पूर्व भारतीय कप्तान सरदार सिंह, रानी रामपाल और अजिंदर कौर
बने अभियान का हिस्सा, भारतीय हॉकी की विरासत, जुझारूपन और लगातार बेहतरीन
परफॉरमेंस का जश्न मना
नई दिल्ली: दुनिया में बहुत कम ऐसे देश हैं, जिन्होंने हॉकी जैसे किसी
खेल पर भारत की तरह लंबे समय तक दबदबा बनाया और उसे नई शक्ल दी हो। 1928 से शुरू
हुए ओलंपिक में भारत के बेमिसाल और स्वर्णिम सफर से लेकर 1975 में वर्ल्ड कप की
ऐतिहासिक जीत तक, भारतीय हॉकी की विरासत ऐसी कहानी है जिसे बार-बार याद करना बनता
है। ऐसे में जब एक और वर्ल्ड कप शुरू हो चुका है, जेएसडब्ल्यू ग्रुप अपने प्रमुख
‘रुकना नहीं है’ अभियान को जारी रखते हुए भारत की इस समृद्ध हॉकी विरासत और हमेशा
कायम रहने वाली खेल भावना को सलाम किया है। यह फिल्म टीम इंडिया का हौसला बढ़ाती
है और खेल के कुछ सबसे बड़े राष्ट्रीय आइकन्स के साथ अतीत के पन्ने पलटती है।
इनमें पूर्व भारतीय कप्तान सरदार सिंह, पूर्व भारतीय कप्तान रानी रामपाल और 1974
की ऐतिहासिक महिला वर्ल्ड कप टीम की कप्तान श्रीमती अजिंदर कौर शामिल हैं।
इस अभियान के जरिए जेएसडब्ल्यू भारतीय हॉकी की अलग-अलग पीढ़ियों को एक साथ ला
रहा है। इसके लिए उन खिलाड़ियों की कहानियों और विरासत को सामने रखा गया है,
जिन्होंने इस खेल को आकार दिया और मौजूदा पीढ़ी को लगातार आगे बढ़ते रहने की
प्रेरणा दी। ‘रुकना नहीं है’ भारतीय हॉकी की उस कायम रहने वाली जज़्बे को सामने
लाता है और यह भरोसा जताता है कि मुश्किलें कितनी भी आएं, बेहतरीन प्रदर्शन की
कोशिश कभी नहीं रुकती।
जेएसडब्ल्यू स्पोर्ट्स के संस्थापक और निदेशक पार्थ जिंदल ने कहा, “हॉकी भारत
की खेल पहचान में गहराई से रची-बसी है और जेएसडब्ल्यू को इस बात पर गर्व है कि
हमने इस खेल और इसके खिलाड़ियों को वह पहचान दिलाने में अपनी छोटी-सी भूमिका निभाई
है, जिसके वे हकदार हैं। ‘रुकना नहीं है’ भारतीय हॉकी की शानदार विरासत का जश्न
मनाने और हमारी पुरुष और महिला टीमों के साथ मजबूती से खड़े होने का हमारा तरीका
है, क्योंकि दोनों टीमें अपने-अपने लक्ष्य हासिल करने की कोशिश में जुटी हैं। हम
दोनों टीमों को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देते हैं। पुरुष टीम 51 साल बाद वर्ल्ड कप
देश में वापस लाने की कोशिश कर रही है, जबकि महिला टीम अपना पहला वर्ल्ड कप खिताब
जीतकर इतिहास रचने का लक्ष्य लेकर मैदान में है। हमें उम्मीद है कि पूरा देश उनके
पीछे मजबूती से खड़ा होगा, उन पर भरोसा करेगा और हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाएगा।”
भारतीय पुरुष और महिला टीमों ने एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में अपने अभियान
की अच्छी शुरुआत की है। पुरुष टीम ने अपने पहले मैच में वेल्स को 3-1 से हराया और
इसके बाद पाकिस्तान पर 5-3 की जीत दर्ज कर अगले दौर में जगह बनाई। वहीं, महिला टीम
ने ओलंपिक की रजत पदक विजेता
चीन को 2-2 की बराबरी पर रोका और उसके बाद दक्षिण अफ्रीका को ऐतिहासिक 6-1 से
हराया। अब दोनों टीमें इस लय को आगे बढ़ाते हुए वर्ल्ड कप में अपने अभियान को जारी
रखना चाहती हैं।
एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय पुरुष और महिला दोनों टीमों के मैदान
में उतरने के साथ ही जेएसडब्ल्यू का यह अभियान उनकी खिताबी जीत की कोशिश पर रोशनी
डालता है। साथ ही यह प्रशंसकों को उस समृद्ध इतिहास की याद दिलाता है, जो भारत के
हर हॉकी अभियान को इतना खास बनाता है। यह अभियान सिर्फ एक ट्रॉफी जीतने की कोशिश
का जश्न नहीं है, बल्कि उस जुझारूपन, गर्व और लगातार मेहनत की भी कहानी है, जिसने हॉकी को भारत
की खेल पहचान का एक अहम हिस्सा बनाया है।