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अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस: नामदेव फिनवेस्ट ज़िम्मेदार ऋण के ज़रिए भारत के युवा उद्यमियों को सक्षम बनाने के प्रतिबद्ध

अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस: नामदेव फिनवेस्ट ज़िम्मेदार ऋण के ज़रिए भारत के युवा उद्यमियों को सक्षम बनाने के प्रतिबद्ध

 

मुंबई: भारत की विशाल युवा आबादी उसकी सबसे बड़ी ताकतों में से एक है। देश के युवा उद्यमी तेज़ी से नवोन्मेष कर रहे हैं, रोज़गार के नए अवसर पैदा कर रहे हैं और आर्थिक विकास को रफ्तार दे रहे हैं। टियर-2 और टियर-3 शहरों से लेकर ग्रामीण इलाकों तक, पहली बार व्यवसाय करने वालों की नई पीढ़ी टेक्नोलॉजी, डिजिटल बुनियादी ढांचे और स्थानीय रूप से उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाकर ऐसे उद्यमों का निर्माण कर रही है जिनसे समुदायिक स्तर पर बदलाव आ रहा है। उद्यमशील परितंत्र के विस्तार के साथ, समय पर और ज़िम्मेदार वित्तपोषण तक पहुंच वहनीय वृद्धि ग्रोथ के लिए ज़रूरी चीज़ बन गई है।

 

नामदेव फिनवेस्ट लिमिटेड में उभरते हुए उद्यमियों के सशक्तिकरण पर ज़ोर सिर्फ ऋण की व्यवस्था तक ही सीमित नहीं है। कंपनी औपचारिक वित्तपोषण तक पहुंच बढ़ाकर और दीर्घकालिक स्तर पर वित्तीय मजबूती प्रदान कर पहली पीढ़ी के व्यवसायियों का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है। नामदेव फिनवेस्ट अपने अनुभव और युवा ऊर्जा के अनोखे मेल के साथ, देश के टियर-2, टियर-3, ग्रामीण और अर्द्ध-शहरी इलाकों में ज़रूरतमंद उद्यमियों की ऋण की ज़रूरत को पूरी कर रही है। कंपनी अपने टेक्नोलॉजी आधारित ऋण प्लेटफॉर्म और उल्लेखनीय स्थानीय उपस्थिति के ज़रिए, उन युवा और पहली बार उद्यमशीलता से जुड़े लोगों के लिए भरोसेमंद भागीदार बन गई है, जो वहनीय व्यवसाय का निर्माण करना चाहते हैं।

नामदेव फिनवेस्ट लिमिटेड के संस्थापक और प्रबंध निदेशक, श्री जितेंद्र तंवर ने इस अवसर पर कहा "भारत के युवा न सिर्फ हमारी अर्थव्यवस्था के भविष्य को आकार दे रहे हैं बल्कि इसका निर्माण भी कर रहे हैं। देश भर में युवा व्यवसायों का निर्माण कर रहे हैं, रोज़गार पैदा कर रहे हैं तथा आर्थिक तरक्की कर रहे हैं और वे अमूमन ऐसे समुदायों से आते हैं जिनकी पारंपरिक रूप से औपचारिक वित्त तक सीमित पहुंच रही है। मेरी अपनी यात्रा युवा ऊर्जा और महत्वाकांक्षा की इस ताकत का प्रमाण है। मैंने अपनी उद्यमशीलता की यात्रा सिर्फ 17 साल की उम्र में शुरू की थी, जो सफल होने की ललक से प्रेरित थी, जो सिर्फ युवाओं में ही होती है। मुझे अनगिनत बैठकों, निरंतर मेहनत और दो दशक के उल्लेखनीय अनुभव के बाद अब नामदेव फिनवेस्ट को आज जैसा बनाने का मौका मिला है। एक ऐसा संगठन जिसकी 10 राज्यों में 137 से अधिक शाखाएं हैं, जिसके पास 1,750 से अधिक से ज़्यादा टीम से सदस्य हैं जिनमें उद्यमशीलता के लिए वैसा ही जुनून है।

मैंने इन 20 सालों में यह सीखा है कि अनुभव और युवा ऊर्जा एक-दूसरे के उलट नहीं, बल्कि वे एक-दूसरे के पूरक हैं। नामदेव फिनवेस्ट में, हमारे कार्यबल के 80% सदस्य 35 साल से कम आयु के है, जो नए नज़रिए, टेक्नोलॉजी की समझ और बेहिसाब जोश लेकर आए हैं। अनुभव और युवाओं के जोश का यह मेल ही हमारे संगठन को वास्तव में शक्तिशाली बनाता है। हम सिर्फ ऋण नहीं दे रहे हैं, हम अगली पीढ़ी की उम्मीदों में निवेश कर रहे हैं, ठीक वैसे ही जैसे मुझे अपनी उद्यमशीलता की यात्रा में समर्थन मिला था।

नामदेव फिनवेस्ट का मानना है कि हमारी ज़िम्मेदारी ऋण देने से कहीं अधिक है। हम यह सुनिश्चित करने में भरोसा करते हैं पात्र उद्यमियों को समय पर ज़िम्मेदार ऋण मिले, चाहे वे कहीं से भी हों। हमारे 51% से अधिक ग्राहक 35 साल से कम उम्र के युवा उद्यमी हैं, जिन्हें हमने उनके सपनों और उम्मीदों के लिए ₹1,460 करोड़ से अधिक का ऋण प्रदान किया है। हर उद्यमी जिसे उचित वित्तीय मदद मिलती है, उसमें रोज़गार पैदा करने, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने और भारत के दीर्घकालिक विकास में योगदान देने की क्षमता होती है। गौरतलब है कि हम अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस मना रहे हैं, ऐसे में हम ऐसे वित्तीय परितंत्र का निर्माण करना चाहते हैं जहां अवसर तक पहुंच की कमी से उम्मीद न टूटे।"

भारत में उद्यमशीलता का माहौल पिछले दशक में तेज़ी से बदला है। डिजिटल भुगतान, यूपीआई, ई-वाणिज्य, सोशल कॉमर्स और ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ओएनडीसी) जैसी पहलों को बड़े पैमाने पर अपनाने से व्यवसाय शुरू करने के आड़े आने वाली रुकावटें काफी कम हो गई हैं। आज, उद्यमशीलता सिर्फ बड़े शहरों के बाज़ार तक ही सीमित नहीं है। छोटे शहरों के युवा उद्यमी उपक्रमों की स्थापना कर रहे हैं, रोज़गार पैदा कर रहे हैं और स्थानीय आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

एमएसएमई क्षेत्र इस बदलाव का केंद्र बना हुआ है, जिसका भारत की जीडीपी में 30% से अधिक का योगदान है और यह क्षेत्र लाखों लोगों को रोज़गार प्रदान करता है। हालांकि, उद्यमशीलता की बढ़ती चाहत के बावजूद, कई पहली पीढ़ी के उद्यमियों के लिए औपचारिक ऋण ले पाना मुश्किल रहा है। सीमित ऋण इतिहास, कोलैटरल की कमी और ऋण लेने के अनौपचारिक स्रोत पर निर्भरता से अक्सर उनके निवेश करने, विस्तार करने और वहनीय व्यवसाय निर्माण की क्षमता प्रभावित होती है।

इन चुनौतियों से निपटने के लिए वित्तीय संस्थानों को पारंपरिक ऋण देने के तरीकों से आगे बढ़ना होगा। आज ज़िम्मेदार ऋण का मतलब है टेक्नोलॉजी-आधारित अंडरराइटिंग, तेज़ी से ऋण की मंज़ूरी और ग्राहकों के लिए सुविधा को वित्तीय साक्षरता और भरोसेमंद स्थानीय रिश्तों के साथ जोड़ना। इस सब से ऐसा परितंत्र बनता है जहां युवा उद्यमी अधिक आत्मविश्वास के साथ औपचारिक अर्थव्यवस्था में हिस्सा ले सकते हैं और अपनी दीर्घकालिक स्तर पर विकास की क्षमता का लाभ उठा सकते हैं।

नामदेव फिनवेस्ट ने 10 राज्यों में फैले अपने नेटवर्क के ज़रिए, एमएसएमई और उभरते उद्यमियों को सेवा प्रदान करने के लिए डिजिटल क्षमताओं और मज़बूत स्थानीय जुड़ाव को मिलाकर यह तरीका अपनाया है। औपचारिक ऋण को अधिक सुलभ, पारदर्शी और ग्राहकों की ज़रूरतों के हिसाब से बनाकर, कंपनी सुलभ वित्तीय पहुंच से दूर बाज़ारों में आजीविका को सहारा देने और उद्यमिता को बढ़ावा देने के प्रति प्रतिबद्ध है।

भारत विश्व की सबसे तेज़ी से वृद्धि दर्ज करती अर्थव्यवस्थाओं में से एक के तौर पर अपनी स्थिति मज़बूत कर रहा है, ऐसे में समावेशी और वहनीय विकास को आगे बढ़ाने के लिए युवा उद्यमियों को सक्षम बनाना आवश्यक होगा। ज़िम्मेदार वित्तपोषण तक पहुंच बढ़ाने, वित्तीय क्षमता को मज़बूत करने और भरोसेमंद संबंध बनाने से यह सुनिश्चित करने में मदद मिल सकती है कि भारत की अगली पीढ़ी के उद्यमियों के पास अपनी आकांक्षाओं को उद्यम में बदलने का आत्मविश्वास और संसाधन हों।

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