यह रणनीतिक साझेदारी भारत में उद्यमों और सरकारी संगठनों के लिए सॉवरेन और सुरक्षित सॉफ्टवेयर-एज-ए-सर्विस (SaaS) समाधान करेगी पेश; डेटा उपयोग (प्रोसेसिंग) के दौरान सुरक्षा की कमी को दूर करेगी कॉन्फिडेंशियल कंप्यूटिंग।
मुंबई : लार्सन एंड टुब्रो की अगली पीढ़ी के सॉवरेन एआई क्लाउड और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर व्यवसाय, लार्सन एंड टुब्रो व्योमा (L&T Vyoma) ने डेटा और एआई सुरक्षा क्षेत्र की अग्रणी तथा कॉन्फिडेंशियल कंप्यूटिंग (Confidential Computing) की प्रणेता अमेरिकी कंपनी फोर्टानिक्स इंक (Fortanix Inc) के साथ एक रणनीतिक साझेदारी की है। दोनों कंपनियां मिलकर भारत में उद्यमों और सरकारी संगठनों के लिए सॉवरेन, सुरक्षित सॉफ्टवेयर-एज-ए-सर्विस (SaaS) पेशकशें प्रदान करेंगी।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते उपयोग के साथ ही डेटा सॉवरेन्टी (डेटा संप्रभुता), नियामक अनुपालन (रेगुलेटरी कम्प्लायंस) और रनटाइम सुरक्षा की आवश्यकता बेहद महत्वपूर्ण हो गई है, विशेष रूप से बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं, सरकारी और स्वास्थ्य सेवा (हेल्थकेयर) जैसे विनियमित (regulated) क्षेत्रों में।
इस साझेदारी के माध्यम से, एलएंडटी व्योमा डेटा सेंटर, कंप्यूट और नेटवर्किंग सहित सॉवरेन एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रदान करेगी, जबकि फोर्टानिक्स एनवीडिया कॉन्फिडेंशियल कंप्यूटिंग (NVIDIA Confidential Computing) का लाभ उठाकर उपयोग में आने वाले डेटा और एआई वर्कलोड को सुरक्षित करेगी। यह सहयोग संगठनों को संवेदनशील डेटा को भारत की सीमाओं के भीतर सुरक्षित और अनुपालन योग्य रखते हुए, एआई और आधुनिक डेटा सेवाओं को सुरक्षित रूप से अपनाने में सक्षम बनाएगा।
साझेदारी पर टिप्पणी करते हुए, लार्सन एंड टुब्रो व्योमा के प्रबंध निदेशक (Managing Director) प्रशांत चिरंजीव जैन ने कहा: "भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को सॉवरेन इन्फ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षित एआई क्षमताओं की एक मजबूत नींव की आवश्यकता है। फोर्टानिक्स के साथ हमारी साझेदारी संगठनों को यह विश्वास दिलाती है कि वे सुरक्षा और अनुपालन के उच्चतम मानकों को पूरा करते हुए, राष्ट्रीय सीमाओं के भीतर डेटा को सुरक्षित रखकर एआई का लाभ उठा सकते हैं।"
फोर्टानिक्स इंक के सह-संस्थापक और सीईओ आनंद कश्यप ने कहा: "एआई को अपनाना धीमा नहीं हो रहा है, लेकिन संगठनों के सामने नवाचार (इन्नोवेशन) के साथ डेटा सॉवरेन्टी और सुरक्षा को संतुलित करने की चुनौती बढ़ रही है। एलएंडटी व्योमा के साथ हमारी साझेदारी विश्वसनीय बुनियादी ढांचे और कॉन्फिडेंशियल कंप्यूटिंग को एक साथ लाती है, जिससे भारत में उद्यम संवेदनशील डेटा या बौद्धिक संपदा (IP) को जोखिम में डाले बिना एआई का उपयोग कर सकेंगे।"
एनवीडिया (NVIDIA) में एंटरप्राइज एआई प्रोडक्ट्स के वाइस प्रेसिडेंट जस्टिन बोइटानो ने कहा: "एआई को अपनाने की होड़ में शामिल विनियमित उद्योगों को उन्नत एआई मॉडल विकसित करते समय डेटा सॉवरेन्टी और सुरक्षा के उच्चतम मानकों को बनाए रखने की आवश्यकता है। एनवीडिया कॉन्फिडेंशियल कंप्यूटिंग को एलएंडटी व्योमा के सॉवरेन इन्फ्रास्ट्रक्चर और फोर्टानिक्स के सुरक्षा प्लेटफॉर्म के साथ लाना भारत में मिशन-क्रिटिकल वर्कलोड को सुरक्षित रूप से तैनात और प्रबंधित करने के लिए एक विश्वसनीय आधार तैयार करता है।"
प्रोसेसिंग के दौरान डेटा सुरक्षा
पारंपरिक सुरक्षा दृष्टिकोण जहां डेटा को केवल 'स्टोरेज' (at rest) और 'ट्रांसमिशन' (in transit) के दौरान सुरक्षित रखते हैं, वहीं वे प्रोसेसिंग (उपयोग) के दौरान एक महत्वपूर्ण कमी छोड़ देते हैं। कॉन्फिडेंशियल कंप्यूटिंग हार्डवेयर-आधारित 'ट्रस्टेड एग्जीक्यूशन एनवायरनमेंट' (Trusted Execution Environments) के माध्यम से उपयोग में आने वाले डेटा को सुरक्षित करके इस कमी को पूरा करती है, जिससे संवेदनशील जानकारी गणना (computation) के दौरान भी एन्क्रिप्टेड और अभेद्य बनी रहती है।
एलएंडटी व्योमा के 'एआई फैक्ट्री' मॉडल में कॉन्फिडेंशियल एआई को एकीकृत करके, यह साझेदारी प्रोप्रायट्री आईपी (proprietary IP) को उजागर किए बिना एआई मॉडल की सुरक्षित तैनाती सुनिश्चित करती है, प्रोसेसिंग के दौरान उद्यमों और नागरिकों के संवेदनशील डेटा की रक्षा करती है, विश्वसनीय वातावरण के क्रिप्टोग्राफिक सत्यापन को सक्षम बनाती है और भारत की डेटा संप्रभुता व नियामक आवश्यकताओं का समर्थन करती है।
एलएंडटी व्योमा और फोर्टानिक्स संयुक्त रूप से सॉवरेन एआई और डेटा सुरक्षा समाधान विकसित करेंगे, विनियमित उद्योगों में को-सेलिंग (co-selling) पहलों को आगे बढ़ाएंगे और प्रूफ-ऑफ-कांसेप्ट (PoC) और प्रूफ-ऑफ-वैल्यू जुड़ाव के माध्यम से ग्राहकों को सशक्त बनाएंगे। एलएंडटी व्योमा प्रमुख भारतीय एआई मॉडल निर्माताओं के साथ जुड़ाव को भी आसान बनाएगी, जिससे सॉवरेन एआई नवाचार के लिए इकोसिस्टम मजबूत होगा।
यह साझेदारी भारत में एक सुरक्षित एआई इकोसिस्टम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो संगठनों को अपने डेटा और मॉडल पर पूर्ण नियंत्रण बनाए रखते हुए नवाचार करने में सक्षम बनाएगी।