मेनू

×

खोजें

नाबार्ड ने मध्य प्रदेश में रुपये 2,606 करोड़ से अधिक की दो प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी।

नाबार्ड ने मध्य प्रदेश में रुपये 2,606 करोड़ से अधिक की दो प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी।

भोपाल: राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ने ग्रामीण आधारभूत संरचना विकास निधि (RIDF-XXXII) के अंतर्गत मध्य प्रदेश में दो प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान की है। पहली परियोजना धार जिले की "कुक्षी माइक्रो लिफ्ट सिंचाई परियोजना" है, जिसके लिए ₹1,500 करोड़ की ऋण सहायता स्वीकृत की गई है। यह परियोजना धार जिले की कुक्षी, मनावर, गंधवानी एवं दही तहसीलों के 247 गांवों में 75,000 हेक्टेयर कमांड क्षेत्र को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराएगी तथा लगभग 1.40 लाख किसानों को लाभान्वित करेगी।

दूसरी परियोजना "चिंकी-बोरास बैराज संयुक्त बहुउद्देशीय परियोजना - भाग III" है, जिसके लिए ₹1,106.04 करोड़ की ऋण सहायता स्वीकृत की गई है। यह परियोजना नरसिंहपुर, रायसेन एवं नर्मदापुरम जिलों के 145 गांवों में 50,977 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा प्रदान करेगी तथा लगभग 30,618 किसानों को लाभान्वित करेगी। परियोजना के अंतर्गत चिंकी जलविद्युत गृह (25 मेगावाट) का भी विकास किया जाएगा।

इन दोनों परियोजनाओं के माध्यम से कृषि उत्पादकता में वृद्धि, फसल विविधीकरण, जल उपयोग दक्षता में सुधार तथा किसानों की जलवायु परिवर्तन, सूखे एवं वर्षा की अनिश्चितताओं के प्रति अनुकूलन क्षमता को सुदृढ़ बनाने में सहायता मिलेगी।

वर्ष 1995 में स्थापना के बाद से, नाबार्ड ग्रामीण आधारभूत संरचना विकास निधि (RIDF), मध्य प्रदेश में ग्रामीण अवसंरचना विकास के वित्तपोषण का एक महत्वपूर्ण माध्यम रही है। आज दिनांक तक नाबार्ड द्वारा राज्य में आरआईडीएफ के अंतर्गत कुल ₹47,749 करोड़ की ऋण सहायता स्वीकृत की जा चुकी है, जिसमें से ₹38,624 करोड़ का संवितरण किया जा चुका है। इन परियोजनाओं का विस्तार कृषि, सिंचाई, ग्रामीण संपर्कता, पेयजल, सामाजिक अवसंरचना तथा अन्य ग्रामीण विकास क्षेत्रों तक है।

यह जानकारी नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक श्रीमती सी सरस्वती ने दी। उन्होंने कहा कि नाबार्ड आरआईडीएफ के माध्यम से ग्रामीण बुनियादी ढांचे के विकास का समर्थन करने, ग्रामीण भारत में समावेशी विकास और सतत विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

ADVERTISEMENT