, ‘‘किताबी पढ़ाई के दायरे से बढ़कर वेदांता की डिजिटल खदानों में रियल-लाईफ ऐप्लीकेशन्स को सीखना बेहतरीन अनुभव रहा है। यह देखकर अच्छा लगता है कि भारतीय उद्योग विश्वस्तरीय तकनीक की ओर अग्रसर हैं। दुनिया की सबसे बड़ी भूमिगत जिं़क खदान में काम करना, मुझे बेहतरीन अवसर और एक्सपोज़र देता है। यहां हम ऐसे इंजीनियर समाधान पाते हैं जो देश की अर्थव्यवस्था को गति प्रदान कर रहे हैं।’
एलुमिनियम बिज़नेस में ग्रेजुएट इंजीनियर ट्रेनी थॉमस जॉर्ज ने कहा, ‘‘मेरे लिए इंजीनियरिंग का अर्थ विज्ञान एवं रचनात्मकता का सदुपयोग करना और समस्याओं के समाधान के लिए व्यवहारिक समाधान पेश करना है। वेदांता में अपने पहले साल के दौरान मुझे इलेक्ट्रिकल सिस्टम एवं इंस्ट्रुमेंटेशन के इनोवेशन्स सीखने को मिले, मैंने जाना कि इंजीनियरिंग केवल मशीनों तक ही सीमित नहीं है, यह कुछ बेहतर करने के लिए है। मेरा एक अच्छा योगदान रहा- इवापोरेटिंग कूलिंग टॉवर पंप के लिए 990
किलोवॉट की मोटर को 550 किलोवॉट में अनुकूलित करना। हमने आउटपुट के साथ समझौता किए बिना ऐसा किया, 440 किलोवॉट पावर की बचत की, इससे उर्जा की खपत कम हुई, संचालन की दक्षता में सुधार हुआ, जिससे कंपनी के लिए लागत में काफी कमी आई।
आन्ध्र प्रदेश के रावा में कैयर्न ऑयल एंड गैस के एक ग्रेजुएट इंजीनियर ट्रेनी संतोष कुमार ने कहा, ‘‘मैं हमेशा से मशीनों से आकर्षित होता रहा हूं, मुझे गर्व है कि मुझे कैयर्न के ऑफशोर संचालन में शामिल होने का मौका मिला। मैकेनिकल इंजीनियरिंग से लेकर ऑयल एंड गैस तक, इस फील्ड में हर दिन मेरे लिए कुछ नया अनुभव लेकर आया। ऑफशोर लाईफ ने मुझे सिखाया है कि टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग का आधा हिस्सा है- शेष आधा हिस्सा है वे लोग जो हमारे साथ खड़े हैं, फिर चाहे मुश्किल समस्याओं को हल करने की बात हो या घर से दूर त्योहारों का जश्न मनाने की।’
भूमिगत खदानों से लेकर आधुनिक एलुमिनियम स्मेल्टर्स और थर्मल पावर प्लांट्स और ऊर्जा से भरपूर ऑयलफील्ड एवं डिजिटल उत्कृष्टता केंद्रों तक, वेदांता के इंजीनियर इनोवेशन,
प्रत्यास्थता एवं लीडरशिप की कहानी लिख रहे हैं। उनकी विशेषज्ञता न सिर्फ कंपनी के संचालन को सफल बनाती है बल्कि वेदांता के स्थायी विकास एवं राष्ट्र निर्माण के दृष्टिकोण को भी समर्थन प्रदान करती है, इस तरह कंपनी में इंजीनियरों की भूमिका भारत के भविष्य को आकार दे रही है।