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ब्रांड एंबेसडर से लेकर ब्रांड बिलीवर बनने तक; परिणीति चोपड़ा ने पर्दे के पीछे जाकर समझा जॉनसंस बेबी प्रोडक्ट्स के पीछे का विज्ञान

ब्रांड एंबेसडर से लेकर ब्रांड बिलीवर बनने तक; परिणीति चोपड़ा ने पर्दे के पीछे जाकर समझा जॉनसंस बेबी प्रोडक्ट्स के पीछे का विज्ञान

बॉलीवुड अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा ने जॉनसंस बेबी के रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) सेंटर और मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का 'बिहाइंड-द-साइंस' दौरा कर नवजात शिशु की त्वचा की देखभाल से जुड़े विज्ञान और सुरक्षा मानकों को करीब से देखा।

मुंबई  — लाइट्स, कैमरा, एक्शन... बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा इस बार किसी फिल्म के लिए नहीं, बल्कि जॉनसंस बेबी (Johnson’s Baby) की दुनिया को करीब से देखने के लिए पर्दे के पीछे (बिहाइंड-द-सीन) पहुंचीं। अपने 'मॉम मोड' में आते हुए और हर मां के मन में उठने वाले सवालों, आम भ्रांतियों व इसके पीछे के विज्ञान को समझने की इच्छा के साथ, परिणीति ने जॉनसंस बेबी के रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) सेंटर और मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का 'बिहाइंड-द-साइंस' दौरा किया।

हाल ही में, जॉनसंस बेबी ने अपनी नई 'मिल्क एंड राइस' (Milk & Rice) रेंज लॉन्च की है, जिसके साथ परिणीति चोपड़ा को अपना नया ब्रांड एंबेसडर घोषित किया गया है। इस परिवार से जुड़ने के बाद, किसी भी नए माता-पिता की तरह परिणीति के मन में भी शिशु की त्वचा को लेकर कई सवाल थे—जैसे कि बच्चों की त्वचा वयस्कों से कितनी अलग होती है और क्या बात जॉनसंस बेबी रेंज को शिशुओं की त्वचा के पोषण के लिए एक बेहतरीन विकल्प बनाती है।

पोषण के विज्ञान की खोज: जॉनसंस बेबी का 'डे 1 से प्राकृतिक कोमलता के लिए पोषण' का संकल्प इसके बाद प्लांट और आरएंडडी (R&D) सेंटर के दौरे, कई तरह के टेस्ट और लाइव डेमोंस्ट्रेशन (प्रदर्शन) के जरिए खोज का एक अनूठा सफर शुरू हुआ। परिणीति ने बेबी स्किन साइंस (शिशुओं की त्वचा के विज्ञान) के बारे में बहुमूल्य जानकारियां हासिल कीं और यह समझा कि बच्चों की त्वचा की देखभाल सिर्फ खान-पान के पोषण तक सीमित नहीं है। विशेषज्ञों ने बताया कि शिशुओं की नाजुक त्वचा को ऐसे सुरक्षात्मक स्किनकेयर प्रोडक्ट्स से 'पोषण देना' बेहद जरूरी है, जो उनके प्राकृतिक बैरियर (त्वचा की परत) की रक्षा और सहायता कर सकें। जॉनसंस बेबी के विशेषज्ञों ने यह भी समझाया कि मिल्क और राइस मिलकर एक 'होलसम डुओ' (बेहतरीन जोड़ी) कैसे बनते हैं; जहां मिल्क प्रोटीन त्वचा को पोषण देने के लिए जाने जाते हैं, वहीं राइस प्रोटीन प्राकृतिक कोमलता प्रदान करने में मदद करते हैं। ये सामग्रियां मिलकर जॉनसंस बेबी मिल्क एंड Rice रेंज का आधार बनती हैं, जिसे शिशु की नाजुक त्वचा को धीरे से पोषण देने, मॉइस्चराइज करने और उसकी देखभाल करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, ताकि त्वचा मुलायम, स्वस्थ और सुरक्षित रहे।

इस दौरे के दौरान, परिणीति ने जॉनसंस बेबी के बेहतरीन फॉर्मूलेशन के पीछे के विज्ञान को बेहद करीब से देखा:

  • सॉफ्टनेस और मॉइस्चराइजेशन टेस्ट: शिशु की त्वचा को दर्शाने के लिए खूबानियों (apricots) का उपयोग करते हुए, जॉनसंस बेबी के वैज्ञानिकों ने दिखाया कि कैसे मिल्क एंड राइस फॉर्मूला त्वचा को अन्य विकल्पों की तुलना में अधिक भरा हुआ (प्लम्प), मॉइस्चराइज्ड और मुलायम रखता है।

  • माइल्डनेस टेस्ट (सौम्यता की जांच): वास्तविक जीवन के विभिन्न परिदृश्यों में, जॉनसंस बेबी के उत्पादों का मूल्यांकन किया गया ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वे अलग-अलग वातावरण और पानी के प्रकारों के संपर्क में आने वाले शिशुओं के लिए पूरी तरह सुरक्षित और सौम्य बने रहें।

  • नमी बनाए रखने का टेस्ट (मॉइस्चर रिटेंशन टेस्ट): सिलिका बीड्स का उपयोग करके वैज्ञानिकों ने प्रदर्शन किया कि कैसे जॉनसंस बेबी मिल्क एंड राइस लोशन त्वचा को तुरंत हाइड्रेट करता है, जिससे शिशु की त्वचा मुलायम और आरामदायक महसूस होती है।

इस दौरे ने 100% पारदर्शिता (ट्रांसपेरेंसी) और सुरक्षा के प्रति जॉनसंस बेबी की प्रतिबद्धता को भी मजबूत किया। परिणीति ने देखा कि कैसे कंपनी हर उत्पाद के लिए बेहद सावधानी से उद्देश्यपूर्ण सामग्रियों को चुनती है। साथ ही, इस दौरान त्वचा के पीएच (pH) से जुड़ी आम भ्रांतियों को दूर किया गया और पीएच-बैलेंस्ड (pH balanced) उत्पादों को चुनने के महत्व को समझाया गया।

जॉनसंस बेबी प्लांट का दौरा करने के अपने अनुभव पर बात करते हुए अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा ने कहा, "मेरा मानना है कि माता-पिता की यह जिम्मेदारी है कि वे सोच-समझकर सही विकल्प चुनें। एक मां होने के नाते, मैं इन प्रोडक्ट्स के पीछे के विज्ञान को समझना चाहती थी और इस प्रक्रिया को खुद देखना चाहती थी, इसीलिए मैंने जॉनसंस बेबी के आरएंडडी सेंटर और मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का दौरा किया।"

उन्होंने आगे कहा, "दिनभर मैंने विशेषज्ञों से बातचीत की, प्रोडक्ट टेस्टिंग और क्वालिटी प्रोसेस को करीब से देखा और बेबी स्किन साइंस के बारे में जाना। मुझे जो बात सबसे खास लगी वो यह कि बच्चे की देखभाल सिर्फ खान-पान के पोषण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें उनकी नाजुक त्वचा को पोषण देना और उसकी रक्षा करना भी शामिल है। मैंने हाइड्रेशन के महत्व, त्वचा के पोषण में दूध और चावल जैसी चुनिंदा सामग्रियों की भूमिका और बच्चों की अनूठी जरूरतों के लिए उत्पाद तैयार करने में अपनाए जाने वाले कड़े मानकों के बारे में सीखा। मैं यहां कई सवालों के साथ आई थी, लेकिन अब पूरी स्पष्टता और आत्मविश्वास के साथ लौट रही हूं। जब सवालों के जवाब विज्ञान, विशेषज्ञता और पारदर्शिता के साथ मिलते हैं, तो संदेह की जगह भरोसा ले लेता है और व्यक्ति एक 'ब्रांड बिलीवर' बन जाता है। आज, मुझे जॉनसंस बेबी के ब्रांड एंबेसडर के रूप में इससे जुड़ने पर बेहद गर्व है।"

इस पहल पर टिप्पणी करते हुए डॉ. दिलीप त्रिपाठी (हेड, बेबी एंड वुमेन्स हेल्थ रिसर्च एंड डेवलपमेंट, केनव्यू/Kenvue) ने कहा, "जैसे-जैसे माता-पिता की उम्मीदें बदल रही हैं, पारदर्शिता, शिक्षा और भरोसा और भी महत्वपूर्ण हो गए हैं। इस पहल के माध्यम से, हमारा उद्देश्य पैरेंट्स को जॉनसंस बेबी और हमारे अग्रणी शोध, परीक्षण व वैज्ञानिक विशेषज्ञता के करीब लाना है, जो हमारे उत्पादों की नींव है। हमारी नई 'मिल्क एंड राइस' रेंज इसी प्रतिबद्धता का एक और उदाहरण है, जो शिशुओं की त्वचा के प्रति हमारी गहरी समझ और पहले दिन (डे 1) से उनकी नाजुक त्वचा को पोषण व सुरक्षा देने वाले तत्वों के महत्व को दर्शाती है।"

जॉनसंस बेबी ट्रांसपेरेंसी टूर पर परिणीति चोपड़ा के इस अनुभव को देखें—यह एक 'बिहाइंड-द-साइंस' फैक्ट्री विजिट है जो माताओं को जॉनसंस बेबी के हर पैक के पीछे छिपी गुणवत्ता, विशेषज्ञता और देखभाल के करीब लाती है, और बताती है कि यह नवजात शिशु की त्वचा के लिए एक पोषण से भरपूर विकल्प क्यों है! लिंक: https://www.instagram.com/reel/DaSrxXVNZVX/?igsh=aHphYmw5czlyMDJo

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