• कुल 260 मॉन्ट्रा इलेक्ट्रिक राइनो 5538 ईवी ट्रकों में से पहली खेप के 65 ट्रकों को मॉन्ट्रा
इलेक्ट्रिक के मानेसर स्थित विनिर्माण संयंत्र से रवाना किया गया। इसके साथ ही
प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों और रणनीतिक माल ढुलाई गलियारों में चरणबद्ध तैनाती की
शुरुआत हुई।
• यह तैनाती भारत के सबसे लंबे विद्युतीकृत माल ढुलाई गलियारों में से एक की
स्थापना में मदद करेगी और शून्य-उत्सर्जन वाले भारी वाणिज्यिक परिवहन की दिशा में
देश की यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगी।
मानेसर (हरियाणा): मुरुगप्पा समूह के स्वच्छ गतिशीलता (क्लीन मोबिलिटी)
ब्रांड मॉन्ट्रा इलेक्ट्रिक ने आज अपने अत्याधुनिक मानेसर विनिर्माण संयंत्र से
राइनो 5538 ईवी हैवी-ड्यूटी इलेक्ट्रिक ट्रकों की पहली खेप को रवाना किया। इसके
साथ ही भारत के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर चरणबद्ध तैनाती की
शुरुआत हो गई।
यह पहल इस बात का संकेत है कि भारत का भारी वाणिज्यिक वाहन बाजार अब परीक्षण
(पायलट) परियोजनाओं के दौर से आगे बढ़कर व्यावसायिक स्तर पर इलेक्ट्रिक वाहनों को
अपना रहा है। बेड़े (फ्लीट) संचालक तेजी से शून्य-उत्सर्जन वाले माल ढुलाई
समाधानों को अपना रहे हैं। बढ़ती मांग को पूरा करने और टिकाऊ लॉजिस्टिक्स को
बढ़ावा देने के लिए मॉन्ट्रा इलेक्ट्रिक ने अपने राइनो प्लेटफॉर्म का उत्पादन भी
बढ़ाया है।
कठिन माल ढुलाई कार्यों के लिए तैयार किया गया राइनो 5538 ईवी उच्च प्रदर्शन,
बेहतरीन विश्वसनीयता और कम कुल परिचालन लागत (टोटल कॉस्ट ऑफ ओनरशिप) प्रदान करता
है। इसे सीमेंट, इस्पात, बुनियादी ढांचा, निर्माण सामग्री, खनन और अन्य भारी
उद्योगों की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। यह लंबी दूरी और अधिक
उपयोग वाले परिवहन कार्यों के लिए बेहतर दक्षता और प्रदर्शन उपलब्ध कराता है।
यह पहली खेप है। शेष वाहनों की तैनाती आने वाले महीनों में चरणबद्ध तरीके से
की जाएगी, जिससे विभिन्न औद्योगिक माल ढुलाई गलियारों में इलेक्ट्रिक ट्रकों का
उपयोग और मजबूत होगा।
मॉन्ट्रा इलेक्ट्रिक (टीआई क्लीन मोबिलिटी प्राइवेट लिमिटेड) के प्रबंध निदेशक
जलज गुप्ता ने कहा, "भारत का भारी माल ढुलाई
क्षेत्र एक महत्वपूर्ण बदलाव के दौर में है। ग्राहक अब इलेक्ट्रिक ट्रकों को केवल
परीक्षण के तौर पर नहीं, बल्कि अपने नियमित लॉजिस्टिक्स संचालन का हिस्सा बना रहे
हैं। इसी बदलाव के कारण हमारे मानेसर संयंत्र में व्यावसायिक स्तर पर उत्पादन बढ़ा
है। हमें गर्व है कि हम अपने ग्राहकों को ऐसे उत्पाद उपलब्ध करा रहे हैं, जो
प्रदर्शन, विश्वसनीयता और टिकाऊपन का बेहतरीन मेल हैं। हमारा लक्ष्य ऐसा इकोसिस्टम
तैयार करना है, जिससे ग्राहक पूरी विश्वास के साथ शून्य-उत्सर्जन माल ढुलाई की ओर
बढ़ सकें।"
मॉन्ट्रा इलेक्ट्रिक (आईपीएलटेक इलेक्ट्रिक प्राइवेट लिमिटेड) के सीईओ – eMHCV नवनीत
सेठी ने कहा, "इलेक्ट्रिक ट्रकों को लेकर सोच पूरी तरह बदल चुकी है। अब फ्लीट
संचालक यह नहीं पूछते कि तकनीक काम करेगी या नहीं, बल्कि यह जानना चाहते हैं कि
इसे कितनी तेजी से बड़े स्तर पर अपनाया जा सकता है। भारी माल ढुलाई में उच्च
प्रदर्शन, अधिक उपलब्धता और कम परिचालन लागत की आवश्यकता होती है। राइनो को इन्हीं
जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। यह उत्पादकता, दक्षता और कम कुल
स्वामित्व लागत का बेहतरीन संतुलन प्रदान करता है। उत्पादन बढ़ने के साथ हम देश के
विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों से बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए पूरी तरह तैयार
हैं।"
राइनो 5538 ईवी में आधुनिक इलेक्ट्रिक पावरट्रेन, स्मार्ट वाहन इंजीनियरिंग और
कनेक्टेड टेलीमैटिक्स जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग किया गया है। इसे अधिक उपयोग
वाले व्यावसायिक संचालन के लिए डिजाइन किया गया है, ताकि विभिन्न भारी-भरकम माल
ढुलाई कार्यों में बेहतर प्रदर्शन, विश्वसनीयता और परिचालन दक्षता सुनिश्चित की जा
सके।
सीमेंट, इस्पात, बुनियादी ढांचा और खनन जैसे क्षेत्रों से लगातार बढ़ते ऑर्डर
और ग्राहकों की बढ़ती स्वीकार्यता के साथ मॉन्ट्रा इलेक्ट्रिक अपने विनिर्माण,
सेवा नेटवर्क और ग्राहक सहायता प्रणाली को भी लगातार मजबूत कर रही है, ताकि बड़े
पैमाने पर फ्लीट विद्युतीकरण को गति मिल सके।
व्यवसायों के लिए अब परिचालन दक्षता और पर्यावरणीय जिम्मेदारियों के बीच
संतुलन बनाना पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। ऐसे में हैवी-ड्यूटी इलेक्ट्रिक
ट्रक मुख्यधारा की माल ढुलाई के लिए व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य विकल्प बनकर उभर
रहे हैं। मानेसर संयंत्र से यह नई खेप रवाना होना इस बात का प्रमाण है कि मॉन्ट्रा
इलेक्ट्रिक स्वदेशी नवाचार, उन्नत विनिर्माण और ग्राहक-केंद्रित मोबिलिटी समाधानों
के जरिए भारत में माल ढुलाई के विद्युतीकरण को तेज़ी से आगे बढ़ाने के लिए
प्रतिबद्ध है।