मेनू

×

खोजें

वीआईटी भोपाल यूनिवर्सिटी को मिला ‘मध्य प्रदेश का सर्वश्रेष्ठ शैक्षणिक संस्थान 2026’ का सम्मान

वीआईटी भोपाल यूनिवर्सिटी को मिला ‘मध्य प्रदेश का सर्वश्रेष्ठ शैक्षणिक संस्थान 2026’ का सम्मान

सीहोर: वीआईटी  भोपाल यूनिवर्सिटी को महाराष्ट्र राज्य के पुणे महानगर में हुए एडैक्स अवार्ड्स 2026 के 7वें राष्ट्रीय आयोजन में शैक्षणिक अवार्ड्स श्रेणी  के तहत साल 2026 का मध्य प्रदेश का श्रेष्ठ शैक्षणिक संस्थान चुना गया है। यह पहचान यूनिवर्सिटी के उच्च शिक्षा के तरीके को दिखाती है, जिसमें तकनीक  से सीखने, शैक्षणिक  लचीलापन और छात्रों  के समग्र विकास  के मौके शामिल हैं।

 

दरअसल देश की ख्यात इंडियन प्रेन्योर मैगज़ीन द्वारा आयोजित किए गए इस वृहद आयोजन में, "द फ्यूचर यूनिवर्सिटी 2035: कैंपस कैसे दिखेंगे?" पर एक पैनल डिस्कशन के दौरान, वीआईटी भोपाल यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर, प्रो. सतीश कुमार मोढ़ ने बदलते शैक्षणिक और व्यावसायिक माहौल के लिए छात्रों  को तैयार करने में यूनिवर्सिटी की बदलती भूमिका पर बहुत बेहतर तरीके से अपनी बात रखी ।

 

उन्होंने कक्षा में सीखने  के साथ प्रैक्टिकल एप्लीकेशन को जोड़ने की अहमियत पर ज़ोर दिया, और बताया कि वीआईटी भोपाल का कोलैबोरेटिव एंड एक्टिव लर्निंग थ्रू टेक्नोलॉजी (CALTech) फ्रेमवर्क छात्रों  को हैंड्स-ऑन अनुभव के ज़रिए अपने मूल विषय  से जुड़ने के लिए बढ़ावा देता है। यूनिवर्सिटी का लचीला क्रेडिट सिस्टम भी छात्रों को अपनी पसंद और सीखने की रफ़्तार के हिसाब से अपने शैक्षणिक  रास्ते बनाने की इजाज़त देता है।

 

प्रो. मोढ़ ने आगे कहा, "वीआईटी भोपाल में, हमारा मानना है कि सीखना कन्वेंशनल क्लासरूम से आगे बढ़ना चाहिए। टेक्नोलॉजी-इनेबल्ड इंस्ट्रक्शन, लैब-बेस्ड लर्निंग और प्रैक्टिकल एप्लीकेशन के ज़रिए, हम छात्रों  को कॉन्सेप्ट्स को समझाने से लेकर उन्हें लागू करने तक बढ़ावा देते हैं। इसका मकसद सिर्फ़ विषय की जानकारी ही नहीं, बल्कि समालोचनात्मक  सोचने, समस्या को सुलझाने  और बदलती जरूरतों के हिसाब से ढलने की काबिलियत भी विकसित  करना है।"

 

उन्होंने अच्छे ग्रेजुएट्स को विकसित करने में अतिरिक्त शैक्षणिक जुड़ाव  की भूमिका पर भी ज़ोर दिया। यूनिवर्सिटी में 100 से ज़्यादा तकनीकी और संस्कृतिक क्लब हैं, जो छात्रों  को अपनी पसंद जानने, साथियों के साथ मिलकर काम करने और अपनी शैक्षणिक ज़रूरतों के साथ-साथ नेतृत्व और संगठन कौशल  विकसित करने के मौके देते हैं।

 

यूनिवर्सिटी के सबको साथ लेकर चलने वाली शिक्षा के वादे के बारे में बताते हुए, प्रो. मोढ़ ने कहा, "हमारे स्टार्स प्रोग्राम अर्थात ग्रामीण छात्रों की तरक्की में मदद  के जरिए, हम मध्य प्रदेश के 55 जिलों में से हर सरकारी स्कूल के 110 छात्रों को मुफ्त शिक्षा और पूरी मदद देते हैं, जिसमें एक लड़का और एक लड़की टॉपर होते हैं। इसमें पढ़ाई की फीस, हॉस्टल में रहने की जगह, खाना और ट्रांसपोर्टेशन शामिल है। हम यह पक्का करना चाहते हैं कि पिछड़े माहौल में रहे  छात्रों को अच्छी शिक्षा मिले और उन्हें अपनी काबिलियत को पहचानने का मौका मिले।"

 

उन्होंने आगे कहा, "अच्छी शिक्षा मिलने से छात्र के भविष्य में हमेशा के लिए फर्क पड़ सकता है। स्टार्स प्रोग्राम के ज़रिए, हमारा मकसद यह पक्का करना है कि ग्रामीण परिवेश के टैलेंटेड छात्र बिना पैसे की दिक्कतों के हायर एजुकेशन कर सकें, जो उनके सपनों में रुकावट न बने।"

 

जैसे-जैसे उच्च शिक्षा तकनीकी  में तरक्की और बदलती वर्कफोर्स की जरूरतों के हिसाब से बदल रही है, वीआईटी  भोपाल यूनिवर्सिटी का तरीका पढ़ाई में आसानी, अनुभव जनित सीखने और छात्र जुड़ाव को मिलाकर ग्रेजुएट को अलग-अलग प्रोफेशनल रास्ते अपनाने में मदद करता है।  एडैक्स अवॉर्ड्स 2026 में मिली पहचान वीआईटी भोपाल यूनिवर्सिटी की हायर एजुकेशन की बदलती जरूरतों के हिसाब से अपने एकेडमिक तरीकों को बदलने की कोशिशों को दिखाती है।

ADVERTISEMENT